दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) ने ग्रेड-दो (DASS) / सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) पदों के लिए आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा की ड्राफ्ट उत्तर कुंजी जारी कर दी है। यह कुंजी 23 अक्टूबर 2026 को जारी हुई है और अभ्यर्थी इसे DSSSB की आधिकारिक वेबसाइट dsssb.delhi.gov.in पर लॉगिन करके देख सकते हैं। अब सबसे ज़रूरी काम यह है कि अभ्यर्थी अपनी रिस्पॉन्स शीट को ड्राफ्ट कुंजी से मिलाएँ और किसी उत्तर पर आपत्ति हो तो तय समय में उसे दर्ज कराएँ।
इस लेख में पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई है — ड्राफ्ट कुंजी कैसे देखें, रिस्पॉन्स शीट से मिलान कैसे करें, आपत्ति दर्ज करने के चरण क्या हैं, और किन बातों के बारे में आधिकारिक सूचना में कुछ नहीं कहा गया है। सबसे अहम बात यह है कि आपत्ति की विंडो 28 अक्टूबर 2026 को बंद हो रही है, इसलिए यह काम टालना ठीक नहीं होगा।
एक बात शुरू में ही साफ़ कर देना ज़रूरी है: यह ड्राफ्ट कुंजी है, अंतिम कुंजी नहीं। इसका मतलब यह है कि बोर्ड ने अभी अपने उत्तर सामने रखे हैं और अभ्यर्थियों को उन पर आपत्ति जताने का मौका दिया है। आपत्तियों की जाँच के बाद जो अंतिम कुंजी आएगी, वही परिणाम के लिए मान्य होगी। इसलिए ड्राफ्ट कुंजी से मिलान करना जहाँ ज़रूरी है, वहीं आपत्ति का मौका हाथ से न जाने देना भी उतना ही ज़रूरी है।
इस पेज में:
- ड्राफ्ट कुंजी क्या है
- महत्वपूर्ण तिथियाँ
- ड्राफ्ट कुंजी कैसे देखें
- रिस्पॉन्स शीट से मिलान कैसे करें
- आपत्ति कैसे दर्ज करें
- आपत्ति से पहले ध्यान रखने वाली बातें
- अंतिम कुंजी क्या होगी
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अंतिम सलाह
ड्राफ्ट कुंजी क्या है
जब किसी बड़ी परीक्षा का आयोजन होता है, तो परीक्षा के बाद बोर्ड पहले एक अस्थायी उत्तर कुंजी जारी करता है। इसे ड्राफ्ट कुंजी या प्रोविज़नल कुंजी कहा जाता है। इसमें हर प्रश्न का वह उत्तर दिया होता है जिसे बोर्ड सही मानता है। अभ्यर्थी अपने उत्तरों की तुलना इस कुंजी से करके यह अंदाज़ा लगा सकते हैं कि उनका प्रदर्शन कैसा रहा है। लेकिन ड्राफ्ट कुंजी का असली मकसद सिर्फ़ अंदाज़ा लगाना नहीं है — इसका असली मकसद यह है कि अगर बोर्ड के किसी उत्तर में गलती रह गई हो, तो अभ्यर्थी उसे पकड़कर बोर्ड के सामने रख सकें।
ड्राफ्ट कुंजी की व्यवस्था इसीलिए बनाई गई है कि अंतिम परिणाम से पहले इन गलतियों को सुधारा जा सके। अभ्यर्थी जब आपत्ति दर्ज कराते हैं, तो बोर्ड के विशेषज्ञ उन आपत्तियों की जाँच करते हैं और जहाँ आपत्ति सही पाई जाती है, वहाँ उत्तर में सुधार किया जाता है। इसके बाद जो कुंजी जारी होती है, उसे अंतिम कुंजी कहा जाता है, और उसी के आधार पर परिणाम तैयार होता है।
इसलिए ड्राफ्ट कुंजी को देखते समय दो काम एक साथ करने चाहिए। पहला, अपने उत्तरों का मिलान करके अपनी स्थिति का ईमानदार अंदाज़ा लगाना। दूसरा, हर उस प्रश्न को ध्यान से देखना जहाँ आपको लगता है कि बोर्ड का उत्तर सही नहीं है, और उसके लिए तय प्रक्रिया से आपत्ति दर्ज कराना। सिर्फ़ मिलान करके रुक जाना आधी तैयारी है, और सिर्फ़ आपत्ति की चिंता में मिलान न करना भी ठीक नहीं है, क्योंकि मिलान से ही यह पता चलता है कि किन प्रश्नों पर आपत्ति बनती है।
इस मामले में ड्राफ्ट कुंजी कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के लिए जारी हुई है। CBT में हर उत्तर डिजिटल रूप में दर्ज होता है, इसलिए बोर्ड अभ्यर्थी को उसकी रिस्पॉन्स शीट भी दिखाता है — यानी वह सूची जिसमें हर प्रश्न के सामने आपका चुना हुआ विकल्प दर्ज होता है। दोनों को साथ देखने से मिलान आसान और भरोसेमंद हो जाता है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
पूरी प्रक्रिया की तारीखें नीचे एक तालिका में दी गई हैं — सबसे ज़्यादा ध्यान आपत्ति की अंतिम तिथि पर दें, क्योंकि उसी के बाद यह मौका बंद हो जाएगा।
| विवरण | तिथि / जानकारी |
|---|---|
| बोर्ड का नाम | दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) |
| परीक्षा का नाम | ग्रेड-दो (DASS) / सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) |
| विज्ञापन संख्या | 01/2026 |
| पोस्ट कोड | 804/26 |
| कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) | 21 सितंबर से 18 अक्टूबर 2026 तक |
| ड्राफ्ट उत्तर कुंजी जारी | 23 अक्टूबर 2026 |
| आपत्ति दर्ज करने की विंडो | 23 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 तक |
| आपत्ति दर्ज करने का माध्यम | सिर्फ़ ऑनलाइन |
| अंतिम उत्तर कुंजी | आपत्तियों की जाँच के बाद जारी होगी |
आधिकारिक सूचना का नंबर F.10(278)/Sec.Cell/DSSSB/2018/Pt.File/459 है, जो 18/09/2026 को जारी हुई थी। इसका विषय ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए ड्राफ्ट उत्तर कुंजियों का प्रदर्शन है।
पदों की संख्या के बारे में इस लेख में कोई आँकड़ा नहीं दिया जा रहा है, क्योंकि इस विषय में अलग-अलग स्रोतों में अलग-अलग संख्या दिखाई दे रही है। पदों का सही विवरण देखने के लिए आधिकारिक अधिसूचना (dsssb.delhi.gov.in) ही सबसे भरोसेमंद जगह है। इसी तरह, आपत्ति के लिए किसी शुल्क की राशि भी इस लेख में नहीं लिखी जा रही है, क्योंकि आधिकारिक सूचना में शुल्क का उल्लेख नहीं है — शुल्क से जुड़ी सही स्थिति आपत्ति वाले लिंक पर दी गई सहायता फ़ाइल में ही जाँच लें।
ड्राफ्ट कुंजी कैसे देखें
ड्राफ्ट कुंजी देखने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इसके लिए आपको अपने आवेदन के समय मिले लॉगिन विवरण की ज़रूरत पड़ेगी। नीचे दिए गए चरणों को क्रम से अपनाएँ, ताकि बिना किसी रुकावट के आप अपनी कुंजी और रिस्पॉन्स शीट तक पहुँच सकें।
- सबसे पहले DSSSB की आधिकारिक वेबसाइट dsssb.delhi.gov.in खोलें। किसी अन्य वेबसाइट या किसी के भेजे हुए लिंक के भरोसे न रहें — हमेशा आधिकारिक वेबसाइट से ही आगे बढ़ें।
- वेबसाइट पर ड्राफ्ट उत्तर कुंजी से जुड़ा लिंक खोजें। यह लिंक ग्रेड-दो (DASS) / सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO), पोस्ट कोड 804/26 से जुड़ा होगा। विज्ञापन संख्या 01/2026 और पोस्ट कोड की पुष्टि करके ही आगे बढ़ें, ताकि गलत परीक्षा की कुंजी न खुल जाए।
- लिंक पर क्लिक करने के बाद लॉगिन पेज खुलेगा। वहाँ अपना आवेदन संख्या (एप्लिकेशन नंबर) और पासवर्ड दर्ज करें। ये वही विवरण हैं जो आपने परीक्षा के लिए आवेदन करते समय बनाए थे।
- लॉगिन के बाद आपकी रिस्पॉन्स शीट और ड्राफ्ट उत्तर कुंजी दिखाई देगी। रिस्पॉन्स शीट में हर प्रश्न के सामने वह विकल्प दर्ज होगा जो आपने परीक्षा के दौरान चुना था, और कुंजी में हर प्रश्न का सही उत्तर दिया होगा।
- दोनों को साथ-साथ खोलकर रखें। अगर वेबसाइट पर इन्हें डाउनलोड करने का विकल्प मिलता है, तो एक प्रति अपने पास सुरक्षित रख लें, ताकि बाद में भी आप बिना दोबारा लॉगिन किए मिलान कर सकें।
लॉगिन करते समय पासवर्ड ध्यान से टाइप करें — बड़े और छोटे अक्षरों का फ़र्क पड़ता है — और अपना पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। अगर पासवर्ड याद नहीं आ रहा है, तो वेबसाइट पर पासवर्ड भूलने की प्रक्रिया का इस्तेमाल करें।
एक और ज़रूरी बात: 28 अक्टूबर 2026 के बाद यह लिंक उपलब्ध न भी रहे, इसलिए कुंजी और रिस्पॉन्स शीट को समय रहते देखकर उनकी प्रति सुरक्षित रख लें — अंतिम कुंजी आने पर उसी से पता चलेगा कि किस प्रश्न का उत्तर बदला है।
रिस्पॉन्स शीट से मिलान कैसे करें
मिलान का काम जल्दबाज़ी में नहीं, शांत मन से एक-एक प्रश्न करके करना चाहिए — जल्दबाज़ी में सही उत्तर को गलत गिन लेना आम गलती है। इसलिए नीचे दी गई विधि अपनाएँ।
पहला चरण — प्रश्नों की सूची तैयार करें
सबसे पहले अपनी रिस्पॉन्स शीट के सारे प्रश्नों को क्रम से देखें। हर प्रश्न के सामने दो बातें दर्ज करें: आपने कौन सा विकल्प चुना था, और ड्राफ्ट कुंजी में उस प्रश्न का सही उत्तर क्या दिया गया है। यह काम कागज़ पर या किसी नोटबुक में भी किया जा सकता है — मकसद सिर्फ़ यह है कि हर प्रश्न का हिसाब लिखित रूप में रहे, दिमाग़ में नहीं।
दूसरा चरण — सही और गलत उत्तरों को अलग करें
जिन प्रश्नों में आपका चुना हुआ विकल्प कुंजी के उत्तर से मिलता है, उन्हें सही की श्रेणी में रखें। जिनमें फ़र्क है, उन्हें गलत की श्रेणी में रखें। इसके अलावा एक तीसरी श्रेणी भी रखें — वे प्रश्न जिनके उत्तर पर आपको संदेह है, यानी जहाँ आपको लगता है कि कुंजी का उत्तर ही गलत हो सकता है। यही तीसरी श्रेणी आपत्ति की तैयारी का आधार बनेगी।
तीसरा चरण — संदेह वाले प्रश्नों की दोबारा जाँच करें
संदेह वाले हर प्रश्न को दोबारा ध्यान से पढ़ें। प्रश्न में क्या पूछा गया है, उसके विकल्प क्या हैं, और कुंजी का उत्तर किस तर्क से सही ठहरता है — यह सब खुद से परखें। कई बार पहली नज़र में गलत लगने वाला उत्तर ध्यान से पढ़ने पर सही निकलता है, और कई बार पहली नज़र में सही लगने वाला उत्तर ही गलत होता है। इसलिए इस चरण में जल्दबाज़ी न करें। अगर आपके पास उस विषय की किताब या विश्वसनीय अध्ययन सामग्री है, तो उससे भी तथ्य की पुष्टि कर लें, क्योंकि आपत्ति दर्ज करते समय ठोस आधार होना बहुत काम आता है।
चौथा चरण — समग्र स्थिति का अंदाज़ा लगाएँ
जब सारे प्रश्नों का हिसाब तैयार हो जाए, तब देखें कि कुल मिलाकर आपकी स्थिति कैसी है। कितने उत्तर सही लगे, कितने गलत लगे, और कितने प्रश्नों पर आपत्ति बनती है — यह तीनों संख्या अलग-अलग दर्ज करें। इस अंदाज़े को अंतिम परिणाम मानकर न चलें, क्योंकि ड्राफ्ट कुंजी में बदलाव होने पर यह अंदाज़ा भी बदल सकता है।
मिलान करते समय एक बात का और ध्यान रखें: सिर्फ़ इसलिए आपत्ति न दर्ज करें कि आपका उत्तर गलत निकला है — आपत्ति तभी बनती है जब आपके पास ठोस आधार हो कि कुंजी का उत्तर गलत है या प्रश्न में त्रुटि है। इसलिए आपत्ति की सूची छोटी लेकिन मज़बूत रखें।
आपत्ति कैसे दर्ज करें
आपत्ति दर्ज करना पूरी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, और यह सिर्फ़ ऑनलाइन माध्यम से होता है — नीचे दिए गए चरणों को क्रम से अपनाएँ।
- सबसे पहले DSSSB की आधिकारिक वेबसाइट dsssb.delhi.gov.in खोलें और अपने आवेदन संख्या तथा पासवर्ड से लॉगिन करें।
- लॉगिन के बाद आपत्ति (ऑब्जेक्शन) से जुड़ा लिंक खोजें। यह वही लिंक है जिसके ज़रिए ड्राफ्ट कुंजी देखी जा सकती है, या उसके आसपास ही दिया गया होगा।
- आपत्ति दर्ज करने से पहले उस लिंक पर दी गई सहायता फ़ाइल (हेल्प फ़ाइल) को ज़रूर पढ़ें। यह सबसे ज़रूरी चरण है, क्योंकि इसी फ़ाइल में आपत्ति दर्ज करने की सही प्रक्रिया, ज़रूरी दस्तावेज़ और अन्य निर्देश दिए गए होते हैं। बिना इसे पढ़े आपत्ति दर्ज करने पर कोई चरण छूट सकता है।
- सहायता फ़ाइल पढ़ने के बाद उन प्रश्नों को चुनें जिन पर आप आपत्ति दर्ज करना चाहते हैं। हर प्रश्न के लिए अलग से आपत्ति दर्ज करें और हर आपत्ति का कारण साफ़-साफ़ लिखें — सिर्फ़ यह लिखना कि उत्तर गलत है, पर्याप्त नहीं होता; यह भी बताना चाहिए कि सही उत्तर क्या होना चाहिए और किस आधार पर।
- अगर आपत्ति के समर्थन में कोई दस्तावेज़ या प्रमाण माँगा जाता है, तो उसे तय प्रारूप में अपलोड करें। प्रमाण के बिना दी गई आपत्ति कमज़ोर मानी जाती है, इसलिए जो भी ठोस आधार आपके पास है, उसे साथ लगाएँ।
- सारी आपत्तियाँ दर्ज करने के बाद एक बार फिर पूरी सूची को ध्यान से देख लें — प्रश्न संख्या, आपका चुना हुआ उत्तर, कुंजी का उत्तर और आपत्ति का कारण — सब कुछ सही है या नहीं।
- इसके बाद आपत्ति को अंतिम रूप से जमा (सबमिट) करें और जमा करने की पुष्टि (कन्फ़र्मेशन) को सुरक्षित रख लें। पुष्टि की एक प्रति या स्क्रीनशॉट अपने पास रखना समझदारी है, ताकि बाद में अगर कोई सवाल उठे तो आपके पास प्रमाण हो।
शुल्क के बारे में दोहराना ज़रूरी है: आधिकारिक सूचना में आपत्ति शुल्क का उल्लेख नहीं है, इसलिए इस लेख में कोई राशि नहीं बताई जा रही है। शुल्क की सही स्थिति आपत्ति लिंक पर दी गई सहायता फ़ाइल में ही जाँच लें — किसी अन्य स्रोत की बताई राशि के भरोसे भुगतान न करें।
समय का भी पूरा ध्यान रखें। आपत्ति की विंडो 23 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 तक खुली है, और अंतिम दिन वेबसाइट पर भीड़ बढ़ सकती है — इसलिए आपत्ति एक-दो दिन पहले ही दर्ज कर देना सबसे सुरक्षित है।
आपत्ति से पहले ध्यान रखने वाली बातें
- आपत्ति सिर्फ़ ऑनलाइन दर्ज होती है। डाक, ईमेल या किसी अन्य माध्यम से भेजी गई आपत्ति पर विचार नहीं किया जाता, इसलिए सही लिंक से ही आपत्ति दर्ज करें।
- आपत्ति दर्ज करने से पहले सहायता फ़ाइल को पूरा पढ़ें। उसी में प्रक्रिया के वे छोटे-छोटे निर्देश होते हैं जिनके छूटने से आपत्ति अधूरी रह सकती है।
- हर आपत्ति के साथ ठोस आधार रखें। जिस प्रश्न पर आपत्ति है, उसके सही उत्तर का प्रमाण — किताब, आधिकारिक दस्तावेज़ या विश्वसनीय स्रोत — तैयार रखें।
- प्रश्न संख्या और उत्तर विकल्पों को दोबारा मिलाकर देखें। गलत प्रश्न संख्या पर दर्ज की गई आपत्ति का कोई लाभ नहीं होता।
- सारे प्रश्नों पर अंधाधुंध आपत्ति दर्ज न करें। सिर्फ़ उन्हीं प्रश्नों को चुनें जहाँ आपको सच में लगता है कि कुंजी का उत्तर गलत है या प्रश्न में त्रुटि है।
- आपत्ति जमा करने के बाद पुष्टि को सुरक्षित रखें। जमा करने की रसीद या स्क्रीनशॉट बाद में आपके काम आ सकता है।
- अंतिम दिन का इंतज़ार न करें। 28 अक्टूबर 2026 से पहले ही आपत्ति दर्ज कर लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
अंतिम कुंजी क्या होगी
आपत्ति की विंडो बंद होने के बाद बोर्ड प्राप्त हुई सारी आपत्तियों की जाँच करेगा। इस जाँच में विषय विशेषज्ञ हर आपत्ति को उसके आधार और प्रमाण के साथ परखेंगे। जहाँ आपत्ति सही पाई जाएगी, वहाँ ड्राफ्ट कुंजी के उत्तर में सुधार किया जाएगा। जहाँ आपत्ति सही नहीं पाई जाएगी, वहाँ मूल उत्तर ही बना रहेगा। इस पूरी प्रक्रिया के बाद जो कुंजी जारी होगी, उसे अंतिम कुंजी कहा जाएगा।
अंतिम कुंजी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह अंतिम होती है — उसके बाद उत्तरों में कोई बदलाव नहीं होता और परिणाम उसी के आधार पर तैयार होता है। इसलिए ड्राफ्ट कुंजी से लगाया गया अंदाज़ा और अंतिम परिणाम में फ़र्क आ सकता है: आपत्ति के बाद सुधरा हुआ उत्तर आपकी स्थिति सुधार भी सकता है, और पहले सही लगने वाला उत्तर गलत भी हो सकता है।
अंतिम कुंजी कब जारी होगी, इसकी कोई तारीख़ इस लेख में नहीं बताई जा रही है, क्योंकि आधिकारिक सूचना में वह तारीख़ तय नहीं की गई है। अंतिम कुंजी से जुड़ी हर नई जानकारी DSSSB की आधिकारिक वेबसाइट dsssb.delhi.gov.in पर ही आएगी, इसलिए उसी पर नज़र बनाए रखें। अंतिम कुंजी आते ही उसे भी अपनी रिस्पॉन्स शीट से दोबारा मिलाना चाहिए, ताकि अंतिम स्थिति का सही अंदाज़ा लग सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ड्राफ्ट कुंजी और अंतिम कुंजी में क्या फ़र्क है?
ड्राफ्ट कुंजी अस्थायी होती है — इस पर आपत्तियाँ माँगी जाती हैं। अंतिम कुंजी आपत्तियों की जाँच के बाद जारी होती है और उसी से परिणाम बनता है, इसलिए ड्राफ्ट कुंजी को अंतिम न मानें।
आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि क्या है?
आपत्ति की विंडो 23 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 तक खुली है। इसके बाद आपत्ति दर्ज नहीं की जा सकेगी, इसलिए समय रहते अपनी आपत्ति दर्ज कर लें।
आपत्ति कैसे दर्ज की जाती है?
आपत्ति सिर्फ़ ऑनलाइन दर्ज होती है — DSSSB की वेबसाइट dsssb.delhi.gov.in पर दिए गए आपत्ति लिंक से, लॉगिन करने के बाद। आपत्ति दर्ज करने से पहले उसी लिंक पर दी गई सहायता फ़ाइल ज़रूर पढ़ें।
आपत्ति के लिए कितना शुल्क देना होगा?
आधिकारिक सूचना में शुल्क का उल्लेख नहीं है, इसलिए इस लेख में कोई राशि नहीं बताई जा रही है। शुल्क से जुड़ी सही स्थिति आपत्ति वाले लिंक पर दी गई सहायता फ़ाइल में ही जाँच लें।
इस भर्ती में कितने पद हैं?
पदों की संख्या पर स्रोतों में मतभेद है, इसलिए इस लेख में कोई संख्या नहीं दी जा रही है — सही विवरण आधिकारिक अधिसूचना (dsssb.delhi.gov.in) में देखें।
अंतिम कुंजी कब आएगी?
अंतिम कुंजी आपत्तियों की जाँच पूरी होने के बाद जारी होगी। इसकी तारीख़ आधिकारिक सूचना में तय नहीं की गई है, इसलिए DSSSB की आधिकारिक वेबसाइट पर नज़र बनाए रखें।
क्या आपत्ति डाक या ईमेल से भेजी जा सकती है?
नहीं, आपत्ति सिर्फ़ ऑनलाइन माध्यम से ही दर्ज होती है। किसी अन्य माध्यम से भेजी गई आपत्ति पर विचार नहीं किया जाता।
रिस्पॉन्स शीट कैसे देखी जा सकती है?
रिस्पॉन्स शीट ड्राफ्ट कुंजी के साथ ही वेबसाइट पर लॉगिन करने के बाद दिखती है — इसमें हर प्रश्न के सामने आपका चुना हुआ विकल्प दर्ज होता है।
अंतिम सलाह
DSSSB DASS ग्रेड-दो / ASO परीक्षा की ड्राफ्ट कुंजी आ चुकी है और आपत्ति की विंडो 28 अक्टूबर 2026 तक खुली है — यानी अब देर करने का समय नहीं है। सबसे पहले अपनी रिस्पॉन्स शीट को ड्राफ्ट कुंजी से शांति से मिलाएँ, फिर जिन प्रश्नों पर ठोस आधार के साथ आपत्ति बनती है, उन्हें सहायता फ़ाइल पढ़कर ऑनलाइन दर्ज करें। पदों की संख्या और शुल्क जैसी बातों के लिए किसी भी गैर-आधिकारिक आँकड़े पर भरोसा न करें — सही जानकारी सिर्फ़ आधिकारिक अधिसूचना और आपत्ति लिंक पर दी गई सहायता फ़ाइल में ही मिलेगी।
अंतिम कुंजी आने तक DSSSB की आधिकारिक वेबसाइट पर नज़र बनाए रखें। आपकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो, यही इस पूरी प्रक्रिया का मकसद है — और इसमें आपकी सजगता ही सबसे बड़ी मदद है।
Last Updated: 27 October 2026