मार्कशीट गुम हो गई? एडमिशन के समय ओरिजिनल सर्टिफिकेट नहीं मिल रहा? स्कॉलरशिप फॉर्म में दस्तावेज़ अपलोड करने हैं और प्रिंटर खराब है? अगर आप छात्र हैं तो इनमें से कोई न कोई परेशानी आपने ज़रूर झेली होगी। इसका स्थायी समाधान है DigiLocker — भारत सरकार का आधिकारिक डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट, जहां आपके सारे ज़रूरी कागज़ात सुरक्षित, सत्यापित और हमेशा आपकी जेब में रहते हैं।
इस गाइड में DigiLocker को छात्रों के नज़रिए से पूरी तरह समझाया गया है — यह क्या है, इसकी कानूनी मान्यता क्या है, अकाउंट कैसे बनाएं, मार्कशीट कैसे निकालें, ABC/APAAR ID क्या है, और छात्रों को इससे क्या-क्या फायदे मिलते हैं।
इस पेज में:
- DigiLocker क्या है?
- कानूनी मान्यता: क्या DigiLocker के दस्तावेज़ असली माने जाते हैं?
- DigiLocker अकाउंट कैसे बनाएं? (Step-by-Step)
- मार्कशीट और सर्टिफिकेट कैसे निकालें?
- अपने दस्तावेज़ अपलोड कैसे करें?
- ABC ID और APAAR ID क्या है?
- कौन-कौन से बोर्ड जुड़े हैं?
- DigiLocker बनाम भौतिक दस्तावेज़
- छात्रों के लिए DigiLocker के फायदे
- कौन-कौन से दस्तावेज़ मिलते हैं?
- सुरक्षा: आपका डेटा कितना सुरक्षित है?
- आम गलतियां और समाधान
- छात्र DigiLocker का सही उपयोग कैसे करें
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
DigiLocker क्या है?
DigiLocker भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की आधिकारिक सेवा है — डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की एक प्रमुख पहल। यह एक सुरक्षित क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म है जहां नागरिक अपने ज़रूरी दस्तावेज़ — आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, मार्कशीट, वाहन RC आदि — डिजिटल रूप में रख सकते हैं और कहीं से भी, कभी भी एक्सेस कर सकते हैं।
DigiLocker की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ स्टोरेज नहीं है — यह एक सरकार द्वारा सत्यापित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। बोर्ड, यूनिवर्सिटी, परिवहन विभाग, आयकर विभाग, राज्य सरकारें और बीमा कंपनियां जैसे जारीकर्ता (issuers) आपके दस्तावेज़ सीधे आपके DigiLocker में भेजते हैं। यानी यहां का दस्तावेज़ मूल जारीकर्ता से सत्यापित होता है, न कि सिर्फ आपकी अपलोड की हुई स्कैन कॉपी।
| विवरण | जानकारी | |
|---|---|---|
| संचालक | इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार | |
| कार्यक्रम | डिजिटल इंडिया | |
| वेबसाइट | digilocker.gov.in | |
| ऐप | Google Play Store और Apple App Store पर मुफ्त | |
| लागत | पूरी तरह मुफ्त — अकाउंट बनाना और दस्तावेज़ लाना दोनों |
कानूनी मान्यता: क्या DigiLocker के दस्तावेज़ असली माने जाते हैं?
यह सबसे ज़रूरी सवाल है — और जवाब है हां, पूरी तरह।
सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2016 के नियम 9A के तहत DigiLocker सिस्टम में उपलब्ध सभी डिजिटल रूप से जारी दस्तावेज़ों को मूल भौतिक दस्तावेज़ों के समकक्ष माना गया है। यानी जारीकर्ता से सीधे आपके DigiLocker में आया हुआ दस्तावेज़ ठीक उतना ही वैध है जितना विभाग की मोहर लगा कागज़ी प्रमाणपत्र।
इसका व्यावहारिक मतलब:
- कॉलेज एडमिशन, नौकरी के आवेदन और स्कॉलरशिप में DigiLocker के दस्तावेज़ स्वीकार किए जाते हैं।
- ट्रैफिक पुलिस को ड्राइविंग लाइसेंस और RC DigiLocker में दिखाना वैध है — भौतिक कॉपी साथ रखने की ज़रूरत नहीं।
- हर दस्तावेज़ पर डिजिटल हस्ताक्षर और QR कोड होता है — कोई भी नियोक्ता या संस्थान QR स्कैन करके तुरंत प्रामाणिकता जांच सकता है।
ध्यान दें: यह मान्यता जारीकर्ता से आए दस्तावेज़ों (Issued Documents) पर लागू होती है। आपने खुद जो स्कैन करके अपलोड किया है (Uploaded Documents), वह सिर्फ आपकी सुविधा के लिए स्टोरेज है — उसकी “सरकारी सत्यापित” हैसियत नहीं होती।
DigiLocker अकाउंट कैसे बनाएं? (Step-by-Step)
अकाउंट बनाना 5 मिनट का काम है। दो तरीके हैं — वेबसाइट या मोबाइल ऐप:
- वेबसाइट खोलें या ऐप डाउनलोड करें: digilocker.gov.in पर जाएं, या Google Play Store/Apple App Store से DigiLocker ऐप मुफ्त डाउनलोड करें।
- Sign Up पर क्लिक करें: “Login/Register” या “Sign Up” बटन दबाएं।
- मोबाइल नंबर डालें: अपना मोबाइल नंबर लिखें — उस पर एक OTP आएगा, उसे डालकर सत्यापित करें।
- आधार नंबर डालें: 12 अंकों का आधार नंबर लिखें। आधार से जुड़े मोबाइल पर आए OTP से सत्यापन करें। आधार से लॉगिन करने पर आपका अकाउंट सीधे “सरकार द्वारा सत्यापित” बन जाता है।
- यूज़रनेम और सिक्योरिटी PIN सेट करें: एक यूज़रनेम चुनें (याद रखने लायक) और 6 अंकों का सिक्योरिटी PIN (MPIN) बनाएं — यही भविष्य में लॉगिन का पासवर्ड होगा।
- हो गया! अब आप Issued Documents में अपना आधार देख सकते हैं, और Search से बाकी दस्तावेज़ ला सकते हैं।
ज़रूरी शर्तें:
- आधार नंबर होना चाहिए (अकाउंट आधार-आधारित सत्यापन पर बनता है)।
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय होना चाहिए (OTP उसी पर आएगा)।
- ऐप के लिए Android 10 या नया वर्ज़न चाहिए; पुराने फोन में वेबसाइट इस्तेमाल करें।
मार्कशीट और सर्टिफिकेट कैसे निकालें?
अकाउंट बनने के बाद सबसे काम की चीज़ — अपने बोर्ड/यूनिवर्सिटी से सत्यापित मार्कशीट निकालना:
- DigiLocker में लॉगिन करें (यूज़रनेम/आधार/मोबाइल + सिक्योरिटी PIN)।
- “Search Documents” या “Get Documents” पर क्लिक करें।
- सर्च बॉक्स में अपने बोर्ड का नाम लिखें — जैसे “CBSE”, “UP Board”, “Bihar Board” या “BSEB”।
- सूची से सही जारीकर्ता चुनें (जैसे “Bihar School Examination Board”)।
- दस्तावेज़ का प्रकार चुनें (जैसे “Intermediate Result 2026” या “Senior Secondary Result”)।
- रोल नंबर (और मांगा जाए तो रोल कोड/वर्ष) डालें।
- “Get Document” दबाएं — आपकी डिजिटल हस्ताक्षरित मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी।
- अब इसे डाउनलोड, प्रिंट या शेयर कर सकते हैं।
मोबाइल ऐप में: नीचे “Search” आइकन पर टैप करें और यही प्रक्रिया दोहराएं।
टिप: परीक्षा परिणाम आने के तुरंत बाद बोर्ड डिजिटल हस्ताक्षरित अंकपत्र DigiLocker पर उपलब्ध करा देते हैं — घर बैठे एक क्लिक पर मिल जाता है, स्कूल जाने की ज़रूरत नहीं।
अपने दस्तावेज़ अपलोड कैसे करें?
जारीकर्ता से न मिलने वाले दस्तावेज़ (जैसे जाति प्रमाणपत्र की स्कैन कॉपी, फोटो) आप खुद अपलोड कर सकते हैं:
- होम स्क्रीन पर “Upload” बटन पर टैप/क्लिक करें।
- फाइल ब्राउज़र से दस्तावेज़ चुनें (PDF, JPG आदि)।
- फोल्डर चुनें और टैग जोड़ें (ढूंढने में आसानी के लिए)।
- “Upload” दबाएं — दस्तावेज़ सुरक्षित क्लाउड में सेव हो जाएगा।
याद रखें: खुद अपलोड किए दस्तावेज़ सिर्फ स्टोरेज हैं — इन्हें “सत्यापित” नहीं माना जाता। सत्यापित दस्तावेज़ हमेशा जारीकर्ता से “Get Documents” के ज़रिए लाएं।
ABC ID और APAAR ID क्या है?
छात्रों के लिए DigiLocker से जुड़ी दो सबसे महत्वपूर्ण चीज़ें:
ABC ID (Academic Bank of Credits): यह राष्ट्रीय स्तर का सिस्टम है जो आपकी डिग्री और अर्जित क्रेडिट को ट्रैक करता है। नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत अलग-अलग संस्थानों से पढ़ाई करके क्रेडिट जमा किए जा सकते हैं — ABC ID इसी का रिकॉर्ड रखता है।
APAAR ID: ABC से जुड़ी छात्रों की विशिष्ट पहचान — “एक राष्ट्र, एक छात्र ID” की तर्ज पर। इससे आपके सारे शैक्षणिक रिकॉर्ड एक जगह जुड़ जाते हैं।
कैसे बनाएं/निकालें:
- DigiLocker के Search टैब में “APAAR” या “ABC ID” सर्च करें।
- आधिकारिक Academic Bank of Credits जारीकर्ता चुनें।
- मांगी गई जानकारी (आधार/मोबाइल सत्यापन) पूरी करें।
- आपकी ABC/APAAR ID जारी हो जाएगी — इसे संभालकर रखें, यह कॉलेज एडमिशन और क्रेडिट ट्रांसफर में काम आएगी।
NAD (National Academic Depository): DigiLocker के ज़रिए चलने वाला शैक्षणिक पुरस्कारों (डिग्री, डिप्लोमा, मार्कशीट) का ऑनलाइन भंडार — इसमें 110 करोड़ से ज़्यादा शैक्षणिक प्रमाणपत्र दर्ज हैं।
छात्रों के लिए DigiLocker के फायदे
- एडमिशन में आसानी: कॉलेज/यूनिवर्सिटी एडमिशन में सत्यापित मार्कशीट तुरंत उपलब्ध — फोटोस्टेट और अटेस्टेशन के चक्कर खत्म।
- स्कॉलरशिप आवेदन: NSP (नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल) जैसे फॉर्मों में DigiLocker से दस्तावेज़ सीधे लिंक होते हैं।
- नौकरी के सत्यापन: नियोक्ता QR कोड स्कैन करके डिग्री की प्रामाणिकता तुरंत जांच सकता है — फर्जी डिग्री का खेल खत्म।
- कभी न खोने वाला रिकॉर्ड: बाढ़, आग या घर बदलने पर भी दस्तावेज़ सुरक्षित — क्लाउड में हमेशा उपलब्ध।
- पेपरलेस सुविधा: जेब में एक भी कागज़ रखने की ज़रूरत नहीं — फोन ही फाइल है।
- हेरफेर असंभव: दस्तावेज़ों पर क्रिप्टोग्राफिक सुरक्षा और डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं — अंकपत्र में छेड़छाड़ तकनीकी रूप से असंभव।
कौन-कौन से दस्तावेज़ मिलते हैं?
| श्रेणी | दस्तावेज़ के उदाहरण |
|---|---|
| शिक्षा | CBSE/राज्य बोर्ड मार्कशीट, डिग्री प्रमाणपत्र, ABC/APAAR ID |
| पहचान | आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर ID |
| परिवहन | ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन RC |
| अन्य सरकारी | आयकर दस्तावेज़, बीमा पॉलिसी, राज्य सरकार के प्रमाणपत्र |
जारीकर्ताओं की सूची लगातार बढ़ रही है — अपने राज्य के बोर्ड और विभाग DigiLocker पर खोजकर देखें।
कौन-कौन से बोर्ड और विश्वविद्यालय जुड़े हैं?
DigiLocker पर जारीकर्ताओं की सूची लगातार बढ़ रही है। प्रमुख शैक्षणिक जारीकर्ता:
| श्रेणी | जारीकर्ता के उदाहरण | क्या मिलता है |
|---|---|---|
| केंद्रीय बोर्ड | CBSE | 10वीं/12वीं मार्कशीट, पासिंग सर्टिफिकेट, माइग्रेशन |
| राज्य बोर्ड | UP Board, Bihar Board (BSEB), MP Board, राजस्थान बोर्ड आदि | राज्य की मार्कशीट और प्रमाणपत्र |
| विश्वविद्यालय | सैकड़ों राज्य/केंद्रीय विश्वविद्यालय | डिग्री, डिप्लोमा, मार्कशीट |
| राष्ट्रीय भंडार | NAD, Academic Bank of Credits | ABC/APAAR ID, क्रेडिट रिकॉर्ड |
अपना बोर्ड खोजें: DigiLocker में Search Documents में अपने बोर्ड का नाम लिखें — अगर सूची में है तो सीधे दस्तावेज़ निकाल सकते हैं। अगर नहीं है तो अपने बोर्ड की वेबसाइट से अनुरोध करें या हेल्पलाइन पर पूछें।
DigiLocker बनाम भौतिक दस्तावेज़: तुलना
| आधार | DigiLocker (Issued) | भौतिक कागज़ात |
|---|---|---|
| कानूनी मान्यता | IT नियम 2016 के तहत मूल के समकक्ष | मूल मान्यता |
| खोने का डर | नहीं — क्लाउड में सुरक्षित | हां — गुम/खराब हो सकते हैं |
| सत्यापन | QR स्कैन से तुरंत | मैन्युअल, समय लेने वाला |
| उपलब्धता | 24×7, कहीं से भी | फाइल साथ होनी चाहिए |
| डुप्लिकेट | तुरंत दोबारा डाउनलोड | बोर्ड से आवेदन, हफ्तों का समय |
| हेरफेर की संभावना | तकनीकी रूप से असंभव | जालसाजी संभव |
निष्कर्ष: भौतिक दस्तावेज़ों को फेंके नहीं — लेकिन रोज़मर्रा के कामों (आवेदन, सत्यापन, यात्रा) के लिए DigiLocker ही काफी है।
सुरक्षा: आपका डेटा कितना सुरक्षित है?
- आधार-आधारित लॉगिन: हर लॉगिन OTP + 6 अंकों के सिक्योरिटी PIN से सुरक्षित।
- डिजिटल हस्ताक्षर: हर जारी दस्तावेज़ पर जारीकर्ता के डिजिटल हस्ताक्षर — नकली बनाना असंभव।
- सहमति-आधारित साझा: आपका दस्तावेज़ कोई तभी देख सकता है जब आप खुद साझा करें।
- सरकारी सर्वर: डेटा भारत सरकार के सुरक्षित बुनियादी ढांचे पर रहता है।
आपकी ज़िम्मेदारी: सिक्योरिटी PIN किसी से साझा न करें, और OTP भी किसी को न बताएं — बैंक की तरह यहां भी धोखेबाज़ सक्रिय हैं।
एक व्यावहारिक सावधानी और — DigiLocker के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल और संदेशों से सावधान रहें। सरकार या DigiLocker की टीम कभी फोन करके आपका PIN या OTP नहीं मांगती; अगर कोई ऐसा मांगे तो समझिए कि वह धोखाधड़ी है। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या आधिकारिक ऐप से ही लॉगिन करें और किसी अनजान लिंक पर अपनी जानकारी न भरें। आपके खाते की सुरक्षा अंततः आपकी इन्हीं छोटी-छोटी आदतों पर टिकी है — सतर्क छात्र ही डिजिटल सुविधा का पूरा लाभ सुरक्षित तरीके से उठा पाता है।
आम गलतियां और समाधान
| समस्या | कारण | समाधान |
|---|---|---|
| OTP नहीं आ रहा | आधार से जुड़ा मोबाइल बंद/बदला हुआ | आधार केंद्र जाकर मोबाइल अपडेट कराएं, फिर प्रयास करें |
| मार्कशीट नहीं मिल रही | गलत बोर्ड/रोल नंबर, या बोर्ड ने अभी अपलोड नहीं किया | जारीकर्ता का नाम ध्यान से चुनें; रिजल्ट के कुछ दिन बाद पुनः प्रयास करें |
| नाम/जन्मतिथि में अंतर | आधार और मार्कशीट में भिन्नता | पहले आधार/मार्कशीट में सुधार कराएं — DigiLocker डेटा नहीं बदलता |
| PIN भूल गए | — | “Forgot PIN” से आधार OTP के ज़रिए रीसेट करें |
छात्र DigiLocker का सही उपयोग कैसे करें
DigiLocker का असली फायदा तभी मिलता है जब छात्र इसे सिर्फ एक ऐप न समझकर अपनी डिजिटल फाइल की तरह इस्तेमाल करे। सबसे पहला काम है — परीक्षा परिणाम घोषित होते ही अपनी मार्कशीट और प्रमाणपत्र जारीकर्ता से लाकर Issued Documents में जोड़ लेना। एडमिशन के सीज़न में जब लाखों छात्र एक साथ दस्तावेज़ ढूंढ रहे होते हैं, उस समय पहले से तैयार खाता ही सबसे बड़ी राहत बनता है। जो दस्तावेज़ जारीकर्ता से नहीं मिलते, उनकी स्पष्ट स्कैन कॉपी अपलोड करके व्यवस्थित रूप से रखना भी उतना ही ज़रूरी है, ताकि ज़रूरत पड़ने पर कोई भी कागज़ मिनटों में मिल जाए।
दूसरी आदत है समय-समय पर जांच की। हर नए सत्र और हर नई उपलब्धि के बाद खाता खोलकर देखें कि कौन-सा दस्तावेज़ आ चुका है और कौन-सा बाकी है। ABC और APAAR ID जैसी पहचानें भी इसी खाते से जुड़ी हैं, इसलिए इन्हें समय रहते बनाकर संभाल लेना भविष्य के हर एडमिशन और क्रेडिट ट्रांसफर को आसान कर देता है। याद रखें — डिजिटल रिकॉर्ड जितना पुराना और व्यवस्थित होगा, सत्यापन उतना ही तेज़ होगा, क्योंकि संस्थान को हर दस्तावेज़ उसी खाते में सत्यापित रूप में उपलब्ध मिल जाता है। अंत में निष्कर्ष यही है: DigiLocker की सुविधा उसी छात्र के काम आती है जो इसे आदत बनाता है, मजबूरी में खोला गया खाता नहीं।
छात्रों के लिए एक और उपयोगी आदत है — अपने दस्तावेज़ों की सूची बनाकर रखना। कौन-सा प्रमाणपत्र कहां मिलेगा, यह पहले से पता हो तो किसी भी आवेदन की अंतिम तारीख पर भागदौड़ नहीं होती। यह छोटी सी तैयारी एडमिशन, स्कॉलरशिप और नौकरी — हर मोड़ पर आपका समय और तनाव दोनों बचाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या DigiLocker पूरी तरह मुफ्त है?
हां। अकाउंट बनाना, जारीकर्ता से दस्तावेज़ लाना और खुद अपलोड करना — सब मुफ्त है।
प्रश्न 2: क्या बिना आधार के DigiLocker बन सकता है?
नहीं। DigiLocker आधार-आधारित सत्यापन पर काम करता है — आधार नंबर और उससे जुड़ा सक्रिय मोबाइल ज़रूरी है।
प्रश्न 3: क्या DigiLocker की मार्कशीट से कॉलेज में एडमिशन मिलेगा?
हां। IT नियम 2016 के तहत यह मूल प्रमाणपत्र के समकक्ष है। अधिकांश कॉलेज और विश्वविद्यालय इसे स्वीकार करते हैं।
प्रश्न 4: ABC ID और DigiLocker में क्या संबंध है?
ABC/APAAR ID, DigiLocker के ज़रिए जारी की जाती है — Academic Bank of Credits जारीकर्ता के रूप में DigiLocker पर उपलब्ध है।
प्रश्न 5: अगर फोन खो जाए तो दस्तावेज़ सुरक्षित रहेंगे?
हां, पूरी तरह। दस्तावेज़ क्लाउड में हैं, फोन में नहीं। नए फोन/कंप्यूटर से लॉगिन करके सब वापस मिल जाएगा।
प्रश्न 6: क्या DigiLocker में दस्तावेज़ की वैधता समाप्त होती है?
जारीकर्ता से आए दस्तावेज़ तब तक वैध रहते हैं जब तक जारीकर्ता उन्हें वापस न ले। खुद अपलोड किए दस्तावेज़ आपकी स्टोरेज हैं — उनकी कोई समाप्ति नहीं।
प्रश्न 7: क्या एक मोबाइल नंबर से दो DigiLocker अकाउंट बन सकते हैं?
नहीं। हर DigiLocker अकाउंट आधार से जुड़ा होता है, और एक आधार पर एक ही अकाउंट बनता है। परिवार के हर सदस्य को अपने आधार से अलग अकाउंट बनाना होगा।
प्रश्न 8: DigiLocker ऐप में “Issued” और “Uploaded” में क्या अंतर है?
“Issued Documents” वे हैं जो सरकार/बोर्ड ने सीधे भेजे हैं — ये सत्यापित और कानूनी रूप से मूल के समकक्ष हैं। “Uploaded Documents” वे हैं जो आपने खुद स्कैन करके डाले हैं — ये सिर्फ आपकी सुविधा के लिए स्टोरेज हैं।
प्रश्न 9: क्या DigiLocker से दस्तावेज़ सीधे कॉलेज/नियोक्ता को भेज सकते हैं?
हां। DigiLocker में दस्तावेज़ शेयर करने का विकल्प है — लिंक या QR के ज़रिए। पाने वाला QR स्कैन करके प्रामाणिकता तुरंत जांच सकता है।
प्रश्न 10: DigiLocker और NAD में क्या अंतर है?
NAD (National Academic Depository) सिर्फ शैक्षणिक प्रमाणपत्रों (डिग्री, मार्कशीट) का भंडार है, जबकि DigiLocker में पहचान पत्र, लाइसेंस, बीमा समेत हर तरह के दस्तावेज़ रखे जा सकते हैं। NAD, DigiLocker के ज़रिए ही एक्सेस होता है।
Last Updated: 21 October 2026