12वीं के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय, BHU या JNU जैसे बड़े केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला चाहिए? तो एक नाम याद रखिए — CUET (UG)। NTA द्वारा आयोजित यह राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा अब देश के 200 से ज्यादा विश्वविद्यालयों में अंडरग्रेजुएट कोर्सों में एडमिशन का एकल रास्ता है। एक ही परीक्षा, एक ही स्कोर — और कई विश्वविद्यालयों में आवेदन का मौका।
इस गाइड में CUET (UG) के सिलेबस की पूरी जानकारी मिलेगी — NTA का परीक्षा पैटर्न, अंकन योजना, तीनों सेक्शन (भाषा, डोमेन विषय, जनरल टेस्ट), 37 विषयों की सूची, विषय चुनने की रणनीति और तैयारी के टिप्स।
CUET को समझने का सबसे आसान तरीका यह है कि इसे दो हिस्सों में देखें — पहला, परीक्षा अपने आप में क्या है: कितने विषय, कितने प्रश्न, कितना समय और कैसी अंकन योजना; और दूसरा, इस स्कोर का उपयोग कैसे होता है, यानी विश्वविद्यालयों की पात्रता शर्तें और काउंसेलिंग। अधिकांश छात्र केवल पहले हिस्से पर ध्यान देते हैं, जबकि दाखिला दूसरे हिस्से से तय होता है। इस गाइड में दोनों हिस्सों को क्रम से समझाया गया है।
इस पेज में:
- CUET (UG) क्या है
- CUET परीक्षा पैटर्न
- सेक्शन 1: भाषा परीक्षा
- सेक्शन 2: डोमेन विषय
- सेक्शन 3: जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट
- विषय कैसे चुनें: सही कॉम्बिनेशन
- तैयारी की रणनीति
- आम गलतियां: इनसे बचें
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
CUET (UG) क्या है
CUET का फुल फॉर्म Common University Entrance Test (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) है। इसे NTA (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) हर साल एक बार आयोजित करता है। इसका मकसद है — केंद्रीय विश्वविद्यालयों समेत भाग लेने वाले सभी विश्वविद्यालयों में UG (स्नातक) कोर्सों में दाखिले के लिए एक समान, पारदर्शी परीक्षा।
CUET से पहले हर विश्वविद्यालय अपनी अलग प्रवेश परीक्षा या 12वीं के अंकों (कट-ऑफ) से दाखिला देता था। अब CUET स्कोर ही दाखिले का आधार है — यानी एक परीक्षा की तैयारी से आप DU, BHU, JNU, जामिया और देश भर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए पात्र हो जाते हैं। महत्वपूर्ण: CUET स्कोर के बाद हर विश्वविद्यालय अपनी अलग काउंसेलिंग करता है — CUET फॉर्म भरना और विश्वविद्यालय की काउंसेलिंग में रजिस्टर करना दो अलग-अलग चरण हैं।
पुरानी व्यवस्था से तुलना करें तो अंतर स्पष्ट है। पहले हर विश्वविद्यालय की अलग कट-ऑफ या अलग प्रवेश परीक्षा होती थी, जिससे छात्र को कई फॉर्म, कई तारीखें और कई तरह की तैयारी संभालनी पड़ती थी। अब एक ही परीक्षा का स्कोर सभी भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों में काम आता है, इसलिए तैयारी का पूरा ध्यान एक ही पैटर्न पर लगाया जा सकता है। लेकिन इसी के साथ एक जिम्मेदारी भी बढ़ गई है — विषयों का चुनाव अब और सोचकर करना होगा, क्योंकि अलग-अलग विश्वविद्यालय एक ही स्कोर को अपनी-अपनी शर्तों से तौलते हैं।
CUET परीक्षा पैटर्न
NTA के सूचना बुलेटिन के अनुसार CUET (UG) का पैटर्न इस प्रकार है:
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| आयोजक | NTA (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) |
| मोड | ऑनलाइन — कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) |
| कुल विषय विकल्प | 37 (13 भाषाएं + 23 डोमेन विषय + 1 जनरल टेस्ट) |
| अधिकतम विषय | प्रति अभ्यर्थी 5 (भाषा, डोमेन और जनरल टेस्ट मिलाकर) |
| प्रति पेपर प्रश्न | 50 (सभी अनिवार्य — कोई आंतरिक विकल्प नहीं) |
| प्रति पेपर अवधि | 60 मिनट |
| सही उत्तर पर | +5 अंक |
| गलत उत्तर पर | −1 अंक (नेगेटिव मार्किंग) |
| अनुत्तरित प्रश्न पर | 0 अंक |
| प्रति पेपर अधिकतम अंक | 250 (50 प्रश्न × 5 अंक) |
| पेपर का माध्यम | 13 भाषाएं (हिंदी और अंग्रेजी सहित) |
तीन सेक्शन होते हैं — सेक्शन 1: भाषा, सेक्शन 2: डोमेन विषय और सेक्शन 3: जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट। हर पेपर 50 प्रश्न और 60 मिनट का होता है। ध्यान दें: −1 की नेगेटिव मार्किंग काफी भारी है — एक गलत उत्तर एक सही उत्तर के 20% अंक खा जाता है, इसलिए अंदाजा लगाने से बचें।
पैटर्न के आंकड़ों को तैयारी की भाषा में समझें तो तीन नियम निकलते हैं। पहला, हर पेपर 250 अंकों का है और हर प्रश्न समान 5 अंकों का है — कोई प्रश्न दूसरे से “बड़ा” नहीं है, इसलिए आसान प्रश्न पहले हल करना सबसे लाभदायक क्रम है। दूसरा, 60 मिनट में 50 प्रश्न यानी समय ही असली प्रतियोगिता है; ज्ञान के साथ गति का अभ्यास अनिवार्य है। तीसरा, सभी प्रश्न अनिवार्य हैं और कोई आंतरिक विकल्प नहीं है — इसलिए किसी अध्याय को पूरी तरह छोड़कर जाने की गुंजाइश नहीं रहती, हर भाग की बुनियादी तैयारी करनी ही होगी।
सेक्शन 1: भाषा परीक्षा
भाषा खंड में 13 भाषाओं में से चुनाव का विकल्प है — अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू। NTA के अनुसार भाषा की परीक्षा तीन चीजों से होती है:
- रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन: तथ्यात्मक, साहित्यिक और कथात्मक गद्यांशों पर आधारित प्रश्न — यह सबसे बड़ा हिस्सा है।
- साहित्यिक अभिरुचि (लिटरेरी एप्टीट्यूड): चुनी हुई भाषा के साहित्य की बुनियादी समझ।
- शब्दावली (वोकैबुलरी): शब्दों के अर्थ, प्रयोग और बारीकियां।
भाषा का पेपर भी 50 प्रश्न और 60 मिनट का होता है। हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए अच्छी खबर है — परीक्षा हिंदी में भी दी जा सकती है, और भाषा खंड में हिंदी चुनने का विकल्प है। रोज एक गद्यांश पढ़ने और हल करने की आदत इस सेक्शन में सबसे ज्यादा काम आती है।
भाषा चुनते समय एक व्यावहारिक कसौटी अपनाएं — वह भाषा चुनें जिसमें आप सहजता से पढ़ और समझ सकें, क्योंकि यह खंड गति और समझ दोनों परखता है। कई छात्र केवल इसलिए अंग्रेजी चुन लेते हैं कि वह “बेहतर” लगती है, जबकि उनकी पढ़ने की गति हिंदी में कहीं अधिक होती है। गद्यांश-आधारित प्रश्नों में उत्तर गद्यांश के भीतर ही छिपा होता है, इसलिए रोज के अभ्यास से प्रश्न पढ़कर गद्यांश में उत्तर खोजने की यह कला धीरे-धीरे तेज हो जाती है।
सेक्शन 2: डोमेन विषय
डोमेन विषय CUET का सबसे अहम हिस्सा हैं — ज्यादातर कोर्सों में दाखिला इन्हीं के स्कोर पर तय होता है। NTA के अनुसार डोमेन विषयों का सिलेबस NCERT कक्षा 12 के पाठ्यक्रम पर आधारित है। 23 डोमेन विषयों में प्रमुख हैं:
| विषय | किसके लिए उपयोगी |
|---|---|
| अकाउंटेंसी / बुक-कीपिंग | B.Com, प्रबंधन कोर्स |
| बायोलॉजी / बायोटेक्नोलॉजी | लाइफ साइंस, नर्सिंग, संबद्ध कोर्स |
| बिजनेस स्टडीज | BBA, वाणिज्य कोर्स |
| रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) | B.Sc, इंजीनियरिंग संबद्ध कोर्स |
| कंप्यूटर साइंस / इन्फॉर्मेशन प्रैक्टिसेज | BCA, कंप्यूटर कोर्स |
| अर्थशास्त्र / व्यवसाय अर्थशास्त्र | BA अर्थशास्त्र, B.Com |
| भूगोल / भूविज्ञान | BA भूगोल |
| इतिहास | BA इतिहास |
| गणित / अनुप्रयुक्त गणित | B.Sc गणित, अर्थशास्त्र, B.Com (ऑनर्स) |
| भौतिकी (फिजिक्स) | B.Sc, तकनीकी कोर्स |
| राजनीति शास्त्र | BA राजनीति शास्त्र |
| मनोविज्ञान | BA मनोविज्ञान |
| समाजशास्त्र | BA समाजशास्त्र |
| संस्कृत | BA संस्कृत, भाषा कोर्स |
| फिजिकल एजुकेशन | खेल/शारीरिक शिक्षा कोर्स |
इसके अलावा कृषि, मानव विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, गृह विज्ञान, जनसंचार, ललित कला और प्रदर्शन कला जैसे विषय भी विकल्प में हैं — पूरी सूची NTA के सिलेबस पेज पर देखें। सबसे जरूरी बात: डोमेन की तैयारी का सबसे भरोसेमंद स्रोत NCERT कक्षा 12 की किताबें हैं। गाइड किताबें सहायक हो सकती हैं, लेकिन प्रश्न NCERT की विषय-वस्तु से ही बनते हैं।
डोमेन विषयों की तैयारी में एक विश्लेषण उपयोगी रहता है — अपने लक्ष्य कोर्स के हिसाब से विषयों को प्राथमिकता दें। जिस डोमेन विषय का स्कोर आपके मनचाहे कोर्स की मेरिट में गिना जाएगा, उसमें गहराई चाहिए; बाकी विषयों में संतुलित तैयारी पर्याप्त रहती है। साथ ही ध्यान रखें कि डोमेन का पाठ्यक्रम कक्षा 12 तक सीमित है — कक्षा 11 की सामग्री में समय लगाने के बजाय 12वीं की NCERT को बार-बार दोहराना, परिभाषाएं और आरेख याद करना तथा अध्याय-वार छोटे नोट्स बनाना अधिक लाभ देता है।
सेक्शन 3: जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट
जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट (GAT) भी 50 प्रश्न और 60 मिनट का होता है। NTA के बुलेटिन के अनुसार इसमें ये क्षेत्र शामिल हैं:
- सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स: राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, पुरस्कार, खेल, महत्वपूर्ण दिवस।
- सामान्य मानसिक योग्यता: तर्कशक्ति — शृंखला, कोडिंग-डिकोडिंग, दिशा, रक्त संबंध, पहेलियां।
- संख्यात्मक योग्यता: प्रतिशत, औसत, अनुपात, लाभ-हानि, समय-दूरी जैसे बुनियादी अंकगणित।
- मात्रात्मक तर्क: बुनियादी गणितीय अवधारणाओं (अंकगणित, बीजगणित, ज्यामिति, सांख्यिकी) का सरल अनुप्रयोग।
- तार्किक एवं विश्लेषणात्मक तर्क: कथन-निष्कर्ष, डेटा व्याख्या, विश्लेषणात्मक पहेलियां।
कई कोर्सों (खासकर BBA, प्रबंधन और कुछ BA प्रोग्राम) में GAT अनिवार्य होता है। इसे “जनरल” समझकर हल्के में न लें — करंट अफेयर्स और बेसिक मैथ्स की रोजाना तैयारी यहां अंक दिलाती है।
GAT की विशेषता यह है कि इसमें कोई एक किताब या एक पाठ्यक्रम नहीं है — यह पांच अलग-अलग क्षेत्रों का मिश्रण है। इसलिए इसकी तैयारी को भी टुकड़ों में बांटें: करंट अफेयर्स के लिए नियमित पढ़ना, मानसिक योग्यता और तर्क के लिए प्रकार-वार अभ्यास, और संख्यात्मक योग्यता के लिए बुनियादी सूत्रों की पकड़। जो छात्र GAT को अंत के लिए छोड़ देते हैं, वे अक्सर पाते हैं कि पांचों क्षेत्रों को एक साथ समेटना कठिन है; रोज थोड़ा-थोड़ा अभ्यास ही इस खंड की सही रणनीति है।
विषय कैसे चुनें: सही कॉम्बिनेशन
अधिकतम 5 विषय चुने जा सकते हैं। सबसे आम और सुरक्षित कॉम्बिनेशन है — 1 भाषा + 3 डोमेन विषय + 1 जनरल टेस्ट। विषय चुनते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- 12वीं के विषयों से मेल: डोमेन विषय वही चुनें जो आपने कक्षा 12 में पढ़े हैं — NCERT की तैयारी सीधे काम आएगी। NTA की तरफ से 12वीं के विषयों से अलग विषय चुनने पर रोक नहीं है।
- विश्वविद्यालय की शर्तें पहले देखें: हर विश्वविद्यालय हर कोर्स के लिए जरूरी विषय खुद तय करता है। जिस कोर्स में दाखिला चाहिए, उस विश्वविद्यालय की पात्रता शर्तें आवेदन से पहले जरूर जांचें — गलत विषय चुनने पर स्कोर बेकार जा सकता है।
- कम से कम 1 भाषा: ज्यादातर विश्वविद्यालयों के लिए एक भाषा का पेपर जरूरी होता है।
- GAT सोचकर चुनें: अगर लक्ष्य BBA, प्रबंधन या ऐसा कोर्स है जिसमें एप्टीट्यूड मांगा जाता है, तो GAT जरूर शामिल करें।
- उपलब्ध विषय हर साल जांचें: NTA ने विषयों की सूची समय-समय पर बदली है (2026 में कुल 37 विषय हैं) — अपने साल के सूचना बुलेटिन में उपलब्ध विषय ही अंतिम माने जाएं।
कॉम्बिनेशन तय करने का एक सरल क्रम यह हो सकता है — पहले अपने लक्ष्य विश्वविद्यालयों और कोर्सों की सूची बनाएं, फिर हर कोर्स के लिए मांगे गए विषय लिखें, और अंत में वह संयोजन चुनें जो आपके सभी लक्ष्य कोर्सों की शर्तें पूरी करता हो। 1 भाषा + 3 डोमेन विषय + 1 जनरल टेस्ट का संयोजन अधिकांश कोर्सों की शर्तें पूरी कर देता है, इसीलिए इसे सुरक्षित माना जाता है। विषय भरने के बाद आवेदन पत्र का प्रिंट लेकर विश्वविद्यालय की पात्रता सूची से एक-एक विषय का मिलान अवश्य कर लें — यही छोटी-सी जांच बाद की सबसे बड़ी चूक से बचाती है।
तैयारी की रणनीति
- NCERT ही आधार है: डोमेन विषयों के लिए कक्षा 12 की NCERT किताबें लाइन-बाय-लाइन पढ़ें। परिभाषाएं, सूत्र, तिथियां और आरेख — प्रश्न इन्हीं से बनते हैं।
- भाषा के लिए रोज पढ़ना: रोज एक गद्यांश (हिंदी या अंग्रेजी) टाइमर लगाकर हल करें — गति और सटीकता दोनों बढ़ेंगी।
- GAT की दैनिक खुराक: करंट अफेयर्स के लिए रोज 20 मिनट और बेसिक मैथ्स के फॉर्मूलों का साप्ताहिक रिवीजन रखें।
- CBT मोड में मॉक टेस्ट: परीक्षा कंप्यूटर पर होती है — माउस से प्रश्न नेविगेट करने, रिव्यू मार्क करने की आदत मॉक टेस्ट से ही बनेगी।
- समय का गणित: 60 मिनट में 50 प्रश्न यानी प्रति प्रश्न लगभग 72 सेकंड। मॉक में इसी गति का अभ्यास करें; अटकने वाले प्रश्न को छोड़कर आगे बढ़ें।
- नेगेटिव मार्किंग से बचें: −1 की कटौती भारी है — सिर्फ उन्हीं प्रश्नों के उत्तर दें जिनमें आप आश्वस्त हों। दो विकल्पों में फंसे प्रश्नों पर जोखिम सोच-समझकर लें।
- पिछले साल के प्रश्नपत्र: NTA के पुराने पेपरों से प्रश्नों के स्तर और पैटर्न का सही अंदाजा मिलता है — कम से कम 2-3 साल के पेपर हल करें।
- बुलेटिन पढ़ें: हर साल का सूचना बुलेटिन ही अंतिम दस्तावेज है — विषयों की सूची, तिथियां और नियम उसी से तय होते हैं।
आम गलतियां: इनसे बचें
- NCERT छोड़कर सिर्फ गाइड पढ़ना: डोमेन के प्रश्न NCERT की विषय-वस्तु से बनते हैं — गाइड सहायक है, विकल्प नहीं।
- GAT को हल्के में लेना: “जनरल” नाम सुनकर तैयारी न करना कई छात्रों को महंगा पड़ता है, खासकर BBA जैसे कोर्सों में।
- विश्वविद्यालय की पात्रता न जांचना: CUET स्कोर आ जाने के बाद पता चले कि मनचाहे कोर्स के लिए जरूरी विषय ही नहीं दिया — यह सबसे बड़ी चूक है।
- काउंसेलिंग भूल जाना: CUET फॉर्म भरना ही काफी नहीं — हर विश्वविद्यालय की अलग काउंसेलिंग में समय पर रजिस्टर करना जरूरी है।
- अंधाधुंध अनुमान: −1 नेगेटिव मार्किंग के साथ हर चार गलत उत्तर एक सही उत्तर का फायदा मिटा देते हैं।
- सिर्फ अंग्रेजी माध्यम की तैयारी: परीक्षा 13 भाषाओं में होती है — हिंदी माध्यम के छात्र अपनी भाषा में भी पूरी तैयारी कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
CUET (UG) क्या है?
CUET (Common University Entrance Test) NTA द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके स्कोर से 200 से ज्यादा विश्वविद्यालयों (केंद्रीय विश्वविद्यालयों सहित) में UG कोर्सों में दाखिला मिलता है।
CUET में कितने विषयों की परीक्षा दे सकते हैं?
अधिकतम 5 विषय — भाषा, डोमेन विषय और जनरल टेस्ट मिलाकर। कुल 37 विषयों (13 भाषा + 23 डोमेन + 1 जनरल टेस्ट) में से चुनाव होता है।
CUET की मार्किंग स्कीम क्या है?
सही उत्तर पर +5 अंक, गलत उत्तर पर −1 अंक की कटौती, अनुत्तरित प्रश्न पर 0। हर पेपर 50 प्रश्नों का होता है — अधिकतम 250 अंक।
क्या 12वीं में न पढ़ा विषय CUET में ले सकते हैं?
NTA की तरफ से ऐसी कोई रोक नहीं है — लेकिन जिस विश्वविद्यालय और कोर्स में दाखिला चाहिए, उसकी विषय-वार पात्रता शर्तें जरूर जांचें।
क्या CUET हिंदी में दे सकते हैं?
हां। परीक्षा 13 भाषाओं में होती है, जिनमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों शामिल हैं। भाषा खंड में भी हिंदी चुनने का विकल्प है।
CUET स्कोर के बाद दाखिला कैसे मिलता है?
CUET स्कोर के बाद हर विश्वविद्यालय अपनी अलग काउंसेलिंग/एडमिशन प्रक्रिया चलाता है। हर मनचाहे विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अलग से रजिस्टर करना जरूरी है।
CUET में आयु सीमा है क्या?
NTA की तरफ से CUET (UG) में कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं है — 12वीं पास या समकक्ष योग्यता वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।
डोमेन विषयों की तैयारी के लिए सबसे अच्छी किताब कौन सी है?
NCERT कक्षा 12 की किताबें — डोमेन का सिलेबस इन्हीं पर आधारित है। यही सबसे भरोसेमंद स्रोत है।
Last Updated: 21 October 2026
