CA Inter Syllabus 2026 (New Scheme): ग्रुप 1 और ग्रुप 2

CA Intermediate (CA Inter) ICAI की नई स्कीम के तहत कुल 6 पेपरों में होता है — ग्रुप 1 में 3 पेपर और ग्रुप 2 में 3 पेपर। हर पेपर 100 अंकों का होता है, जिसमें 30% केस-स्टडी आधारित MCQs और 70% डिस्क्रिप्टिव प्रश्न होते हैं। टैक्सेशन और FM-SM जैसे पेपर दो सेक्शन में बंटे हैं (50-50 अंक)।

यदि आपने CA फाउंडेशन पास कर लिया है या डायरेक्ट एंट्री के माध्यम से इंटरमीडिएट में प्रवेश लेने जा रहे हैं, तो इस पेज पर आपको दोनों ग्रुपों के सभी पेपरों का सिलेबस, एग्जाम पैटर्न, पुरानी और नई स्कीम का अंतर, एंट्री रूट और तैयारी से जुड़ी जरूरी बातें एक ही जगह मिल जाएंगी।

CA इंटर को इस पाठ्यक्रम का सबसे निर्णायक चरण माना जाता है, क्योंकि यही वह स्तर है जहाँ फाउंडेशन की बुनियादी समझ पेशेवर गहराई में बदलती है। 6 पेपरों का ढांचा इस तरह बनाया गया है कि लेखांकन, कानून, कराधान, लागत, अंकेक्षण और वित्तीय प्रबंधन — सभी प्रमुख क्षेत्र एक साथ कवर हो जाएँ। इसलिए सिलेबस को केवल विषयों की सूची की तरह न देखें; हर पेपर की संरचना समझकर ही पढ़ाई की योजना बनाएँ।

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CA Inter Exam Pattern (New Scheme)

नीचे दी गई तालिका में नई स्कीम के तहत दोनों ग्रुपों के सभी 6 पेपर और उनके अंक दिए गए हैं। हर पेपर 100 अंकों का है, अर्थात दोनों ग्रुप मिलाकर कुल 600 अंकों की परीक्षा होती है। तालिका को ध्यान से देखें — कौन-सा पेपर किस ग्रुप में है और किन पेपरों में दो सेक्शन हैं, यही जानकारी आपकी पूरी योजना की नींव है।

Group Paper विषय अंक
Group 1 Paper 1 Advanced Accounting 100
Group 1 Paper 2 Corporate and Other Laws 100
Group 1 Paper 3 Taxation (Sec A: Income-tax 50 + Sec B: GST 50) 100
Group 2 Paper 4 Cost and Management Accounting 100
Group 2 Paper 5 Auditing and Ethics 100
Group 2 Paper 6 Financial Management and Strategic Management (Sec A: FM 50 + Sec B: SM 50) 100
  • नई स्कीम 1 जुलाई 2023 से लागू हुई; इसके तहत पहली परीक्षाएं मई 2024 सेशन में हुईं।
  • हर पेपर में 30% अंक केस-स्टडी आधारित MCQs के और 70% डिस्क्रिप्टिव प्रश्नों के होते हैं।
  • Paper 3 (Taxation) और Paper 6 (FM-SM) दो सेक्शन में बंटे हैं — हर सेक्शन 50 अंक का।
  • रजिस्ट्रेशन फीस दोनों ग्रुपों के लिए 18,000 रुपये है (ICAI FAQ के अनुसार)।

इस पैटर्न की सबसे महत्वपूर्ण बात 30% केस-स्टडी आधारित MCQs हैं। इसका अर्थ है कि हर पेपर का लगभग एक-तिहाई भाग ऐसे प्रश्नों का होगा, जिनमें पहले एक व्यावहारिक स्थिति दी जाएगी और उसी पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। ये प्रश्न केवल परिभाषा याद करने से हल नहीं होते; अवधारणा को वास्तविक स्थिति में लागू करने की क्षमता चाहिए। शेष 70% भाग डिस्क्रिप्टिव होता है, जहाँ उत्तर लिखने का अभ्यास, प्रस्तुति और चरणबद्ध हल महत्वपूर्ण हो जाता है।

दो-सेक्शन वाले पेपरों पर विशेष ध्यान दें। Paper 3 और Paper 6 में एक सेक्शन कमजोर रह जाने पर पूरे पेपर का संतुलन बिगड़ सकता है, क्योंकि दोनों सेक्शन 50-50 अंकों के हैं। पढ़ाई की योजना बनाते समय इन पेपरों के प्रत्येक सेक्शन को अलग विषय की तरह समय दें।

Group 1 Syllabus: Paper 1 से 3

Paper 1: Advanced Accounting

ICAI के स्टडी मैटेरियल के अनुसार इस पेपर में 3 मॉड्यूल और कुल 15 चैप्टर हैं। पहले 10 चैप्टर Accounting Standards पर हैं; आखिरी 5 में कंपनी अकाउंट्स, बायबैक, एमल्गमेशन, रिकंस्ट्रक्शन और ब्रांचेज जैसे विषय हैं।

Paper 1 को ग्रुप 1 की रीढ़ माना जाता है। पहले 10 चैप्टर लेखांकन मानकों पर आधारित हैं, अर्थात इस पेपर का बड़ा हिस्सा मानकों की समझ से जुड़ा है। मानक केवल रटने का विषय नहीं हैं — हर मानक के पीछे का तर्क समझने से केस-स्टडी प्रश्न आसान हो जाते हैं। आखिरी 5 चैप्टर कंपनी अकाउंट्स से जुड़े हैं, जिनमें संख्यात्मक अभ्यास सबसे अधिक जरूरी है, क्योंकि वहाँ हर चरण का हल ही अंक दिलाता है।

Paper 2: Corporate and Other Laws

Part I (70 अंक): Company Law और LLP। Part II (30 अंक): Other Laws — General Clauses Act 1897, Interpretation of Statutes, FEMA 1999।

भार के हिसाब से Part I इस पेपर का केंद्र है — 70 अंक Company Law और LLP से आते हैं, इसलिए पढ़ाई का सबसे बड़ा समय इन्हीं को मिलना चाहिए। कानून के पेपर में उत्तर की भाषा और धाराओं का सटीक उल्लेख अंक दिलाता है। Part II के 30 अंकों को हल्के में न लें — इन विषयों का दायरा सीमित होता है, इसलिए इनकी तैयारी से भी अच्छे अंक संभव हैं।

Paper 3: Taxation

Section A (50 अंक): Income-tax Law — 2 मॉड्यूल। Section B (50 अंक): GST — 2 मॉड्यूल। टैक्स के नियम हर साल बदलते हैं, इसलिए हमेशा नवीनतम Finance Act के अनुसार पढ़ें।

Paper 3 दो अलग कानूनों का संगम है — आयकर और GST, दोनों 50-50 अंकों के। दोनों की प्रकृति अलग है: आयकर में प्रावधानों की गहराई अधिक होती है, जबकि GST में प्रक्रिया और अनुपालन का भार अधिक रहता है। सबसे बड़ी सावधानी यही है कि यह पेपर हर साल नवीनतम Finance Act के अनुसार बदलता है, इसलिए जिस प्रयास में आप बैठ रहे हैं, उसी के लिए लागू संशोधनों से पढ़ें। पुराने संस्करण के नोट्स से टैक्स पढ़ना सबसे आम और सबसे महंगी गलती साबित होती है।

Group 2 Syllabus: Paper 4 से 6

Paper 4: Cost and Management Accounting

2 मॉड्यूल, कुल 15 चैप्टर। लागत लेखन की विधियां, प्रमाण लागत (standard costing), बजट नियंत्रण और प्रबंधन निर्णय जैसे विषय शामिल हैं।

15 चैप्टरों वाला Paper 4 मुख्यतः संख्यात्मक पेपर है। इसमें सूत्र याद करने से अधिक महत्वपूर्ण यह समझना है कि कौन-सी विधि किस स्थिति में लागू होगी। प्रबंधन निर्णय से जुड़े चैप्टर केस-स्टडी MCQs के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक हैं, क्योंकि वहाँ निर्णय लेने की स्थिति ही प्रश्न बन जाती है।

Paper 5: Auditing and Ethics

2 मॉड्यूल, कुल 11 चैप्टर। नई स्कीम में Ethics को इसी पेपर में जोड़ा गया है — ऑडिट के सिद्धांत, कंपनी ऑडिट और पेशेवर आचरण (professional ethics) मुख्य विषय हैं।

इस पेपर की विशेषता यह है कि अब अंकेक्षण के तकनीकी ज्ञान के साथ पेशेवर आचरण की समझ भी इसी में परखी जाएगी। 11 चैप्टरों वाला यह पेपर सिद्धांत-प्रधान है, इसलिए उत्तर की प्रस्तुति और बिंदुवार लिखने का अभ्यास ही अंक तय करता है। कंपनी ऑडिट से जुड़े भाग को Paper 2 के Company Law के साथ जोड़कर पढ़ने से दोनों पेपर एक साथ मजबूत होते हैं।

Paper 6: Financial Management and Strategic Management

Section A (50 अंक): Financial Management। Section B (50 अंक): Strategic Management। पुरानी स्कीम का अलग SM पेपर अब इसी में मर्ज है।

Paper 6 में एक संख्यात्मक और एक सिद्धांत-प्रधान विषय का मेल है। इस संयोजन में समय प्रबंधन की योजना पहले से तय करें — किस सेक्शन से शुरुआत करेंगे और कितना समय किसे देंगे, यह परीक्षा भवन में जाकर न सोचें।

पुरानी बनाम नई स्कीम

विषय पुरानी स्कीम नई स्कीम
कुल पेपर्स 8 (4+4) 6 (3+3)
Enterprise Information Systems अलग पेपर था हटाया गया
Economics for Finance अलग पेपर था हटाया गया
Strategic Management अलग पेपर था Paper 6 में मर्ज (FM 50 + SM 50)
Ethics अलग विषय था Paper 5 (Auditing) में मर्ज
Taxation Group 2 में था Group 1 में (Paper 3)
MCQ pattern नहीं था हर पेपर में 30% केस-स्टडी MCQs

तालिका से स्पष्ट है कि नई स्कीम का उद्देश्य बोझ घटाकर गहराई बढ़ाना है। पेपर 8 से घटकर 6 हो गए, लेकिन हर पेपर में 30% केस-स्टडी MCQs जुड़ने से परीक्षा अब रटने के बजाय समझ को परखती है। दो विषय अलग पेपर के रूप में हटाए गए, जबकि Strategic Management और Ethics संबंधित पेपरों के भीतर समाहित कर दिए गए — अर्थात वे गायब नहीं हुए, केवल उनका स्थान बदल गया है।

Taxation का ग्रुप 2 से ग्रुप 1 में आना भी एक महत्वपूर्ण बदलाव है। अब ग्रुप 1 में लेखांकन, कानून और कराधान का संयोजन है — ये तीनों एक-दूसरे से जुड़े व्यावहारिक विषय हैं। जो छात्र पुरानी स्कीम के ढांचे से परिचित हैं, उन्हें अपनी पुरानी योजना नई संरचना के अनुसार फिर से बनानी चाहिए, खासकर ग्रुप चुनते समय।

Foundation से Inter तक: Entry Routes

CA Inter में प्रवेश के दो रास्ते हैं। Foundation Route: CA फाउंडेशन पास करने के बाद (Class 12 के साथ)। Direct Entry Route: वाणिज्य स्नातक न्यूनतम 55% अंकों के साथ सीधे Inter में प्रवेश ले सकते हैं। Non-commerce स्नातकों के लिए नियम अलग हैं — ICAI की नवीनतम सूचना से जरूर मिला लें।

दोनों रास्तों के छात्रों के लिए सिलेबस और परीक्षा एक ही है; अंतर केवल प्रवेश के द्वार का है। फाउंडेशन मार्ग से आने वाले छात्रों को बुनियादी पढ़ाई का क्रमबद्ध लाभ मिलता है, जबकि डायरेक्ट एंट्री से आने वाले स्नातकों के पास स्नातक स्तर का विषय-ज्ञान पहले से होता है। वाणिज्य स्नातकों के लिए न्यूनतम 55% अंकों की शर्त स्पष्ट है — यदि आपके अंक इस सीमा के आसपास हैं, तो रजिस्ट्रेशन से पहले अपनी पात्रता अवश्य मिला लें। Non-commerce स्नातकों के लिए नियम अलग हैं, इसलिए उस श्रेणी के छात्र अनुमान पर न चलें और नवीनतम सूचना से ही निर्णय लें।

पिछले साल से क्या बदला

सिलेबस का ढांचा नई स्कीम वाला ही है (2023 से स्थिर)। बदलाव इन बातों में होता है: Taxation पेपर हर साल नवीनतम Finance Act के अनुसार बदलता है, और ICAI समय-समय पर स्टडी मैटेरियल के नवीनतम संस्करण जारी करता है। हमेशा नवीनतम संस्करण से पढ़ें।

व्यावहारिक अर्थ यह है कि 2026 के छात्र को ढांचे की चिंता नहीं करनी है — 6 पेपरों वाला ढांचा स्थिर है। ध्यान केवल दो बातों पर देना है: Taxation के नवीनतम संशोधन और स्टडी मैटेरियल का नवीनतम संस्करण। यही दोनों बातें हर प्रयास में वास्तविक अंतर पैदा करती हैं।

तैयारी की रणनीति: पढ़ाई की योजना

तैयारी की शुरुआत ग्रुप के निर्णय से करें। दोनों ग्रुप एक साथ देने का निर्णय तभी लें, जब आपके पास पर्याप्त समय और नियमित पढ़ाई की क्षमता हो; अन्यथा एक ग्रुप पर केंद्रित तैयारी अधिक सुरक्षित रहती है। निर्णय जो भी हो, योजना पेपर-वार बनाएँ — हर पेपर के मॉड्यूल और चैप्टर की सूची सामने रखकर साप्ताहिक लक्ष्य तय करें, ताकि प्रगति मापी जा सके।

पढ़ाई का क्रम अवधारणा से शुरू करें। पहले स्टडी मैटेरियल से सिद्धांत समझें, फिर उसी चैप्टर के प्रश्न हल करें। केस-स्टडी MCQs के लिए सिनेरियो-आधारित प्रश्नों का अलग अभ्यास जरूरी है — परिभाषा याद होना पर्याप्त नहीं है, यह जानना जरूरी है कि वह परिभाषा दी गई स्थिति में कैसे लागू होगी। डिस्क्रिप्टिव भाग के लिए उत्तर लिखकर अभ्यास करें, क्योंकि 70% भाग लिखित है और परीक्षा में समय प्रबंधन लिखने की गति से ही बनता है।

दोहराव (रिवीजन) को योजना का हिस्सा बनाएँ, अंत में बचने वाला काम नहीं। हर चैप्टर के बाद संक्षिप्त नोट्स बनाएँ, ताकि दोहराव के समय पूरा चैप्टर फिर से न पढ़ना पड़े। Taxation जैसे बदलते विषय के संशोधनों की अलग सूची रखें। अंत में, अभ्यास परीक्षणों से अपनी तैयारी परखें — कमजोर चैप्टर वहीं से सामने आते हैं।

तैयारी के लिए ज़रूरी बातें

ऊपर की योजना को जमीन पर उतारने के लिए नीचे की चार बातें सबसे अधिक काम की हैं। ये बातें इसी सिलेबस की संरचना से निकलती हैं — इन्हें अपनी रोज़ की पढ़ाई में लागू करें।

  • 30% केस-स्टडी MCQs के लिए केवल रट्टा नहीं — कांसेप्ट की समझ पर ध्यान दें, क्योंकि केस-आधारित प्रश्न सिनेरियो पर आधारित होते हैं।
  • Taxation में हर साल के संशोधन अलग से तैयार करें; पुराने नोट्स से टैक्स मत पढ़ें।
  • Accounting Standards (Paper 1) के पहले 10 चैप्टर से नियमित प्रश्न आते हैं — इन्हें मजबूत करें।
  • Laws (Paper 2) में धाराओं के नंबर और केस लॉ लिखने का अभ्यास करें।

छात्रों की आम गलतियाँ

पुराने नोट्स से टैक्स पढ़ना: टैक्स के नियम हर साल Finance Act से बदलते हैं। पुराने संस्करण से पढ़ा हुआ प्रावधान परीक्षा में गलत उत्तर बन सकता है, इसलिए हमेशा अपने प्रयास के लिए लागू नवीनतम संशोधनों से ही पढ़ें।

केवल रट्टा लगाकर केस-स्टडी की तैयारी करना: हर पेपर का 30% भाग सिनेरियो-आधारित है। अवधारणा समझे बिना केवल परिभाषाएँ याद करने से ये प्रश्न हल नहीं होते; स्थिति में नियम लागू करने का अभ्यास जरूरी है।

दो-सेक्शन वाले पेपर में एक सेक्शन छोड़ देना: Paper 3 और Paper 6 में दोनों सेक्शन 50-50 अंकों के हैं। एक सेक्शन कमजोर छोड़ना अर्थात आधे पेपर को जोखिम में डालना है।

लेखांकन मानकों को अंत के लिए टालना: Paper 1 के पहले 10 चैप्टर मानकों पर हैं और उनसे नियमित प्रश्न आते हैं। इन्हें टालते रहने से ग्रुप 1 की नींव ही कमजोर रह जाती है।

कानून में धाराएँ बिना लिखे अभ्यास के याद करना: Paper 2 में धाराओं के नंबर और केस लॉ का उल्लेख लिखकर अभ्यास करने से ही स्मरण रहता है। केवल पढ़कर जाने से परीक्षा में स्मरण नहीं आता।

पात्रता जांचे बिना रजिस्ट्रेशन करना: डायरेक्ट एंट्री के लिए 55% अंकों जैसी शर्तें पहले जांच लें। अनुमान पर फॉर्म भरना समय और फीस दोनों का नुकसान कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या CA Inter 2026 का सिलेबस वही नई स्कीम वाला है जो 2023 में आया था?

हां। नई स्कीम 1 जुलाई 2023 से लागू है और 2026 में भी वही 6-पेपर वाला ढांचा है।

CA Inter Group 1 में कौन-कौन से subjects हैं?

Advanced Accounting, Corporate and Other Laws, और Taxation।

CA Inter Group 2 में कौन-कौन से subjects हैं?

Cost and Management Accounting, Auditing and Ethics, और Financial Management and Strategic Management।

Taxation पेपर हर attempt में क्यों बदलता है?

क्योंकि Income-tax और GST के नियम हर साल Finance Act से बदलते हैं। ICAI हर attempt नवीनतम कानून के अनुसार पेपर बनाता है।

CA Inter के लिए eligibility क्या है?

CA फाउंडेशन पास करने वाले या वाणिज्य में न्यूनतम 55% अंक वाले स्नातक (direct entry) Inter के लिए योग्य हैं।

दोनों ग्रुपों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस कितनी है?

ICAI FAQ के अनुसार दोनों ग्रुपों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 18,000 रुपये है।

CA Inter का आधिकारिक सिलेबस ICAI की आधिकारिक वेबसाइट (icai.org) पर New Scheme Syllabus सेक्शन में मिलता है। स्टडी मैटेरियल के लिए Board of Studies (BoS) का पेज देखें। रजिस्ट्रेशन और नवीनतम सूचनाओं के लिए हमेशा ICAI की आधिकारिक साइट ही देखें।

Last Updated: 21 October 2026

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