दिल्ली पुलिस कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) भर्ती राजधानी की सबसे चर्चित पुलिस भर्तियों में से एक है, और इसकी पूरी परीक्षा कर्मचारी चयन आयोग (SSC) आयोजित करता है। इस भर्ती की तैयारी की असली शुरुआत सिलेबस को ठीक से समझने से होती है — क्योंकि यहाँ सिर्फ़ किताबी पढ़ाई काफी नहीं है। लिखित परीक्षा में अंक लाने के साथ-साथ दौड़, लंबी कूद और ऊँची कूद जैसे शारीरिक मानक भी पार करने होते हैं, और जो अभ्यर्थी पैटर्न को पहले दिन से समझ लेता है, वही अपनी मेहनत सही जगह लगाता है।
लिखित परीक्षा यानी कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में कुल 100 प्रश्न, 100 अंक होते हैं और समय मिलता है 90 मिनट। प्रश्न चार विषयों से आते हैं — सामान्य ज्ञान/समसामयिक घटनाएँ (50 प्रश्न), तर्कशक्ति (25 प्रश्न), संख्यात्मक योग्यता (15 प्रश्न) और कंप्यूटर जागरूकता (10 प्रश्न)। हर ग़लत उत्तर पर 0.25 अंक की नकारात्मक कटौती होती है और पेपर हिंदी व अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में आता है। CBT के बाद PE&MT (शारीरिक दक्षता एवं मापन परीक्षण) होता है, जो केवल क्वालीफाइंग प्रकृति का है; उसके बाद दस्तावेज़ सत्यापन और चिकित्सा परीक्षा होती है।
एक ज़रूरी सूचना: 2026 का ताज़ा नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है। इस गाइड का पैटर्न और सिलेबस 2025 के आधिकारिक नोटिस (दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर प्रकाशित) पर आधारित है। दिल्ली पुलिस का पैटर्न आमतौर पर स्थिर रहता है, फिर भी 2026 का नोटिफिकेशन आते ही यह पेज अपडेट किया जाएगा।
इस पेज में:
- दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती: एक नज़र में
- चयन प्रक्रिया: पूरी शृंखला
- CBT परीक्षा पैटर्न 2026
- श्रेणीवार न्यूनतम अंक (CBT)
- विषयवार भार: सबसे ज़्यादा अंक कहाँ हैं
- विषयवार सिलेबस
- PET: दौड़, लंबी कूद, ऊँची कूद
- PST: ऊँचाई और छाती मानक
- शारीरिक परीक्षा की तैयारी
- पात्रता: आयु, योग्यता
- भ्रम दूर करें: एग्जीक्यूटिव बनाम हेड कांस्टेबल बनाम ड्राइवर
- तैयारी की रणनीति
- अभ्यर्थियों की आम गलतियाँ
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती: एक नज़र में
इस भर्ती की सबसे बड़ी विशेषता इसका दोहरा स्वरूप है — एक ओर CBT में अच्छे अंक लाने होते हैं, दूसरी ओर शारीरिक मानकों पर खरा उतरना होता है। पद पे लेवल-3 (₹21,700 – ₹69,100), ग्रुप ‘C’ का है और न्यूनतम योग्यता केवल 10+2 (12वीं) पास है, इसलिए प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक रहती है। आयु सीमा 18 से 25 वर्ष है। मेरिट सिर्फ़ CBT से बनेगी, लेकिन शारीरिक परीक्षा में असफल होने पर CBT के अंक किसी काम के नहीं रहेंगे।
चयन प्रक्रिया: पूरी शृंखला
- कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) — 100 अंक; मेरिट इसी पर बनती है
- PE&MT (शारीरिक दक्षता एवं मापन परीक्षण) — क्वालीफाइंग; अंक नहीं जुड़ते
- दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification)
- चिकित्सा परीक्षा (Medical Examination)
इस शृंखला का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि शारीरिक परीक्षा पास किए बिना आगे का रास्ता बंद हो जाता है — PET में असफल होने पर आगे बढ़ना संभव नहीं, चाहे CBT में कितने भी अंक हों। इसीलिए अनुभवी अभ्यर्थी दौड़ और कूद का अभ्यास CBT की पढ़ाई के साथ ही शुरू कर देते हैं।
CBT परीक्षा पैटर्न 2026
| विषय | प्रश्न | Marks |
|---|---|---|
| General Knowledge / Current Affairs | 50 | 50 |
| Reasoning | 25 | 25 |
| Numerical Ability | 15 | 15 |
| Computer Awareness | 10 | 10 |
| कुल | 100 | 100 |
- समय: 90 मिनट (विषयवार अलग समय-सीमा नहीं है)
- हर सही उत्तर: 1 अंक
- ग़लत उत्तर: −0.25 अंक (चार ग़लत उत्तर = एक सही उत्तर का नुकसान)
- भाषा: अंग्रेज़ी और हिंदी दोनों
- आयोजक: SSC (दिल्ली पुलिस के साथ MoU के तहत)
पैटर्न की एक ख़ास बात यह है कि 90 मिनट में कोई सेक्शनल समय-सीमा नहीं है — आप अपना समय चारों विषयों में अपनी सुविधा से बाँट सकते हैं। यह स्वतंत्रता जोखिम भरी भी है: मज़बूत विषय में अधिक समय लगा देने पर आसान प्रश्न छूट सकते हैं। नकारात्मक अंकन का गणित भी समझ लें — हर चार ग़लत उत्तर एक सही उत्तर के बराबर अंक काट देते हैं, इसलिए जिन प्रश्नों में कोई सिरा न मिले, उन्हें छोड़ना ही समझदारी है।
श्रेणीवार न्यूनतम अंक (CBT)
PET के लिए अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग इन्हीं न्यूनतम अंकों के आधार पर होती है:
| Category | Minimum Marks |
|---|---|
| General (UR) | 35% |
| SC / ST / OBC / EWS | 30% |
| Ex-Servicemen | 25% |
ध्यान रहे, ये अंक सिर्फ़ शारीरिक परीक्षा में बुलाए जाने की न्यूनतम शर्त हैं — अंतिम चयन इन्हीं से तय नहीं होता। असली मुक़ाबला मेरिट का है, जो CBT के कुल अंकों पर बनती है और आमतौर पर न्यूनतम अंकों से काफी ऊपर जाती है। इसलिए लक्ष्य केवल क्वालीफाइंग अंक नहीं, बल्कि ज़्यादा से ज़्यादा अंक रखना चाहिए।
विषयवार भार: सबसे ज़्यादा अंक कहाँ हैं
सिलेबस का सबसे उपयोगी पाठ उसका अंक-विभाजन है। सामान्य ज्ञान/समसामयिक घटनाएँ अकेले पूरे पेपर का आधा हिस्सा (50 अंक) है — यानी इस एक विषय की तैयारी आपकी आधी सफलता तय करती है। इसके बाद तर्कशक्ति के 25 अंक हैं, जो अभ्यास से सबसे तेज़ी से सुधरने वाला विषय माना जाता है। संख्यात्मक योग्यता के प्रश्न सिर्फ़ 15 हैं, लेकिन इनमें गति और सटीकता दोनों चाहिए। कंप्यूटर जागरूकता सबसे छोटा हिस्सा (10 अंक) है, परंतु इसके प्रश्न तय दायरे से आते हैं, इसलिए कम मेहनत में पक्के अंक दिलाने वाला विषय यही है।
समय-प्रबंधन की दृष्टि से भी यह विभाजन महत्वपूर्ण है — 100 प्रश्नों के लिए 90 मिनट यानी हर प्रश्न पर औसतन 54 सेकंड से भी कम समय मिलता है। रणनीति सरल है: पहले वे प्रश्न करें जो तुरंत बनते हैं, फिर मध्यम स्तर के प्रश्नों पर आएँ और कठिन प्रश्न अंत के लिए छोड़ें।
विषयवार सिलेबस
सामान्य ज्ञान / समसामयिक घटनाएँ (50 प्रश्न)
- भारत का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, संविधान
- समसामयिक घटनाएँ: राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाएँ, खेल, पुरस्कार, नियुक्तियाँ
- दिल्ली से जुड़े तथ्य (दिल्ली पुलिस की परीक्षा में दिल्ली-सामान्य ज्ञान का विशेष महत्व है)
- विज्ञान के सामान्य तथ्य
यह विषय सबसे बड़ा होने के साथ सबसे फैला हुआ भी है — इसमें स्थिर हिस्सों के साथ रोज़ बदलती समसामयिक घटनाएँ भी शामिल हैं। तैयारी का सही तरीका दोनों को अलग रखना है: स्थिर हिस्से किताबों से मज़बूत करें, और समसामयिक घटनाओं के लिए रोज़ पढ़ने की आदत बनाएँ। दिल्ली से जुड़े तथ्यों को हल्के में न लें — राजधानी की पुलिस भर्ती में इनका विशेष स्थान है।
तर्कशक्ति (25 प्रश्न)
- सादृश्यता (Analogies), कोडिंग-डिकोडिंग, शृंखला (संख्या/अक्षर)
- रक्त संबंध, दिशा ज्ञान
- कथन-निष्कर्ष, न्यायवाक्य (Syllogism)
- अशाब्दिक: दर्पण/जल प्रतिबिंब, कागज़ मोड़ना, आकृति शृंखला
तर्कशक्ति अंक दिलाने वाला विषय है, क्योंकि इसके प्रश्न नियम-आधारित होते हैं — एक बार प्रकार पहचान लिया तो हल लगभग तय हो जाता है। अशाब्दिक प्रश्नों को कई अभ्यर्थी कठिन समझकर छोड़ देते हैं, जबकि अभ्यास से दर्पण प्रतिबिंब और कागज़ मोड़ने जैसे प्रश्न सबसे कम समय में बनने लगते हैं। गति अभ्यास से ही आती है, इसलिए रोज़ समय लगाकर प्रश्न हल करें।
संख्यात्मक योग्यता (15 प्रश्न)
- संख्या पद्धति, म.स.-ल.स. (HCF-LCM), प्रतिशत
- अनुपात-समानुपात, औसत, लाभ-हानि
- साधारण/चक्रवृद्धि ब्याज, समय-गति-दूरी, समय-कार्य
- क्षेत्रमिति के बुनियादी सवाल, आँकड़ा निर्वाचन (Data Interpretation)
इस विषय का दायरा बुनियादी गणित तक सीमित है — ऊँचे स्तर का गणित नहीं पूछा जाता। समस्या ज्ञान की नहीं, गति की होती है: धीमी गणना पूरे पेपर का समय खा सकती है। प्रतिशत, अनुपात और औसत जैसे अध्याय बाकी कई अध्यायों की नींव हैं, इसलिए तैयारी इन्हीं से शुरू करें।
कंप्यूटर जागरूकता (10 प्रश्न) — आधिकारिक नोटिस के विषय
आधिकारिक नोटिस में कंप्यूटर खंड के ये विषय दिए गए हैं:
- वर्ड प्रोसेसिंग: बुनियादी बातें, दस्तावेज़ खोलना-बंद करना, टेक्स्ट बनाना, फ़ॉर्मैटिंग
- MS Excel: स्प्रेडशीट के तत्व, सेल संपादित करना, फ़ंक्शन और फ़ॉर्मूले
- संचार: ईमेल की बुनियादी बातें, भेजना-प्राप्त करना
- इंटरनेट/WWW/वेब ब्राउज़र: URL, HTTP, FTP, वेबसाइट, ब्लॉग, सर्च इंजन, चैट, वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग, ई-बैंकिंग
कंप्यूटर खंड की सबसे अच्छी बात यह है कि इसका दायरा नोटिस में स्पष्ट दिया गया है — क्या पढ़ना है, यह अनुमान नहीं लगाना पड़ता। ये विषय रोज़मर्रा के कंप्यूटर उपयोग से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें रटने के बजाय समझकर पढ़ें। सिर्फ़ 10 अंक का होते हुए भी यह खंड मेरिट की करीबी लड़ाई में निर्णायक साबित हो सकता है।
PET: दौड़, लंबी कूद, ऊँची कूद
PET क्वालीफाइंग है — इसके अंक मेरिट में नहीं जुड़ते, लेकिन इसे उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। पहले दौड़ पूरी करनी होती है, तभी कूद के अवसर मिलते हैं।
पुरुष
| Age | 1600m Race | Long Jump | High Jump |
|---|---|---|---|
| 30 साल तक | 6 minute | 14 feet | 3’9″ |
| 30-40 साल | 7 minute | 13 feet | 3’6″ |
| 40 से ऊपर | 8 minute | 12 feet | 3’3″ |
महिला
| Age | 1600m Race | Long Jump | High Jump |
|---|---|---|---|
| 30 साल तक | 8 minute | 10 feet | 3’0″ |
| 30-40 साल | 9 minute | 9 feet | 2’9″ |
| 40 से ऊपर | 10 minute | 8 feet | 2’6″ |
लंबी कूद और ऊँची कूद में 3-3 अवसर मिलते हैं। तालिकाओं से साफ़ है कि आयु बढ़ने के साथ मानकों में छूट दी गई है और पुरुष व महिला मानक अलग-अलग हैं, इसलिए तैयारी अपने ही आयु-वर्ग के मानक को सामने रखकर करें। केवल दौड़ पर ध्यान देना काफी नहीं है: कई अभ्यर्थी दौड़ तो निकाल लेते हैं, लेकिन अभ्यास न होने के कारण कूद में रह जाते हैं।
PST: ऊँचाई और छाती मानक
ऊँचाई
| Category | Male | Female |
|---|---|---|
| सामान्य | 170 cm | 157 cm |
| Hill areas / ST (Male) / Delhi Police wards के बेटे | 165 cm | — |
| Hill / SC / ST (Female) | — | 155 cm |
| Delhi Police wards की बेटियां | — | 152 cm |
छाती (केवल पुरुष)
- 81-85 सेमी (कम से कम 4 सेमी का फुलाव अनिवार्य)
- पहाड़ी क्षेत्रों / अनुसूचित जनजाति / दिल्ली पुलिस कर्मियों के बेटों को 5 सेमी की छूट
मापन परीक्षण में ऊँचाई और छाती की माप बिल्कुल सटीक होती है — एक सेमी की कमी भी बाहर कर सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों, अनुसूचित जाति/जनजाति और दिल्ली पुलिस कर्मियों के बच्चों के लिए मानकों में छूट दी गई है। आवेदन से पहले अपनी माप स्वयं जाँच लें; छूट का लाभ लेने वालों को संबंधित प्रमाण-पत्र भी तैयार रखने चाहिए।
शारीरिक परीक्षा की तैयारी
शारीरिक परीक्षा की तैयारी का सबसे बड़ा नियम है — इसे CBT के बाद के लिए न छोड़ें। दौड़ की क्षमता हफ़्तों में नहीं बनती; शरीर को धीरे-धीरे दूरी और गति की आदत डालनी पड़ती है। शुरुआत हल्की दौड़ से करें, फिर हर सप्ताह दूरी और रफ़्तार थोड़ी-थोड़ी बढ़ाएँ। लंबी कूद और ऊँची कूद तकनीक के खेल हैं — सिर्फ़ ताक़त से काम नहीं चलता, उछाल का समय और उतरने का तरीका भी मायने रखता है, इसलिए इनका अलग से अभ्यास ज़रूरी है।
एक और बात — अभ्यास हमेशा निर्धारित मानक से थोड़ा ऊपर का लक्ष्य रखकर करें। परीक्षा-दिन की घबराहट और मैदान की स्थिति प्रदर्शन को प्रभावित करती है; अभ्यास-स्तर मानक से ऊपर हो तो थोड़ी गिरावट के बाद भी आप सुरक्षित रहते हैं। पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और चोट से बचाव भी तैयारी का ही हिस्सा हैं।
पात्रता: आयु, योग्यता
- योग्यता: 10+2 (12वीं) पास
- आयु: 18-25 वर्ष (2025 के नोटिस में 01-07-2025 के अनुसार; जन्म 02-07-2000 से 01-07-2007 के बीच)
- नागरिकता: भारतीय नागरिक
- वेतन: पे लेवल-3 (₹21,700 – ₹69,100), ग्रुप ‘C’
2026 के नोटिफिकेशन में आयु की कट-ऑफ़ तिथि बदल सकती है — नया नोटिस आते ही यह जानकारी यहाँ अपडेट होगी। आवेदन से पहले अपनी जन्म-तिथि को कट-ऑफ़ तिथि से मिलाकर अवश्य देख लें, क्योंकि आयु सीमा से एक दिन का अंतर भी आवेदन रद्द करवा सकता है।
भ्रम दूर करें: एग्जीक्यूटिव बनाम हेड कांस्टेबल बनाम ड्राइवर
ये तीनों अलग-अलग भर्तियाँ हैं — इनका PET एक जैसा नहीं है:
- कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव): इस पेज का विषय — 1600 मीटर दौड़ (पुरुष/महिला दोनों)
- हेड कांस्टेबल (मिनिस्ट्रियल): इसमें महिलाओं की दौड़ 800 मीटर होती है — एग्जीक्यूटिव वाले मानक इस पर लागू नहीं होते
- कांस्टेबल (ड्राइवर): ड्राइविंग टेस्ट सहित अलग शारीरिक मानक
तैयारी करते हुए हमेशा जाँच करें कि आप किस पद के नोटिस के मानक पढ़ रहे हैं — बहुत-सी वेबसाइटें इन्हें मिला देती हैं, और ग़लत पद के मानकों से तैयारी करने पर परीक्षा-दिन सबसे बड़ा झटका लगता है।
तैयारी की रणनीति
रणनीति का पहला स्तंभ अंक-विभाजन है: सामान्य ज्ञान पर सबसे अधिक समय दें, क्योंकि वही आधा पेपर है। समसामयिक घटनाओं के लिए रोज़ का नियम बनाएँ — रोज़ थोड़ा पढ़ना, अंत में एक साथ रटने से कहीं अधिक टिकाऊ होता है। तर्कशक्ति में रोज़ समय-सीमा लगाकर प्रश्न हल करें। संख्यात्मक योग्यता में पहले बुनियादी अध्याय मज़बूत करें और गणना की गति पर काम करें। कंप्यूटर खंड को नोटिस के विषयों तक सीमित रखकर पूरी तरह तैयार करें।
दूसरा स्तंभ अभ्यास-परीक्षण है। मॉक टेस्ट से ही पता चलता है कि 90 मिनट में समय कहाँ फँसता है। हर मॉक के बाद ग़लत हुए प्रश्नों की वजह लिखें — ज्ञान की कमी, ग़लत पढ़ना या समय का दबाव; सुधार तभी होगा जब वजह साफ़ होगी। साथ ही शारीरिक अभ्यास को साप्ताहिक कार्यक्रम में स्थायी जगह दें।
अभ्यर्थियों की आम गलतियाँ
सिर्फ़ पढ़ाई पर ध्यान, शारीरिक तैयारी शून्य। यह इस भर्ती की सबसे घातक गलती है — CBT में अच्छे अंक लाकर भी PET में बाहर होना हर बार बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के साथ होता है।
अंदाज़े से उत्तर भरना। 0.25 की नकारात्मक कटौती छोटी लगती है, लेकिन बिना सोचे भरे गए बीस प्रश्न पाँच अंक काट देते हैं — यही अंतर मेरिट में सैकड़ों स्थान का हो सकता है।
कंप्यूटर खंड को छोड़ देना। “सिर्फ़ 10 अंक हैं” कहकर इसे छोड़ने वाले अभ्यर्थी सबसे आसान अंक गँवाते हैं, जबकि इसका सिलेबस सबसे सीमित है।
ग़लत पद के मानक पढ़ना। हेड कांस्टेबल या ड्राइवर भर्ती के शारीरिक मानक एग्जीक्यूटिव से अलग हैं — बिना जाँचे किसी वेबसाइट की जानकारी मान लेना तैयारी को ग़लत दिशा देता है।
समसामयिक घटनाएँ अंत में रटना। सामान्य ज्ञान का बड़ा हिस्सा रोज़ की घटनाओं से जुड़ा होता है; इसे आख़िरी हफ़्ते में समेटना संभव नहीं होता। रोज़ की आदत ही इसका उपाय है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: दिल्ली पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में नकारात्मक अंकन है?
उत्तर: हाँ। CBT में हर ग़लत उत्तर पर 0.25 अंक काटा जाता है। अंदाज़े पर टिक करना नुकसान दे सकता है।
प्रश्न: दिल्ली पुलिस कांस्टेबल सिलेबस में कितने विषय हैं?
उत्तर: चार — सामान्य ज्ञान/समसामयिक घटनाएँ (50), तर्कशक्ति (25), संख्यात्मक योग्यता (15), कंप्यूटर (10) — कुल 100 प्रश्न, 100 अंक।
प्रश्न: दिल्ली पुलिस कांस्टेबल के लिए आयु सीमा क्या है?
उत्तर: 18-25 वर्ष (2025 के नोटिस के अनुसार)। 2026 के नोटिफिकेशन में कट-ऑफ़ तिथि बदल सकती है।
प्रश्न: दिल्ली पुलिस शारीरिक परीक्षा में कितनी दौड़ होती है?
उत्तर: कांस्टेबल (एग्जीक्यूटिव) में पुरुष और महिला दोनों के लिए 1600 मीटर दौड़ है — पुरुष: 30 वर्ष तक 6 मिनट; महिला: 30 वर्ष तक 8 मिनट।
प्रश्न: दिल्ली पुलिस कांस्टेबल का वेतन कितना है?
उत्तर: पे लेवल-3: ₹21,700 – ₹69,100 (ग्रुप ‘C’ पद)।
प्रश्न: क्या 12वीं पास दिल्ली पुलिस कांस्टेबल का फ़ॉर्म भर सकता है?
उत्तर: हाँ। न्यूनतम योग्यता 10+2 (12वीं) पास है।
नवीनतम जानकारी के लिए दिल्ली पुलिस और SSC की आधिकारिक वेबसाइटें ही अंतिम स्रोत मानें। 2026 का नोटिफिकेशन आते ही पैटर्न, तिथियाँ और रिक्तियों की जानकारी इसी पेज पर अपडेट की जाएगी।
Last Updated: 21 October 2026