राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) राज्य की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा है — SDM, DSP और राज्य सेवा के अन्य अधिकारी इसी परीक्षा से चुने जाते हैं। RPSC ने RAS 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है: कुल 607 पद (192 राज्य सेवा + 415 अधीनस्थ सेवा), प्रारंभिक परीक्षा 6 दिसंबर 2026 को और मुख्य परीक्षा 1–2 मई 2027 को होगी। इस बार पैटर्न में भी अहम बदलाव हुए हैं — मुख्य परीक्षा से 2 अंक वाले प्रश्न हटा दिए गए हैं।
इस परीक्षा की तैयारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यहाँ दो बिल्कुल अलग प्रकृति की परीक्षाएँ एक साथ साधनी होती हैं। एक ओर 150 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों वाली प्रारंभिक परीक्षा है, जिसमें राजस्थान-विशेष ज्ञान और गति दोनों चाहिए; दूसरी ओर 800 अंकों की वर्णनात्मक मुख्य परीक्षा है, जहाँ उत्तर लिखने का कौशल ही अंक तय करता है। सिलेबस को ठीक से समझना इसलिए पहला कदम है — यही तय करता है कि कौन-सा विषय कितना समय पाएगा और पुराने पैटर्न की कौन-सी आदतें अब छोड़नी होंगी।
इस पेज में आपको RPSC RAS 2026 का पूरा सिलेबस, प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा का नया पैटर्न, विषयवार टॉपिक, 2026 के बदलाव, योग्यता और तैयारी की रणनीति — सब कुछ हिंदी में मिलेगा।
इस पेज में:
- RPSC RAS 2026: एक नज़र में
- चयन प्रक्रिया: तीन चरण, तीन भूमिकाएँ
- 2026 के बड़े पैटर्न बदलाव
- प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न और सिलेबस
- प्रारंभिक: विषयवार सिलेबस
- मुख्य परीक्षा: 4 प्रश्नपत्र (800 अंक)
- वेटेज और तुलना: अंक कहाँ हैं
- साक्षात्कार और अंतिम मेरिट
- योग्यता और आयु सीमा
- तैयारी की सही रणनीति
- छात्रों की आम गलतियाँ
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
RPSC RAS 2026: एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा | राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा (RAS) परीक्षा 2026 |
| आयोजक | राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) |
| नोटिफिकेशन | 27 मई 2026 |
| कुल पद | 607 (राज्य सेवा 192 + अधीनस्थ सेवा 415) |
| प्रारंभिक परीक्षा | 6 दिसंबर 2026 (रविवार) |
| मुख्य परीक्षा | 1–2 मई 2027 |
| एडमिट कार्ड | नवंबर 2026 के अंत में अपेक्षित |
| चरण | प्रारंभिक → मुख्य → साक्षात्कार |
| अंतिम मेरिट | मुख्य 800 + साक्षात्कार 100 = 900 अंक |
तारीख पर नोट: प्रारंभिक परीक्षा की तारीख पहले 29 नवंबर 2026 थी, जिसे RPSC ने 2 जुलाई 2026 के प्रेस नोट से बढ़ाकर 6 दिसंबर 2026 कर दिया। कई पुरानी वेबसाइट्स पर अभी भी पुरानी तारीख दिख रही है — सही तारीख 6 दिसंबर ही मानें।
इस तालिका से तीन बातें तुरंत साफ़ हो जाती हैं। पहली, समय-रेखा लंबी है — दिसंबर में स्क्रीनिंग और मई में मुख्य परीक्षा, यानी दोनों चरणों की तैयारी साथ-साथ चलानी होगी। दूसरी, पदों का बड़ा हिस्सा अधीनस्थ सेवा (415) में है। तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण — अंतिम चयन 900 अंकों पर होगा, जिसमें मुख्य परीक्षा का वज़न सबसे अधिक है।
चयन प्रक्रिया: तीन चरण, तीन भूमिकाएँ
RAS का चयन तीन चरणों में होता है और तीनों की भूमिका अलग है। प्रारंभिक परीक्षा केवल छंटनी का चरण है — इसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते, लेकिन इसे पार किए बिना मुख्य परीक्षा का दरवाज़ा नहीं खुलता; मुख्य के लिए रिक्तियों के लगभग 15 गुना अभ्यर्थियों को बुलाया जाता है। मुख्य परीक्षा ही असली प्रतिस्पर्धा है — 800 अंकों की यह वर्णनात्मक परीक्षा अंतिम मेरिट की रीढ़ है। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों का 100 अंकों का साक्षात्कार होता है।
इस क्रम का व्यावहारिक अर्थ यह है कि तैयारी का समय भी इसी अनुपात में बँटना चाहिए — प्रारंभिक के लिए वस्तुनिष्ठ अभ्यास, मुख्य के लिए लेखन-कौशल। एक आम भ्रम यहीं से पैदा होता है: कई अभ्यर्थी प्रारंभिक के अंकों को सफलता का मापदंड मान लेते हैं, जबकि वहाँ केवल कट-ऑफ़ पार करना लक्ष्य है; असली अंक मुख्य परीक्षा में बनते हैं।
2026 के बड़े पैटर्न बदलाव
RPSC ने 2026 के चक्र में परीक्षा पैटर्न में तीन अहम बदलाव किए हैं — पुराने नोट्स से पढ़ने वाले छात्र इन्हें जरूर नोट करें:
- 2 अंक वाले प्रश्न खत्म: मुख्य परीक्षा में अब केवल 5 अंक और 10 अंक वाले प्रश्न पूछे जाएंगे। छोटे तथ्यात्मक प्रश्नों की जगह लंबे विश्लेषणात्मक उत्तरों को तरजीह मिलेगी।
- प्रारंभिक में नया टॉपिक: “खेल एवं योग” इकाई हटाकर राजस्थान परीक्षा अधिनियम, 2022 (Rajasthan Examination Act, 2022) जोड़ा गया है।
- मुख्य परीक्षा पेपर IV बदला: अब हिंदी 90 + अंग्रेजी 70 + निबंध 40 अंक (6 विषयों में से 1 पर, हिंदी या अंग्रेजी में)।
इन बदलावों का संयुक्त अर्थ साफ़ है — परीक्षा अब तथ्यों की संख्या से अधिक समझ और अभिव्यक्ति को माप रही है। 2 अंक वाले प्रश्न हटने से छोटे तथ्य रटने की रणनीति कमज़ोर पड़ गई है; अब 5 और 10 अंक के उत्तरों में विषय को विस्तार से, क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत करना होगा। राजस्थान परीक्षा अधिनियम, 2022 का जुड़ना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बिल्कुल नया विषय है — इस पर सभी अभ्यर्थी एक ही स्तर से शुरुआत करते हैं, इसलिए यहाँ की तैयारी सीधे बढ़त दिला सकती है।
प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न और सिलेबस
प्रारंभिक परीक्षा केवल स्क्रीनिंग है — इसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते, पर मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए इसे पास करना जरूरी है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रश्नपत्र | 1 (वस्तुनिष्ठ, OMR आधारित) |
| प्रश्न / अंक | 150 प्रश्न / 200 अंक |
| अवधि | 3 घंटे |
| विषय | सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान |
| विकल्प | हर प्रश्न में 5 विकल्प (RPSC की खासियत) |
| नेगेटिव मार्किंग | हर गलत उत्तर पर 1/3 अंक |
| माध्यम | द्विभाषी — हिंदी और अंग्रेजी |
मुख्य परीक्षा के लिए बुलावा: रिक्तियों के लगभग 15 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाता है।
इस पैटर्न की दो विशेष बातें RPSC को अलग करती हैं। पहली, हर प्रश्न में 5 विकल्प होते हैं — चार विकल्प वाली परीक्षाओं की तुलना में यहाँ अंदाज़ा लगाने की गुंजाइश कम होती है। दूसरी, हर गलत उत्तर पर 1/3 अंक की कटौती है — तीन गलत उत्तर एक सही उत्तर का पूरा लाभ समाप्त कर देते हैं। इसलिए रणनीति “अधिक से अधिक प्रयास” की नहीं, “पक्के उत्तरों” की होनी चाहिए। समय का हिसाब भी समझ लें — 3 घंटे में 150 प्रश्न यानी हर प्रश्न पर औसतन एक मिनट से कुछ अधिक समय; जो प्रश्न पहली नज़र में न बने, उस पर अटकना बाकी प्रश्नों का समय खा जाता है।
यह परीक्षा “सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान” के एक ही प्रश्नपत्र पर आधारित है — कोई वैकल्पिक विषय नहीं है। सिलेबस का बड़ा हिस्सा राजस्थान से जुड़ा है, इसलिए केवल राष्ट्रीय स्तर की सामान्य तैयारी यहाँ पर्याप्त नहीं होती; राजस्थान-विशेष भाग ही इस चरण का निर्णायक क्षेत्र है।
प्रारंभिक: विषयवार सिलेबस
प्रारंभिक परीक्षा का सिलेबस छह भागों में बँटा है। पहले तीन — इतिहास, भूगोल और राजव्यवस्था-अर्थव्यवस्था — सीधे राजस्थान से जुड़े हैं; यही इस परीक्षा का सबसे अधिक स्कोरिंग क्षेत्र है। शेष भाग सामान्य विज्ञान, करेंट अफेयर्स और इस बार जोड़ा गया नया कानून हैं।
राजस्थान का इतिहास: ऐतिहासिक स्रोत, प्रागैतिहासिक सभ्यताएं, प्रमुख राजवंश, मुगल-राजपूत संबंध, किले एवं स्मारक, धार्मिक आंदोलन, लोक देवी-देवता, मेले-त्योहार, लोक संगीत-नृत्य, संस्कृति, प्रमुख व्यक्तित्व, रियासतें, अंग्रेज़ों से संधियां, 1857 की क्रांति, किसान एवं जनजातीय आंदोलन, प्रजामंडल आंदोलन।
इतिहास का दायरा बताता है कि केवल राजवंशों की सूची काफी नहीं है — लोक संस्कृति, आंदोलन और व्यक्तित्व उतने ही महत्वपूर्ण हैं। यही वह भाग है जहाँ स्थानीय जानकारी सीधे अंकों में बदलती है, इसलिए इसे सतही ढंग से निपटाना सबसे बड़ी भूल होगी।
राजस्थान का भूगोल: स्थिति एवं विस्तार, भौतिक विभाजन (मरुस्थल, अरावली, मैदान, पठार), अपवाह तंत्र, जलवायु, मिट्टी, वनस्पति, वन्यजीव, कृषि-जलवायु क्षेत्र, फसलें, पशुपालन, सिंचाई, खनिज संसाधन।
भूगोल में भौतिक विभाजन और अपवाह तंत्र बुनियाद हैं — इन्हीं पर जलवायु, फसलें और सिंचाई के प्रश्न टिकते हैं। मानचित्र के साथ पढ़ना यहाँ रटने से अधिक कारगर होता है।
राजस्थान की राजव्यवस्था एवं अर्थव्यवस्था: राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, पंचायती राज, प्रमुख योजनाएं, आर्थिक परिदृश्य।
सामान्य विज्ञान: दैनिक जीवन से जुड़े वैज्ञानिक तथ्य, बुनियादी भौतिकी-रसायन-जीव विज्ञान।
सामान्य विज्ञान का स्तर बुनियादी है — यहाँ रोज़मर्रा के वैज्ञानिक तथ्यों की स्पष्ट समझ काम आती है।
करेंट अफेयर्स: राजस्थान और राष्ट्रीय स्तर की समसामयिक घटनाएं।
नया टॉपिक: राजस्थान परीक्षा अधिनियम, 2022 — भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर रोक से जुड़ा कानून।
नए टॉपिक को हल्के में न लें। यह इसी चक्र में जोड़ा गया है, इसलिए इस पर प्रश्न आने की प्रबल संभावना है और यहाँ की तैयारी सीधे बढ़त दिलाएगी।
मुख्य परीक्षा: 4 प्रश्नपत्र (800 अंक)
मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक होती है और यही अंतिम मेरिट तय करती है। चारों प्रश्नपत्र 200-200 अंकों के हैं।
| प्रश्नपत्र | अंक | मुख्य विषय |
|---|---|---|
| पेपर I | 200 | सामान्य अध्ययन I |
| पेपर II | 200 | सामान्य अध्ययन II |
| पेपर III | 200 | सामान्य अध्ययन III |
| पेपर IV | 200 | सामान्य हिंदी (90) + सामान्य अंग्रेजी (70) + निबंध (40) |
| कुल | 800 |
- प्रश्नों का नया प्रारूप: 2026 से केवल 5 अंक और 10 अंक वाले प्रश्न — 2 अंक वाले प्रश्न हटा दिए गए हैं। लंबे, विश्लेषणात्मक उत्तरों का अभ्यास करें।
- मुख्य परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं है।
- माध्यम: अभ्यर्थी अपनी पसंद से हिंदी या अंग्रेजी में उत्तर लिख सकता है।
- निबंध (पेपर IV): दिए गए 6 विषयों में से किसी 1 पर निबंध — हिंदी या अंग्रेजी में।
मुख्य परीक्षा की बनावट एक और बात बताती है — RPSC केवल विषय-ज्ञान नहीं, भाषा-कौशल को भी बराबर महत्व देता है। पेपर IV के पूरे 200 अंक हिंदी, अंग्रेजी और निबंध के लिए हैं, यानी कुल 800 में से एक-चौथाई हिस्सा केवल भाषा का है। सामान्य अध्ययन के पत्रों में भी जानकारी को क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत करना ही अंक दिलाता है। नेगेटिव मार्किंग न होना एक अवसर है — हर प्रश्न का प्रयास करना चाहिए, लेकिन समय-प्रबंधन के बिना लंबे उत्तर अधूरे रह जाते हैं।
वेटेज और तुलना: अंक कहाँ हैं
अंक-वितरण को एक साथ देखने से प्राथमिकता साफ़ हो जाती है। अंतिम मेरिट 900 अंकों पर बनती है — मुख्य परीक्षा के 800 अंक इसका लगभग 89 प्रतिशत हिस्सा हैं और साक्षात्कार के 100 अंक लगभग 11 प्रतिशत। प्रारंभिक का वज़न मेरिट में शून्य है; वह केवल प्रवेश-द्वार है। मुख्य परीक्षा के भीतर पेपर IV यानी भाषा और निबंध का हिस्सा 200 अंकों का है — कुल मेरिट का लगभग 22 प्रतिशत। सीधा अर्थ है कि तैयारी का सबसे बड़ा हिस्सा वर्णनात्मक उत्तर-लेखन को जाना चाहिए।
दूसरी तुलना चरणों के स्वरूप की है — प्रारंभिक में गति परखी जाती है, मुख्य में विश्लेषण और अभिव्यक्ति, साक्षात्कार में व्यक्तित्व। दिसंबर से मई के बीच का समय केवल मुख्य परीक्षा के लिए कम पड़ सकता है, इसलिए उत्तर-लेखन का अभ्यास साथ ही शुरू कर देना चाहिए।
साक्षात्कार और अंतिम मेरिट
मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का 100 अंकों का साक्षात्कार होता है। अंतिम मेरिट 800 (मुख्य) + 100 (साक्षात्कार) = 900 अंकों पर बनती है। प्रारंभिक के अंक मेरिट में नहीं जुड़ते।
साक्षात्कार का वज़न कुल का लगभग 11 प्रतिशत है — इतना कि निकटतम प्रतिस्पर्धा में क्रम बदल सके, लेकिन इतना कम भी कि मुख्य परीक्षा के अंकों की भरपाई अकेले साक्षात्कार से संभव नहीं।
योग्यता और आयु सीमा
- शैक्षणिक: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री।
- आयु सीमा: नियमानुसार आयु वर्ग निर्धारित है (आरक्षित वर्गों को छूट) — विस्तृत शर्तें आधिकारिक नोटिफिकेशन में देखें।
- प्रयास सीमा: RPSC RAS में प्रयासों की कोई निर्धारित सीमा नहीं है — आयु सीमा के भीतर रहते हुए आवेदन किया जा सकता है।
प्रयास-सीमा का न होना RAS की उदार विशेषता है — आयु सीमा के भीतर अभ्यर्थी बार-बार प्रयास कर सकता है। लेकिन आयु और आरक्षण की शर्तें श्रेणी के अनुसार बदलती हैं, इसलिए फ़ॉर्म भरने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन की शर्तें ध्यान से पढ़ना अनिवार्य है।
तैयारी की सही रणनीति
- राजस्थान GK को प्राथमिकता: प्रारंभिक का बड़ा हिस्सा राजस्थान के इतिहास, भूगोल और संस्कृति से आता है — यही सबसे ज्यादा स्कोरिंग क्षेत्र है।
- 5-विकल्प वाले MCQ का अभ्यास: RPSC में 5 विकल्प होते हैं, जिससे अंदाज़ा लगाना कठिन है — केवल पक्के उत्तर ही दें, 1/3 नेगेटिव से बचें।
- Mains के लिए उत्तर लेखन: 2 अंक वाले प्रश्न हटने के बाद लंबे उत्तरों की मांग बढ़ी है — रोज़ 2-3 उत्तर लिखने का अभ्यास करें।
- नया अधिनियम पढ़ें: राजस्थान परीक्षा अधिनियम, 2022 नया टॉपिक है — इस पर प्रश्न आने की प्रबल संभावना है।
- 6 दिसंबर की उल्टी गिनती: परीक्षा सिर पर है — अब नया सिलेबस शुरू करने के बजाय रिवीजन और मॉक टेस्ट पर फोकस करें।
- निबंध का अभ्यास: पेपर IV में 40 अंक का निबंध है — समसामयिक विषयों पर निबंध लिखने की आदत डालें।
इन सुझावों के पीछे एक ही सिद्धांत है — तैयारी पैटर्न से बँधी होनी चाहिए, आम आदत से नहीं। जो अभ्यर्थी रोज़ उत्तर लिखता है, 5 विकल्प वाले प्रश्नों का समयबद्ध अभ्यास करता है और राजस्थान-विशेष भागों को प्राथमिकता देता है, वही दोनों चरणों की माँगें एक साथ संभाल पाता है। मॉक टेस्ट के बाद गलतियों का विश्लेषण उतना ही ज़रूरी है जितना टेस्ट देना।
छात्रों की आम गलतियाँ
पुरानी तारीख पर भरोसा करना। कई वेबसाइटों पर प्रारंभिक की तारीख अब भी 29 नवंबर 2026 दिख रही है। कार्यक्रम हमेशा सही तारीख — 6 दिसंबर 2026 — मानकर बनाएँ।
2 अंक वाले प्रश्नों की तैयारी जारी रखना। 2026 के पैटर्न में ये प्रश्न हट चुके हैं। छोटे तथ्य रटने में लगा समय अब 5 और 10 अंक के उत्तरों के अभ्यास में लगना चाहिए।
5 विकल्पों में अंधा अंदाज़ा लगाना। 1/3 नेगेटिव मार्किंग के साथ तीन गलत उत्तर एक सही उत्तर का लाभ खत्म कर देते हैं। जिस प्रश्न में कोई सिरा न मिले, उसे छोड़ना ही समझदारी है।
प्रारंभिक के अंकों को मेरिट समझना। प्रारंभिक केवल स्क्रीनिंग है। वहाँ की दौड़ में मुख्य परीक्षा की तैयारी पीछे छोड़ना दोहरी हानि है — असली 800 अंक मुख्य परीक्षा में ही हैं।
निबंध की उपेक्षा करना। पेपर IV में 40 अंक का निबंध है। बिना अभ्यास के परीक्षा भवन में पहली बार निबंध लिखना जोखिम भरा है।
नया अधिनियम छोड़ देना। राजस्थान परीक्षा अधिनियम, 2022 इस चक्र का नया टॉपिक है। इसे छोटा विषय समझकर छोड़ना आसान अंक गँवाना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: RPSC RAS 2026 में कितने पद हैं?
उत्तर: कुल 607 पद — 192 राज्य सेवा और 415 अधीनस्थ सेवा।
प्रश्न: प्रारंभिक परीक्षा कब है?
उत्तर: 6 दिसंबर 2026 (रविवार) को। पहले यह 29 नवंबर थी, जिसे बढ़ाकर 6 दिसंबर किया गया।
प्रश्न: मुख्य परीक्षा में 2 अंक वाले प्रश्न क्यों नहीं होंगे?
उत्तर: RPSC ने 2026 के पैटर्न में 2 अंक वाले प्रश्न हटा दिए हैं — अब केवल 5 और 10 अंक वाले प्रश्न पूछे जाएंगे।
प्रश्न: प्रारंभिक में कितने विकल्प होते हैं?
उत्तर: हर प्रश्न में 5 विकल्प होते हैं — यह RPSC की खासियत है। नेगेटिव मार्किंग 1/3 अंक है।
प्रश्न: मुख्य परीक्षा कब होगी?
उत्तर: 1–2 मई 2027 को (आधिकारिक सूचना के अनुसार)।
प्रश्न: क्या प्रारंभिक के अंक मेरिट में जुड़ते हैं?
उत्तर: नहीं। प्रारंभिक केवल स्क्रीनिंग है; अंतिम मेरिट मुख्य (800) + साक्षात्कार (100) = 900 अंकों पर बनती है।
Last Updated: 21 October 2026
