रेलवे की नौकरी का नाम सुनते ही सबसे पहले जो परीक्षा याद आती है, वह है RRB Group D — दसवीं पास युवाओं के लिए भारतीय रेलवे का सबसे बड़ा दरवाजा। लेकिन फॉर्म भरने से पहले हर अभ्यर्थी सोचता है: Group D में असल में क्या काम करना होता है?
इस गाइड में पूरी सच्चाई है — पोस्ट-वाइज काम, वेतन (पे लेवल-1), दिनचर्या, शिफ्ट-नाइट ड्यूटी, पोस्टिंग, प्रमोशन, महिलाओं के लिए उपयुक्त पद और चयन प्रक्रिया। कोई बढ़ा-चढ़ाकर दावा नहीं — सिर्फ तथ्य।
जॉब प्रोफाइल पहले समझना जरूरी है, क्योंकि Group D एक पद नहीं, कई पदों का समूह है — हर पद का काम और दिनचर्या अलग है। सिर्फ रिक्तियों की संख्या देखकर वरीयता न भरें।
इस पेज में:
- RRB Group D: एक नज़र में
- पोस्ट-वाइज काम की पूरी सूची
- वेतन और भत्ते (पे लेवल-1)
- एक दिन की दिनचर्या
- शिफ्ट और नाइट ड्यूटी
- पोस्टिंग और ट्रांसफर
- प्रमोशन: LDCE और आगे का रास्ता
- महिलाओं के लिए Group D
- चयन प्रक्रिया (संक्षेप में)
- तैयारी की रणनीति
- कौन सा पद चुनें?
- अभ्यर्थियों की आम गलतियाँ
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
RRB Group D: एक नज़र में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पदों का स्तर | सातवें वेतन आयोग का पे लेवल-1 (Level-1 posts) |
| भर्ती करने वाली संस्था | रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) — केंद्रीकृत रोजगार सूचना (CEN) के माध्यम से |
| विभाग | मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार (S&T), मेडिकल, ट्रैफिक और स्टोर्स — कुल 7 विभाग |
| योग्यता | मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास, या ITI, या NCVT से राष्ट्रीय शिक्षुता प्रमाणपत्र (NAC) |
| आयु सीमा | आमतौर पर 18–33 वर्ष (पिछली CEN सूचनाओं के अनुसार; ताजा सूचना जरूर देखें) |
| चयन प्रक्रिया | CBT → PET (शारीरिक दक्षता परीक्षा) → दस्तावेज़ सत्यापन → चिकित्सा परीक्षा |
| काम की प्रकृति | फील्ड और तकनीकी सहायक कार्य — ट्रैक, शेड, वर्कशॉप, यार्ड और स्टेशन पर |
एक बात पहले ही साफ कर दें: Group D का मतलब “चपरासी” नहीं है — ये सभी तकनीकी सहायक पद हैं, रेलवे की रीढ़। नीचे हर पद का काम विस्तार से दिया गया है।
तालिका की सबसे महत्वपूर्ण पंक्ति विभागों वाली है — आपका विभाग ही तय करता है कि आप ट्रैक पर काम करेंगे, शेड में या स्टेशन यार्ड में। योग्यता लगभग एक-सी होते हुए भी काम की प्रकृति में बड़ा अंतर है।
पोस्ट-वाइज काम की पूरी सूची
आधिकारिक CEN सूचनाओं में Group D के तहत आने वाले प्रमुख पद ये हैं:
| पद का नाम | विभाग | मुख्य काम |
|---|---|---|
| Track Maintainer Grade-IV | इंजीनियरिंग (P.Way) | रेलवे ट्रैक (परमानेंट वे) का रखरखाव — बैलास्ट की पैकिंग, फिटिंग कसना, स्लीपर/रेल बदलना, ट्रैक की गश्त |
| Pointsman-B | ट्रैफिक | स्टेशन यार्ड में पॉइंट्स और सिग्नल चलाना, शंटिंग में डिब्बे जोड़ना-खोलना, ट्रेनों को सही रास्ता देना |
| Assistant Loco Shed (Diesel/Electrical) | मैकेनिकल / इलेक्ट्रिकल | लोको शेड में डीजल/इलेक्ट्रिक इंजन की सफाई, जांच और मरम्मत में तकनीशियनों की सहायता |
| Assistant (Carriage & Wagon) | मैकेनिकल | डिब्बों और वैगनों की जांच — ब्रेक, कपलिंग, पहियों की देखभाल, सिक-लाइन मरम्मत में सहयोग |
| Assistant (S&T) | सिग्नल एवं दूरसंचार | सिग्नल उपकरण, रिले, केबल और टेलीकॉम सिस्टम की स्थापना व रखरखाव में सहायता |
| Assistant TRD | इलेक्ट्रिकल | 25 kV ओवरहेड ट्रैक्शन (OHE) तारों के रखरखाव में सहयोग — ऊंचाई पर, लाइव लाइन के पास काम |
| Assistant TL & AC | इलेक्ट्रिकल | डिब्बों की लाइटिंग, बैटरी और एयर-कंडीशनिंग सिस्टम का रखरखाव |
| Assistant Bridge / P.Way / Track Machine | इंजीनियरिंग | पुलों के निरीक्षण-रखरखाव, ट्रैक कार्यों और ट्रैक मशीनों के संचालन में सहयोग |
| Assistant (Workshop) / Assistant Depot | मैकेनिकल / स्टोर्स | वर्कशॉप में ओवरहॉल कार्यों में सहयोग; स्टोर्स में पुर्जों की आपूर्ति और भंडारण |
| Hospital Assistant | मेडिकल | रेलवे अस्पताल में मरीजों की देखभाल और चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव में सहयोग |
Track Maintainer Grade-IV सबसे ज्यादा रिक्तियों वाला पद है — पूरी तरह फील्ड का काम, मौसम चाहे जो हो। Pointsman-B स्टेशन यार्ड का सुरक्षा-संवेदनशील पद है — इसके लिए सबसे कड़ा चिकित्सा मानक (A-2, तेज़ दृष्टि) मांगा जाता है। Assistant Loco Shed और Assistant (C&W) शेड/डिपो आधारित हैं; Assistant TRD में ऊंचाई और लाइव लाइन के पास काम होने से सुरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य है। Hospital Assistant अकेला गैर-तकनीकी सेवा पद है।
ध्यान दें: हर पद का चिकित्सा मानक (A-2, B-1, B-2, C-1) आधिकारिक CEN सूचना में पद-वाइज दिया होता है — फॉर्म भरने से पहले उसे जरूर मिलाएं।
इन पदों को माहौल से तीन समूहों में समझें: खुले फील्ड वाले (Track Maintainer, Bridge/P.Way), परिसर-आधारित (लोको शेड, वर्कशॉप, स्टोर्स) और परिचालन-संवेदनशील (Pointsman-B, TRD)। वरीयता में उसी समूह के पद ऊपर रखें, जिसमें आप लंबे समय काम कर सकें।
वेतन और भत्ते (पे लेवल-1)
सभी Group D पद सातवें वेतन आयोग के पे लेवल-1 (₹18,000 – ₹56,900) में आते हैं। आधिकारिक CEN सूचनाओं के अनुसार प्रवेश पर बेसिक पे ₹18,000 होता है, और हर साल लगभग 3 प्रतिशत की वेतन-वृद्धि मिलती है। इसके ऊपर केंद्र सरकार के भत्ते जुड़ते हैं:

भत्तों की संरचना इस प्रकार समझें: बेसिक पे लेवल-1 में प्रवेश पर ₹18,000 है। महँगाई भत्ता (DA) बेसिक पर मिलता है, दर हर छह महीने में बदलती है — हिसाब हमेशा ताजा दर से लगाएँ। मकान किराया भत्ता (HRA) शहर के वर्ग (X/Y/Z) पर निर्भर है; रेलवे क्वार्टर मिलने पर HRA नहीं मिलता। यातायात भत्ता (TA) लेवल-1 स्लैब के अनुसार मिलता है, उस पर भी DA जुड़ता है। पद व ड्यूटी के अनुसार नाइट ड्यूटी भत्ता, ओवरटाइम (जहां लागू) और राष्ट्रीय अवकाश भत्ता भी मिल सकता है।
कुल वेतन में से NPS अंशदान (बेसिक + DA का 10%) और CGHS जैसी कटौतियाँ होती हैं। हाथ में लगभग ₹28,000 – ₹33,000 प्रतिमाह (अनुमानित) आता है — शहर के वर्ग और DA की ताजा दर पर निर्भर। चेतावनी: इंटरनेट की कई पुरानी तालिकाएँ पुराने DA पर बनी हैं; DA हर छह महीने में बदलता है।
वेतन के अलावा रेलवे की नौकरी के स्थायी लाभ हैं: स्वयं और परिवार के लिए मुफ्त/रियायती रेल यात्रा पास, रेलवे अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा, रेलवे क्वार्टर (उपलब्धता पर), LTC, और NPS के तहत पेंशन व्यवस्था।
एक दिन की दिनचर्या
ट्रैक मेंटेनर का एक आम दिन: सुबह गैंग के साथ सेक्शन पर पहुंचना — मेट से दिन का काम मिलता है। फिर पटरी की पैदल गश्त: फिश-प्लेट, बैलास्ट और बाहरी वस्तुओं की जांच। दोपहर में गेज-स्पैनर से पैकिंग और अलाइनमेंट; शाम को मेट को रिपोर्ट। मानसून में यही काम सबसे कठिन होता है।
पॉइंट्समैन की एक शिफ्ट: यार्ड में स्टेशन मास्टर से समन्वय — पॉइंट्स सेट करना, हैंड सिग्नल दिखाना, शंटिंग में डिब्बे जोड़ना-खोलना। हर मूवमेंट पर पूरी एकाग्रता — सुरक्षा श्रेणी का काम। शिफ्ट अंत में अगले पॉइंट्समैन को चार्ज सौंपना।
लोको शेड के सहायक का दिन: शेड में इंजन की सफाई-जांच में तकनीशियनों के साथ काम — औज़ार-पुर्जे संभालना, मरम्मत में हाथ बंटाना। काम शेड के अंदर, लेकिन शिफ्ट में।
शिफ्ट और नाइट ड्यूटी
Group D के कई पद शिफ्ट आधारित हैं — रेलवे 24 घंटे चलती है, इसलिए काम भी तीन पालियों (सुबह/शाम/रात) में बंटा होता है:
- शिफ्ट वाले पद: Pointsman-B, Assistant TRD, लोको शेड सहायक, TL & AC (ट्रेन ड्यूटी पर) — इनमें रात की ड्यूटी भी आती है।
- आमतौर पर दिन में: Track Maintainer (फील्ड गैंग — सुबह से शाम), वर्कशॉप सहायक, स्टोर्स/डिपो सहायक, Hospital Assistant।
- नाइट ड्यूटी भत्ता: रात की पाली में काम करने पर नियमानुसार अतिरिक्त भत्ता मिलता है।
- साप्ताहिक विश्राम: शिफ्ट रोस्टर में साप्ताहिक अवकाश नियमानुसार दिया जाता है।
ईमानदार बात: रात की ड्यूटी इस नौकरी का हिस्सा है — खासकर ट्रैफिक और ट्रैक्शन जैसे परिचालन विभागों में।
पद चुनते समय शिफ्ट-व्यवस्था अपने जीवन-क्रम से मिलाएँ। शिफ्ट ड्यूटी में नाइट भत्ता मिलता है, पर नींद का तालमेल बिठाना पड़ता है; दिन-वाले पदों में दिनचर्या नियमित है, पर काम खुले मौसम में होता है।
पोस्टिंग और ट्रांसफर
- पोस्टिंग: चयन के बाद संबंधित रेलवे ज़ोन के डिवीजन/यूनिट में तैनाती होती है — फॉर्म भरते समय चुने गए RRB/पद की वरीयता के अनुसार। ट्रैक मेंटेनर को सेक्शन/गैंग में, शेड सहायक को लोको शेड में, पॉइंट्समैन को स्टेशन यार्ड में तैनात किया जाता है।
- अखिल भारतीय सेवा दायित्व: रेलवे की नौकरी में भारत में कहीं भी तैनाती हो सकती है — यह शर्त नियुक्ति का हिस्सा है।
- ट्रांसफर: आपसी सहमति (म्यूचुअल) ट्रांसफर और स्वयं के अनुरोध पर ट्रांसफर रेलवे नियमों के तहत संभव है — आमतौर पर कुछ वर्ष की सेवा के बाद।
- आवास: रेलवे कॉलोनियों में क्वार्टर उपलब्धता के आधार पर मिलते हैं; न मिलने पर HRA मिलता है।
प्रमोशन: LDCE और आगे का रास्ता
Group D “अंतिम मंज़िल” नहीं है — रेलवे में नीचे से ऊपर जाने का रास्ता विभागीय परीक्षाओं से खुलता है:
- ट्रैक मेंटेनर: ग्रेड-IV → ग्रेड-III → ग्रेड-II → ग्रेड-I → मेट/की-मैन → परमानेंट वे मिस्त्री — अनुभव और विभागीय चयन से।
- पॉइंट्समैन: सीनियर पॉइंट्समैन → GDCE (सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा) से असिस्टेंट स्टेशन मास्टर (ASM) — ट्रैफिक कैडर में जाने का मान्य रास्ता।
- तकनीकी सहायक: टेक्नीशियन ग्रेड-III → ग्रेड-II → ग्रेड-I → सीनियर टेक्नीशियन → विभागीय परीक्षा से जूनियर इंजीनियर (JE) तक।
- MACP: बिना औपचारिक प्रमोशन के भी 10, 20 और 30 वर्ष की सेवा पर वेतन-स्तर में वित्तीय उन्नयन मिलता है।
संक्षेप में: कुछ वर्ष की सेवा के बाद GDCE/LDCE से टेक्नीशियन, क्लर्क, ASM और JE जैसे उच्च पदों पर जाया जा सकता है — इसीलिए Group D को रेलवे का “प्रवेश द्वार” कहा जाता है।
लंबी अवधि में प्रमोशन दो स्तरों पर काम करता है: अनुभव-आधारित ग्रेड उन्नति, और GDCE/LDCE जैसी विभागीय परीक्षाएं — जिनकी तैयारी साथ-साथ चलती है। MACP यह सुनिश्चित करता है कि प्रमोशन न मिले तो भी वेतन-वृद्धि का रास्ता बंद नहीं होता।
महिलाओं के लिए Group D
Group D के सभी पद महिलाओं के लिए भी खुले हैं — चिकित्सा मानक महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए समान होते हैं। लेकिन पद चुनते समय काम की शारीरिक प्रकृति को समझना जरूरी है:
- तुलनात्मक रूप से उपयुक्त पद: Assistant (S&T), Assistant TL & AC, Hospital Assistant, Assistant Depot (Stores), Assistant (Workshop) — भारी शारीरिक श्रम कम, काम शेड/वर्कशॉप/अस्पताल परिसर में।
- सोचकर चुनें: Track Maintainer सबसे कठिन फील्ड कार्य है (धूप, बारिश, रात की गश्त)। Pointsman-B में शिफ्ट (रात सहित) होती है, पर काम यार्ड/स्टेशन परिसर में।
- PET मानक (आधिकारिक): महिलाओं के लिए 1000 मीटर 5 मिनट 40 सेकंड में + 20 किलो वज़न 100 मीटर तक 2 मिनट में।
- व्यावहारिक सलाह: पद की वरीयता शारीरिक क्षमता और पारिवारिक स्थिति के अनुकूल रखें; CEN में दी चिकित्सा श्रेणी जरूर मिलाएं।
चयन प्रक्रिया (संक्षेप में)
- CBT (कंप्यूटर आधारित परीक्षा): 100 प्रश्न, 90 मिनट — गणित, रीजनिंग, सामान्य विज्ञान और सामान्य ज्ञान/करंट अफेयर्स। गलत उत्तर पर निगेटिव मार्किंग होती है।
- PET (शारीरिक दक्षता परीक्षा): CBT में सफल अभ्यर्थियों के लिए — पुरुष: 1000 मीटर 4 मिनट 15 सेकंड में + 35 किलो वज़न 100 मीटर तक 2 मिनट में; महिला: 1000 मीटर 5 मिनट 40 सेकंड में + 20 किलो वज़न 100 मीटर तक 2 मिनट में।
- दस्तावेज़ सत्यापन: शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और श्रेणी/आयु प्रमाण की जांच।
- चिकित्सा परीक्षा: पद के अनुसार निर्धारित चिकित्सा मानक (A-2, B-1, B-2, C-1) — यह चरण कई अभ्यर्थियों के लिए निर्णायक होता है।
नोट: प्रश्नों की संख्या, परीक्षा अवधि और PET मानक हर CEN सूचना में दिए होते हैं — तैयारी हमेशा ताजा आधिकारिक सूचना के अनुसार करें, पुरानी सूचनाओं के आंकड़ों पर नहीं।
तैयारी की रणनीति
रणनीति चारों चरणों को देखकर बनाएं, सिर्फ CBT को नहीं। CBT में 100 प्रश्नों के लिए 90 मिनट हैं और निगेटिव मार्किंग होती है — गति के साथ संयम जरूरी है। PET की तैयारी परिणाम का इंतजार करके शुरू न करें; इसके मानक हफ्तों के अभ्यास से बनते हैं। चिकित्सा मानक की जांच सबसे पहले करें — दृष्टि या स्वास्थ्य पद के मानक (जैसे A-2) से मेल न खाए तो वरीयता उसी हिसाब से रखें।
कौन सा पद चुनें?
- ज्यादा रिक्तियां: Track Maintainer Grade-IV — सबसे ज्यादा पद, लेकिन सबसे कठिन फील्ड कार्य।
- तकनीकी करियर: Assistant Loco Shed / (C&W) / (S&T) — तकनीशियन से JE तक का रास्ता।
- परिचालन में रुचि: Pointsman-B — ASM बनने का रास्ता, लेकिन शिफ्ट और कड़ा मेडिकल मानक।
- कम शारीरिक श्रम / महिला अभ्यर्थी: Assistant Depot (Stores), Hospital Assistant, Assistant (Workshop) — “महिलाओं के लिए Group D” खंड भी पढ़ें।
अभ्यर्थियों की आम गलतियाँ
सिर्फ रिक्तियों की संख्या देखकर पद चुनना: Track Maintainer में सबसे ज्यादा पद हैं, पर काम सबसे कठिन फील्ड कार्य है — वरीयता अपनी क्षमता से तय करें।
चिकित्सा मानक को अंत के लिए छोड़ना: कई अभ्यर्थी अंतिम चरण में ही बाहर हो जाते हैं; फॉर्म से पहले CEN के मानक अपनी स्थिति से मिलाएँ।
पुराने DA वाली सैलरी तालिकाओं पर भरोसा: हाथ में वेतन ताजा DA दर और शहर के HRA वर्ग से बदलता है — अनुमान इन्हीं से लगाएँ।
PET को CBT के बाद की बात समझना: दौड़ और वज़न के मानक अभ्यास से बनते हैं; देर से शुरुआत पर समय नहीं बचता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
RRB Group D में असल में क्या काम करना होता है?
पद के अनुसार काम अलग है — ट्रैक मेंटेनर पटरी का रखरखाव करता है, पॉइंट्समैन यार्ड में पॉइंट्स-सिग्नल चलाता है, लोको शेड सहायक इंजन की देखभाल में मदद करता है, और वर्कशॉप सहायक मरम्मत कार्यों में सहयोग करता है। ये सभी तकनीकी सहायक पद हैं।
Group D की सैलरी कितनी होती है?
पे लेवल-1 में प्रवेश पर बेसिक पे ₹18,000 होता है। DA, HRA और TA जोड़कर हाथ में लगभग ₹28,000 – ₹33,000 (अनुमानित) आता है — शहर के वर्ग और DA की ताजा दर पर निर्भर।
क्या 10वीं पास Group D के लिए आवेदन कर सकता है?
हां। मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास, या ITI, या NCVT का NAC रखने वाले आवेदन कर सकते हैं। कुछ पदों पर विशेष ट्रेड में ITI मांगा जा सकता है — ताजा CEN जरूर देखें।
क्या महिलाएं Group D में आवेदन कर सकती हैं?
हां, सभी पद महिलाओं के लिए खुले हैं और चिकित्सा मानक समान हैं। शारीरिक प्रकृति के हिसाब से Assistant (S&T), TL & AC, Hospital Assistant और Depot जैसे पद तुलनात्मक रूप से उपयुक्त माने जाते हैं।
Group D से प्रमोशन कैसे होता है?
अनुभव के साथ ग्रेड में उन्नति होती है, और कुछ वर्ष की सेवा के बाद GDCE/LDCE जैसी विभागीय परीक्षाओं से टेक्नीशियन, ASM, क्लर्क और JE जैसे उच्च पदों पर जाया जा सकता है। 10/20/30 वर्ष पर MACP से वित्तीय उन्नयन भी मिलता है।
क्या Group D में नाइट ड्यूटी होती है?
हां — पॉइंट्समैन, TRD, लोको शेड जैसे परिचालन पदों पर शिफ्ट ड्यूटी (रात की पाली सहित) होती है, जिसके लिए नाइट ड्यूटी भत्ता भी मिलता है। ट्रैक मेंटेनर और वर्कशॉप के काम आमतौर पर दिन में होते हैं।
Group D में ट्रांसफर मिल सकता है?
हां — म्यूचुअल ट्रांसफर और स्वयं के अनुरोध पर ट्रांसफर रेलवे नियमों के तहत संभव है, आमतौर पर कुछ वर्ष की सेवा के बाद। लेकिन नियुक्ति के समय अखिल भारतीय तैनाती की शर्त होती है।
Last Updated: 21 October 2026