कंपनी सेक्रेटरी (CS) भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (ICSI) का पेशेवर पाठ्यक्रम है — इसमें तीन स्तर हैं: CSEET (प्रवेश परीक्षा), एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम (7 पेपर) और प्रोफेशनल प्रोग्राम (7 पेपर)। ध्यान रहे: CS फाउंडेशन प्रोग्राम बंद हो चुका है; अब प्रवेश CSEET के माध्यम से होता है। नीचे 2026 का पूरा सिलेबस स्तरवार दिया गया है।
CS का काम कंपनी कानून, कंप्लायंस और गवर्नेंस से जुड़ा होता है — यही इस कोर्स की पहचान है। इसलिए इसमें लॉ-आधारित विषयों का वज़न सबसे ज़्यादा है। अगर आपकी रुचि कानून और कंपनी-प्रबंधन में है, तो CS आपके लिए सही दिशा हो सकती है। इस लेख में तीनों स्तरों का सिलेबस, प्रवेश के रास्ते, परीक्षा पैटर्न और तैयारी की रणनीति — सब कुछ एक ही जगह मिलेगा।
इस स्तर तक पहुंचने के लिए सबसे पहले ICSI के नियमों को समझ लेना ज़रूरी है, क्योंकि जून 2026 सत्र से CSEET का पूरा पैटर्न बदल गया है। पुरानी वेबसाइटों पर दिख रही जानकारी से भ्रमित न हों। नीचे दी गई हर जानकारी ICSI सिलेबस 2022 और नए CSEET पैटर्न के अनुसार है, ताकि आप शुरू से ही सही दिशा में तैयारी कर सकें।
इस पेज में:
- सबसे पहले: फाउंडेशन बंद हो चुका है
- CS कोर्स संरचना: 3 स्तर
- तीनों स्तरों की तुलना: CSEET, एक्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल
- CSEET: नया पैटर्न (जून 2026 से)
- एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम: 7 पेपर
- प्रोफेशनल प्रोग्राम: 7 पेपर
- कौन किस स्तर में प्रवेश ले सकता है
- प्री-एग्जाम टेस्ट (अनिवार्य)
- CA बनाम CS: अंतर
- तैयारी के लिए ज़रूरी बातें
- छात्रों की आम गलतियाँ
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आधिकारिक स्रोत
सबसे पहले: फाउंडेशन बंद हो चुका है
ICSI के नए नियमों के बाद फाउंडेशन प्रोग्राम में नए प्रवेश बंद हो गए हैं। अब एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम में जाने के लिए CSEET (कंपनी सेक्रेटरी एक्जीक्यूटिव एंट्रेंस टेस्ट) क्वालिफाइंग परीक्षा है। कई वेबसाइटें अभी भी “फाउंडेशन के 4 पेपर” दिखाती हैं — वह पुरानी जानकारी है, उस पर ध्यान न दें।
इस बदलाव का सीधा मतलब है कि अब CS की शुरुआत का एकमात्र रास्ता CSEET है। जो छात्र “फाउंडेशन के 4 पेपर” वाली पुरानी सूची के आधार पर नोट्स खरीद रहे हैं, वे समय और पैसा दोनों बर्बाद कर रहे हैं। CSEET का पैटर्न फाउंडेशन से अलग है — अब इसमें सब्जेक्टिव (लिखित) पेपर भी हैं, इसलिए तैयारी की शैली भी बदलनी होगी।
CS कोर्स संरचना: 3 स्तर
| स्तर | नाम | क्या है |
|---|---|---|
| 1 | CSEET | प्रवेश परीक्षा (4 दिन, 4 पेपर, 400 अंक — ऑफलाइन) |
| 2 | एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम | 7 पेपर, 2 ग्रुप |
| 3 | प्रोफेशनल प्रोग्राम | 7 पेपर (2 इलेक्टिव सहित), 2 ग्रुप |
यह ICSI सिलेबस 2022 के तहत है — एक्जीक्यूटिव में रजिस्ट्रेशन 1 फरवरी 2023 से और प्रोफेशनल में 1 अगस्त 2023 से शुरू हुआ था।
तीनों स्तरों की यह सीढ़ी क्रम से चढ़नी होती है — पहले प्रवेश परीक्षा, फिर एक्जीक्यूटिव और अंत में प्रोफेशनल। हर स्तर पिछले की नींव पर खड़ा है: CSEET में बुनियादी समझ परखी जाती है, एक्जीक्यूटिव में कंपनी कानून की गहराई आती है, और प्रोफेशनल स्तर पर छात्र विशेषज्ञता की ओर बढ़ता है। वर्तमान ढांचा ICSI सिलेबस 2022 पर आधारित है, इसलिए पढ़ाई हमेशा इसी सिलेबस के अनुसार करें। किसी स्तर को छोड़कर आगे बढ़ने का प्रावधान नहीं है — सिवाय डायरेक्ट एंट्री वालों के, जिसकी जानकारी आगे दी गई है।
तीनों स्तरों की तुलना: CSEET, एक्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल
तीनों स्तरों को एक साथ रखें तो तस्वीर साफ हो जाती है। CSEET केवल प्रवेश द्वार है — 4 दिन में 4 पेपर, कुल 400 अंक, जिनमें 3 पेपर सब्जेक्टिव (लिखित) और 1 पेपर OMR-आधारित है। एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम कोर्स का मुख्य आधार है — 2 ग्रुप में बंटे 7 पेपर, हर पेपर 100 अंक का, जिनमें Company Law, Tax Laws और Capital Market जैसे मूलभूत विषय शामिल हैं।
प्रोफेशनल प्रोग्राम सबसे विशेषज्ञता वाला स्तर है — इसमें भी 7 पेपर, 2 ग्रुप हैं, लेकिन 2 इलेक्टिव पेपर शामिल हैं जो ओपन बुक होते हैं, जैसे GST and Corporate Tax Planning या Insolvency and Bankruptcy। सरल शब्दों में: CSEET दरवाज़ा है, एक्जीक्यूटिव नींव है और प्रोफेशनल विशेषज्ञता है। जैसे-जैसे स्तर बढ़ता है, विषयों की गहराई भी बढ़ती है, इसलिए हर स्तर की तैयारी का तरीका अलग रखना चाहिए।
CSEET: नया पैटर्न (जून 2026 से)
जून 2026 सत्र से CSEET का नया (restructured) पैटर्न लागू है — ICSI की आधिकारिक घोषणा के अनुसार अब यह 4 अलग-अलग दिनों में 4 पेपर की ऑफलाइन, केंद्र-आधारित (centre-based) परीक्षा है। पुराना CBT-आधारित 200 अंक वाला पैटर्न अब समाप्त हो गया है — वाइवा-वोसे (viva-voce) भी अब नहीं है।
| दिन | पेपर | अधिकतम अंक | पैटर्न | अवधि |
|---|---|---|---|---|
| पहला दिन | Business Communication | 100 | सब्जेक्टिव (लिखित) | 3 घंटे |
| दूसरा दिन | Fundamentals of Accounting | 100 | सब्जेक्टिव (लिखित) | 3 घंटे |
| तीसरा दिन | Economic and Business Environment | 100 | सब्जेक्टिव (लिखित) | 3 घंटे |
| चौथा दिन | Business Laws and Management (Business Laws – 60 अंक, Business Management – 40 अंक) | 100 | OMR-आधारित | 2 घंटे |
| कुल | 400 | |||
- हर पेपर में कम से कम 40 प्रतिशत अंक और सभी पेपरों के कुल योग में 50 प्रतिशत अंक (अर्थात 400 में से 200 अंक) ज़रूरी हैं।
- मार्क्स की छूट (exemption) या कैरी-फॉरवर्ड का कोई प्रावधान नहीं है — सभी 4 पेपर एक ही सत्र में देने होंगे।
- OMR-आधारित पेपर (Business Laws and Management) में नेगेटिव मार्किंग नहीं है।
- हर पेपर में प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अलग समय मिलता है।
- परीक्षा अब साल में तीन बार — फरवरी, जून और अक्टूबर में होती है।
12वीं पास (किसी भी स्ट्रीम से, फाइन आर्ट्स को छोड़कर) CSEET दे सकता है।
नए पैटर्न की सबसे बड़ी बात है कि अब CSEET केवल ऑब्जेक्टिव परीक्षा नहीं रही। तीन पेपर सब्जेक्टिव यानी लिखित हैं, इसलिए सिर्फ MCQ का अभ्यास काफी नहीं होगा; उत्तर लिखने की गति और प्रस्तुति पर भी काम करना होगा। पास के नियम भी सख्त हैं — हर पेपर में अलग से 40 प्रतिशत और कुल 50 प्रतिशत अंक चाहिए, और exemption या कैरी-फॉरवर्ड न होने से चारों पेपर एक ही सत्र में पास करने होंगे। एक भी पेपर कमज़ोर रहने पर पूरा सत्र दोहराना पड़ सकता है। परीक्षा साल में तीन बार — फरवरी, जून और अक्टूबर — होती है, जिससे छात्रों को कई मौके मिलते हैं।
एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम: 7 पेपर
| ग्रुप | पेपर कोड | विषय | अंक |
|---|---|---|---|
| ग्रुप 1 | 521 | Jurisprudence, Interpretation and General Laws | 100 |
| ग्रुप 1 | 522 | Company Law and Practice | 100 |
| ग्रुप 1 | 523 | Setting Up of Business, Industrial and Labour Laws | 100 |
| ग्रुप 1 | 524 | Corporate Accounting and Financial Management | 100 |
| ग्रुप 2 | 525 | Capital Market and Securities Laws | 100 |
| ग्रुप 2 | 526 | Economic, Commercial and Intellectual Property Laws | 100 |
| ग्रुप 2 | 527 | Tax Laws & Practice | 100 |
हर पेपर 100 अंक का होता है। कुछ पेपर दो हिस्सों में बंटे हैं — जैसे Company Law and Practice में Principles & Concepts (60 अंक) और Administration & Meetings (40 अंक)।
एक्जीक्यूटिव के सातों पेपरों में कानून का प्रभुत्व साफ दिखता है — Jurisprudence, Company Law, Labour Laws, Securities Laws और Intellectual Property Laws सभी विधि-आधारित हैं, जबकि Corporate Accounting and Financial Management और Tax Laws & Practice गणना और व्यावहारिक प्रयोग से जुड़े हैं। ग्रुप 1 में मूलभूत कानूनों की नींव है, ग्रुप 2 में पूंजी बाज़ार और कर कानून जैसे विशेष क्षेत्र हैं। जिन पेपरों में दो हिस्से हैं, उनमें अंक-विभाजन के अनुपात में समय बांटना समझदारी है। यही स्तर तय करता है कि प्रोफेशनल में आपकी पकड़ कितनी मज़बूत होगी।
प्रोफेशनल प्रोग्राम: 7 पेपर
ICSI के अनुसार प्रोफेशनल में कुल 7 पेपर हैं, जिनमें 2 इलेक्टिव पेपर (ओपन बुक) शामिल हैं:
ग्रुप 1: Environmental, Social and Governance (ESG) – Principles and Practice; Drafting, Pleading and Appearances; Compliance Management, Audit and Due Diligence; Elective 1 — इन 4 में से 1 (CSR and Social Governance / Internal and Forensic Audit / IPR – Law and Practice / AI, Data Analytics and Cyber Security – Law and Practice)।
ग्रुप 2: Strategic Management and Corporate Finance; Elective 2 — इन 5 में से 1 (Arbitration, Mediation and Conciliation / GST and Corporate Tax Planning / Labour Laws and Practice / Banking and Insurance – Laws and Practice / Insolvency and Bankruptcy – Law and Practice)।
पूरी सूची ICSI के सिलेबस PDF में देखें (नीचे आधिकारिक स्रोत)।
प्रोफेशनल स्तर की बनावट एक्जीक्यूटिव से दो बातों में अलग है। पहली, यहाँ विषय अनुपालन और शासन के व्यावहारिक पक्ष पर केंद्रित हैं — ESG, Drafting, Pleading and Appearances, Compliance Management और Due Diligence जैसे विषय सीधे पेशेवर कामकाज से जुड़े हैं; छात्र को दस्तावेज़ तैयार करना और स्थितियों का विश्लेषण करना भी सीखना होता है। दूसरी, दोनों ग्रुप में इलेक्टिव पेपर ओपन बुक होते हैं — यानी रटने के बजाय सही प्रावधान खोजकर उसे स्थिति पर लागू करने की क्षमता परखी जाती है। इलेक्टिव चुनते समय केवल आसान विषय न देखें — रुचि और करियर लक्ष्य को ध्यान में रखें।
कौन किस स्तर में प्रवेश ले सकता है
| आपकी योग्यता | प्रवेश कहां |
|---|---|
| 12वीं पास (फाइन आर्ट्स को छोड़कर) | CSEET देकर एक्जीक्यूटिव में |
| ग्रेजुएट/पोस्ट-ग्रेजुएट (फाइन आर्ट्स को छोड़कर) | सीधे एक्जीक्यूटिव में (डायरेक्ट एंट्री) |
| CA फाउंडेशन पास / ICMAI | सीधे एक्जीक्यूटिव में (डायरेक्ट एंट्री) |
| एक्जीक्यूटिव पास | प्रोफेशनल में |
प्रवेश के दो स्पष्ट रास्ते हैं। पहला — 12वीं पास छात्र (फाइन आर्ट्स को छोड़कर) CSEET देकर एक्जीक्यूटिव में प्रवेश लेता है। दूसरा डायरेक्ट एंट्री का है — ग्रेजुएट या पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों को CSEET देने की ज़रूरत नहीं; यही सुविधा CA फाउंडेशन पास या ICMAI योग्यता वालों को भी मिलती है, यानी उनका एक चरण बच जाता है। एक्जीक्यूटिव पास करने के बाद ही प्रोफेशनल में प्रवेश मिलता है — इस क्रम में कोई छूट नहीं है। अपनी योग्यता के अनुसार सही प्रवेश-बिंदु पहचानना ज़रूरी है, वरना गलत स्तर पर रजिस्ट्रेशन से समय और शुल्क दोनों का नुकसान हो सकता है।
प्री-एग्जाम टेस्ट (अनिवार्य)
ICSI सिलेबस 2022 में रजिस्टर्ड एक्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल के छात्रों को परीक्षा में बैठने से पहले प्री-एग्जामिनेशन टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य है। इसके बिना परीक्षा फॉर्म नहीं भरा जा सकता।
यह छोटा-सा नियम कई छात्रों के लिए आखिरी समय में बड़ी रुकावट बन जाता है। इसे अंतिम दिनों पर टालने के बजाय रजिस्ट्रेशन के बाद जल्द पूरा कर लें, ताकि परीक्षा फॉर्म भरते समय कोई अड़चन न आए। यह शर्त एक्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल दोनों स्तरों के छात्रों पर लागू होती है।
CA बनाम CS: अंतर
| विषय | CA | CS |
|---|---|---|
| संस्था | ICAI | ICSI |
| फोकस | Accounting, audit, tax | Company law, compliance, governance |
| प्रवेश | CA फाउंडेशन / डायरेक्ट एंट्री | CSEET / डायरेक्ट एंट्री |
| मुख्य भूमिका | Auditor, tax consultant | Company Secretary, compliance officer |
CA के सिलेबस की विस्तृत जानकारी के लिए बाचेलरएडू.इन पर CA इंटर सिलेबस 2026 लेख पढ़ें।
दोनों कोर्स की तुलना करते समय सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करें। CA का केंद्र Accounting, Audit और Tax है, मुख्य भूमिका Auditor या Tax Consultant की; CS का केंद्र Company Law, Compliance और Governance है, मुख्य भूमिका Company Secretary या Compliance Officer की। संस्थाएं भी अलग हैं — CA के लिए ICAI, CS के लिए ICSI। सवाल यह नहीं है कि कौन-सा बेहतर है — सवाल यह है कि आपकी रुचि संख्याओं और ऑडिट में है या कानून और कंपनी-शासन में। प्रवेश का ढांचा दोनों में मिलता-जुलता है — प्रवेश परीक्षा या योग्यता पर डायरेक्ट एंट्री।
तैयारी के लिए ज़रूरी बातें
CS की तैयारी की रणनीति हर स्तर पर अलग रखनी होगी। CSEET में अब 3 पेपर सब्जेक्टिव हैं, इसलिए शुरुआत से ही लिखकर पढ़ने की आदत डालें — खासकर Business Communication और Accounting में प्रस्तुति ही अंक दिलाती है। ऊपर के स्तरों पर विषय-वार योजना बनाएं: कानून वाले पेपरों के लिए धाराएं, प्रावधान और केस लॉ साथ-साथ नोट करें, क्योंकि केवल सिद्धांत पढ़ने से उत्तर पूरे नहीं बनते। जिन पेपरों में दो हिस्से हैं, उनमें अंक-विभाजन के अनुपात में समय दें, और ग्रुप के सभी विषय समानांतर चलाएं — एक विषय में महीनों उलझने से बाकी पेपर पिछड़ जाते हैं। नीचे कुछ बुनियादी बातें दी गई हैं:
- CS में लॉ-हेवी पेपर हैं — धाराओं के नंबर और केस लॉ लिखने का अभ्यास करें।
- नए CSEET पैटर्न में 3 पेपर सब्जेक्टिव (लिखित) हैं — Business Communication, Accounting और Economic Environment में लिखित उत्तरों का नियमित अभ्यास करें।
- Tax Laws पेपर हर साल नवीनतम कानून के अनुसार पढ़ें, पुराने नोट्स से नहीं।
- प्री-एग्जाम टेस्ट समय पर पूरा करें, वरना परीक्षा फॉर्म रुक जाएगा।
इन सबके अलावा एक अनुशासन और ज़रूरी है — नियमित पुनरावृत्ति (रिवीजन)। कानून के विषय समय के साथ भूलते हैं, इसलिए पढ़े हुए को बार-बार दोहराना ही सफलता की कुंजी है। प्री-एग्जाम टेस्ट जैसी औपचारिकताएं भी कैलेंडर में पहले से दर्ज रखें।
छात्रों की आम गलतियाँ
पहली गलती — पुरानी जानकारी पर भरोसा करना। कई छात्र अभी भी फाउंडेशन या पुराने CBT-आधारित 200 अंक वाले CSEET पैटर्न से तैयारी शुरू कर देते हैं। फाउंडेशन बंद हो चुका है और जून 2026 से नया 4-दिन, 400 अंक वाला पैटर्न लागू है — शुरुआत से पहले नवीनतम जानकारी सुनिश्चित करें।
दूसरी गलती — लिखित अभ्यास न करना। नए CSEET में 3 पेपर सब्जेक्टिव हैं और ऊपर के स्तरों पर भी उत्तर लेखन ही आधार है। केवल पढ़कर जाने वाले छात्र समय और प्रस्तुति में पिछड़ जाते हैं।
तीसरी गलती — एक पेपर को हल्के में लेना। हर पेपर में अलग से 40 प्रतिशत अंक चाहिए और exemption नहीं है। एक कमज़ोर पेपर पूरे सत्र को दोहराने पर मजबूर कर सकता है।
चौथी गलती — Tax Laws पुराने नोट्स से पढ़ना। कर कानून हर साल बदलते हैं; पुराने संस्करण से पढ़ने पर उत्तर नवीनतम कानून से मेल नहीं खाएगा।
पांचवी गलती — प्री-एग्जाम टेस्ट टालते रहना। यह अनिवार्य है और इसके बिना परीक्षा फॉर्म नहीं भरा जा सकता — आखिरी समय की यह रुकावट तैयारी का तालमेल बिगाड़ देती है।
छठी गलती — केवल धाराएं रटना। केवल धारा-संख्या याद रखना काफी नहीं — केस लॉ के साथ उत्तर लिखने का अभ्यास ही अच्छे अंक दिलाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
CS कोर्स कितने साल का होता है?
आमतौर पर 3 से 5 साल — CSEET, एक्जीक्यूटिव, प्रोफेशनल और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग मिलाकर।
क्या 12वीं के बाद CS कर सकते हैं?
हां। 12वीं के बाद CSEET देकर एक्जीक्यूटिव में प्रवेश मिलता है।
क्या CS के लिए Maths ज़रूरी है?
नहीं। CS में लॉ और कंप्लायंस पर फोकस है; मैथ्स अनिवार्य नहीं है।
CS में डायरेक्ट एडमिशन कैसे मिलेगा?
ग्रेजुएशन (फाइन आर्ट्स को छोड़कर) के बाद सीधे एक्जीक्यूटिव में डायरेक्ट एंट्री मिलती है; CSEET देने की ज़रूरत नहीं।
क्या CS और CA साथ में कर सकते हैं?
दोनों ही डिमांडिंग कोर्स हैं — एक साथ करना व्यावहारिक रूप से बहुत कठिन है। पहले एक पर फोकस करें।
आधिकारिक स्रोत
रजिस्ट्रेशन और नवीनतम सूचनाओं के लिए हमेशा ICSI की आधिकारिक वेबसाइट (icsi.edu) देखें — विशेष रूप से “Restructured CSEET” वाली आधिकारिक घोषणा, जिसमें नया 4-दिन वाला पैटर्न विस्तार से दिया गया है।
Last Updated: 21 October 2026