SSC MTS (Multi Tasking Staff) केंद्र सरकार के कार्यालयों में काम करने वाला ग्रुप C का पद है — गैर-राजपत्रित और गैर-मंत्रालयिक। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) इस पद के लिए परीक्षा आयोजित करता है। इस परीक्षा की खास बात यह है कि इससे दो तरह के पद भरे जाते हैं: सामान्य MTS और हवलदार (CBIC व CBN में)। दोनों का वेतन एक जैसा है, लेकिन काम, विभाग और चयन-प्रक्रिया अलग-अलग है। सिर्फ 10वीं पास पर केंद्र सरकार की नौकरी का यह सबसे बड़ा रास्ता है।
इस पेज में:
- MTS और हवलदार: दो अलग प्रोफाइल
- विभागवार काम: तुलना तालिका
- MTS का एक दिन: आमतौर पर क्या काम होता है
- पे लेवल और वेतन
- हवलदार के लिए PET/PST मानक
- पोस्टिंग और ट्रांसफर
- प्रमोशन और करियर पथ
- असली चुनौतियाँ
- यह नौकरी किसे चुननी चाहिए
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
MTS और हवलदार: दो अलग प्रोफाइल
SSC की अधिसूचना के अनुसार इस परीक्षा से Multi-Tasking (Non-Technical) Staff के पद भरे जाते हैं — सातवें वेतन आयोग के पे लेवल-1 में, जनरल सेंट्रल सर्विस ग्रुप C, गैर-राजपत्रित, गैर-मंत्रालयिक पद। इनकी नियुक्ति भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, कार्यालयों के साथ-साथ संवैधानिक निकायों, वैधानिक निकायों और न्यायाधिकरणों में होती है।
इसी परीक्षा से हवलदार के पद भी भरे जाते हैं — वही पे लेवल-1, वही ग्रुप C, गैर-राजपत्रित, गैर-मंत्रालयिक। लेकिन हवलदार की नियुक्ति सिर्फ दो जगह होती है: केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN), दोनों राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय के अधीन।
सबसे बड़ा अंतर चयन-प्रक्रिया में है। MTS के लिए सिर्फ कंप्यूटर आधारित परीक्षा होती है, जबकि हवलदार के लिए उसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और शारीरिक मानक परीक्षा (PST) भी देनी होती है। 2021 से हवलदार के पद इस परीक्षा में जोड़े गए हैं — यानी यह परीक्षा अब सिर्फ दफ्तरी काम की नहीं, फील्ड-ड्यूटी वाले पद की भी है।
विभागवार काम: तुलना तालिका
नीचे दोनों प्रोफाइल की सीधी तुलना दी गई है, ताकि आवेदन से पहले ही साफ हो जाए कि कौन सा पद किसके लिए है।
| बिंदु | MTS (सामान्य) | हवलदार (CBIC) | हवलदार (CBN) |
|---|---|---|---|
| नियुक्ति कहाँ | मंत्रालय, विभाग, कार्यालय, संवैधानिक/वैधानिक निकाय, न्यायाधिकरण | कस्टम/जीएसटी कार्यालय, बंदरगाह, हवाई अड्डे, सीमा क्षेत्र | नारकोटिक्स नियंत्रण इकाइयाँ |
| काम का स्वभाव | कार्यालयीन सहायक कार्य | फील्ड और कार्यालय, दोनों | फील्ड-प्रधान |
| मुख्य दायित्व | फाइल-डाक, रिकॉर्ड रखरखाव, फोटोकॉपी, कार्यालय खोलना-बंद करना | निरीक्षकों की सहायता, गोदामों की सुरक्षा, गश्त, तलाशी में सहयोग | छापों और निगरानी में सहयोग, जब्त माल की सुरक्षा |
| शारीरिक परीक्षा | नहीं | PET/PST अनिवार्य | PET/PST अनिवार्य |
| वर्दी | आमतौर पर नहीं | हाँ (वर्दी भत्ता नियमानुसार) | हाँ |
| वेतन स्तर | पे लेवल-1 | पे लेवल-1 | पे लेवल-1 |
विभागों में MTS को मिलने वाले पदनाम अलग-अलग होते हैं — प्यून (फराश), जमादार, दफ्तरी, चौकीदार, सफाईवाला, माली, गेटकीपर, ऑपरेटर। कौन सा पदनाम मिलेगा, यह आवंटित विभाग और उसकी जरूरत पर निर्भर करता है। अधिसूचना में पद का नाम “Multi-Tasking Staff” ही रहता है; विशिष्ट पदनाम विभाग देता है।
MTS का एक दिन: आमतौर पर क्या काम होता है
MTS का काम कार्यालय को चलाने वाला बुनियादी काम है। दिन की शुरुआत कार्यालय और कमरों को खोलने से होती है — रिकॉर्ड और फाइलों की भौतिक देखभाल, डाक (डाक) का डायरी में दर्ज करना, डिस्पैच और डिलीवरी, एक अनुभाग से दूसरे अनुभाग तक फाइलें पहुँचाना।
दिन के बीच में फोटोकॉपी, स्कैनिंग, पत्रों का वितरण और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर छोटे-मोटे कार्यालयीन काम होते हैं। जिनके पास ITI योग्यता है, उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार तकनीकी काम भी सौंपा जा सकता है। वैध ड्राइविंग लाइसेंस वालों को विभागीय वाहन चलाने का काम भी मिल सकता है।
शाम को कमरों को बंद करना, चाबियों का हिसाब और वॉच-एंड-वार्ड ड्यूटी दिनचर्या का हिस्सा है। सार यह है कि MTS कार्यालय की रीढ़ का काम करता है। दिखाई कम देता है, लेकिन इसके बिना दफ्तर का रोज का पहिया रुक जाए।
पे लेवल और वेतन
MTS और हवलदार दोनों सातवें वेतन आयोग के पे लेवल-1 (₹18,000 – ₹56,900) में आते हैं। प्रवेश पर बेसिक पे ₹18,000 होता है और हर साल लगभग 3 प्रतिशत की वेतन-वृद्धि मिलती है। इसके ऊपर केंद्र सरकार के भत्ते जुड़ते हैं:

- बेसिक पे (लेवल-1, प्रवेश): ₹18,000
- महँगाई भत्ता: बेसिक पर; दर समय-समय पर बदलती है
- मकान किराया भत्ता: शहर के वर्ग (X/Y/Z) पर निर्भर
- यातायात भत्ता: नियमानुसार
इन सबको जोड़कर कुल वेतन बनता है, जिसमें से NPS अंशदान और CGHS जैसी कटौतियाँ होती हैं। हाथ में आने वाली रकम लगभग ₹22,000 – ₹28,000 (अनुमानित) रहती है — यह पोस्टिंग के शहर के वर्ग, महँगाई भत्ते की ताजा दर और व्यक्तिगत कटौतियों पर निर्भर करती है। ईमानदार चेतावनी: इंटरनेट पर मिलने वाली कई पुरानी तालिकाएँ शून्य महँगाई भत्ते पर बनी हैं; DA हर छह महीने में बदलता है, इसलिए हमेशा ताजा दर से हिसाब लगाएँ।
हवलदार के लिए PET/PST मानक
हवलदार (CBIC व CBN) के लिए शारीरिक परीक्षा अनिवार्य है। अधिसूचना में दिए गए मानक इस प्रकार हैं:
शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET):
- पुरुष: 15 मिनट में 1600 मीटर पैदल; 30 मिनट में 8 किलोमीटर साइकिल
- महिला: 20 मिनट में 1 किलोमीटर पैदल; 25 मिनट में 3 किलोमीटर साइकिल
शारीरिक मानक परीक्षा (PST):
- पुरुष: ऊँचाई 157.5 सेमी (गढ़वाली, असमिया, गोरखा और अनुसूचित जनजाति के लिए 5 सेमी की छूट); सीना 81 सेमी (पूरी तरह फुलाकर, न्यूनतम 5 सेमी फुलाव के साथ)
- महिला: ऊँचाई 152 सेमी; वजन न्यूनतम 48 किलोग्राम
MTS पद के लिए कोई शारीरिक परीक्षा नहीं होती; सिर्फ कंप्यूटर आधारित परीक्षा से चयन होता है।
पोस्टिंग और ट्रांसफर
MTS की नियुक्ति देश भर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित कार्यालयों में होती है। परीक्षा में राज्य/केंद्र शासित प्रदेश वरीयता माँगी जाती है, लेकिन अंतिम आवंटन रिक्तियों और मेरिट के अनुसार होता है। हवलदार की पोस्टिंग CBIC के कस्टम/जीएसटी कार्यालयों या CBN की इकाइयों में होती है — बंदरगाह, हवाई अड्डे और सीमा क्षेत्रों सहित।
ट्रांसफर विभागीय नियमों के अनुसार होता है। केंद्रीय सेवा होने के कारण एक राज्य से दूसरे राज्य तबादला संभव है, हालाँकि MTS जैसे पदों पर तबादले अपेक्षाकृत कम होते हैं। हवलदार जैसे फील्ड पदों पर रोटेशनल पोस्टिंग का चलन ज्यादा है।
प्रमोशन और करियर पथ
MTS से आगे बढ़ने का मुख्य रास्ता विभागीय नियमों के अनुसार लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC)/जूनियर सचिवालय सहायक का पद है — वरिष्ठता या सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से। वहाँ से अपर डिवीजन क्लर्क (UDC) और आगे लिपिकीय संवर्ग में तरक्की का क्रम चलता है। CBIC में हवलदार के लिए विभागीय नियमों के अनुसार टैक्स असिस्टेंट और निरीक्षक संवर्ग की ओर बढ़ने का मार्ग है।
इसके अलावा MACP (Modified Assured Career Progression) योजना के तहत 10, 20 और 30 साल की सेवा पर वित्तीय उन्नयन मिलता है, भले ही पदोन्नति न हुई हो। ईमानदार बात: पदोन्नति की सटीक समय-सीमा किसी अधिसूचना में तय नहीं होती। यह रिक्तियों, वरिष्ठता और विभागीय भर्ती नियमों पर निर्भर करती है। जो अभ्यर्थी नौकरी के साथ स्नातक पूरा कर लेते हैं, उनके लिए विभागीय परीक्षाओं से आगे बढ़ना आसान हो जाता है।
असली चुनौतियाँ
शुरुआती वेतन और महानगर का खर्च: लेवल-1 का शुरुआती वेतन छोटे शहरों में ठीक है, लेकिन दिल्ली-मुंबई जैसे X श्रेणी के शहरों में किराया निकालने के बाद बचत कम रहती है। HRA शहर के वर्ग पर मिलता है, फिर भी शुरुआती साल तंगी वाले हो सकते हैं।
काम की प्रकृति: फाइलें ढोना, सफाई-व्यवस्था देखना, गेट पर ड्यूटी। यह काम शारीरिक है और कुछ लोगों को “छोटा” लग सकता है। जो मानसिक रूप से इसके लिए तैयार नहीं, उन्हें रोज का काम बोझ लगेगा।
धीमी तरक्की: LDC बनने में सालों लग सकते हैं और यह रिक्तियों पर निर्भर है। तेज करियर-विकास चाहने वालों के लिए यह पद धीमा पड़ सकता है। धैर्य और विभागीय परीक्षा की तैयारी ही रास्ता है।
हवलदार की फील्ड-जोखिम: तस्करी-रोधी और नारकोटिक्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग का काम जोखिम-भरा हो सकता है। शिफ्ट और अचानक ड्यूटी भी इस प्रोफाइल का हिस्सा है।
यह नौकरी किसे चुननी चाहिए
यह पद उनके लिए है जिन्होंने 10वीं पास की है और बिना स्नातक डिग्री के केंद्र सरकार की स्थायी नौकरी चाहते हैं — पेंशन (NPS), चिकित्सा सुविधा और नौकरी की सुरक्षा के साथ। अनुशासन, शारीरिक सक्रियता और छोटे-बड़े हर काम को जिम्मेदारी से करने की मानसिकता इस पद की बुनियाद है।
वहीं जिन्हें पहले दिन से डेस्क-क्लर्क का काम, तेज तरक्की या सिर्फ अपने शहर में पोस्टिंग चाहिए, उन्हें इस पद की हकीकत पहले समझ लेनी चाहिए। MTS करियर की सीढ़ी का पहला पायदान है: मजबूत, लेकिन पहला ही।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: MTS और हवलदार में क्या अंतर है?
दोनों SSC MTS परीक्षा से भरे जाते हैं और दोनों पे लेवल-1, ग्रुप C के पद हैं। MTS की नियुक्ति विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के कार्यालयों में होती है और चयन सिर्फ कंप्यूटर परीक्षा से होता है। हवलदार CBIC या CBN में होता है, फील्ड-ड्यूटी वाला पद है और इसके लिए PET/PST भी देना होता है।
प्रश्न 2: SSC MTS की इन-हैंड सैलरी कितनी होती है?
प्रवेश पर बेसिक पे ₹18,000 (पे लेवल-1) होता है। भत्तों के बाद इन-हैंड वेतन लगभग ₹22,000 – ₹28,000 (अनुमानित) रहता है, जो शहर के वर्ग और महँगाई भत्ते की ताजा दर पर निर्भर करता है।
प्रश्न 3: क्या MTS से LDC बना जा सकता है?
हाँ। विभागीय भर्ती नियमों के अनुसार MTS से लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पद पर पदोन्नति होती है: वरिष्ठता या सीमित विभागीय परीक्षा के माध्यम से। सटीक समय-सीमा रिक्तियों पर निर्भर करती है।
प्रश्न 4: हवलदार के लिए शारीरिक परीक्षा में क्या होता है?
पुरुषों को 15 मिनट में 1600 मीटर पैदल और 30 मिनट में 8 किमी साइकिल; महिलाओं को 20 मिनट में 1 किमी पैदल और 25 मिनट में 3 किमी साइकिल चलानी होती है। साथ में ऊँचाई/सीने/वजन के मानक भी जाँचे जाते हैं।
प्रश्न 5: MTS में पोस्टिंग कहाँ होती है? क्या ट्रांसफर होता है?
पोस्टिंग देश भर के केंद्रीय कार्यालयों में होती है। केंद्रीय सेवा होने से अंतर-राज्य तबादला संभव है, लेकिन MTS जैसे पदों पर तबादले अपेक्षाकृत कम होते हैं; विभागीय नियम लागू होते हैं।
Last Updated: 13 अक्टूबर 2026