CTET Syllabus 2026 in Hindi: Paper 1, Paper 2 Pattern और State TET से अंतर

शिक्षक बनने का पहला दरवाजा TET है — Teacher Eligibility Test। केंद्र सरकार के स्कूलों के लिए यह परीक्षा CTET कहलाती है, जिसका आयोजन CBSE करता है। कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए Paper 1 और कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के लिए Paper 2 होता है। दोनों पेपरों में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न, 150 अंक और 2.5 घंटे का समय मिलता है, और गलत उत्तर पर कोई अंक नहीं कटता।

राज्य सरकार के स्कूलों के लिए अलग-अलग State TET होते हैं — जैसे UPTET, REET और बिहार STET। इनका बुनियादी ढांचा CTET जैसा ही है, लेकिन पाठ्यक्रम में राज्य की पाठ्यपुस्तकें और क्षेत्रीय भाषा जुड़ जाती है। इस पेज पर CTET Paper 1 और Paper 2 का पूरा आधिकारिक पैटर्न, विषयवार प्रश्न-विभाजन, क्वालीफाइंग अंक और State TET से सीधी तुलना दी गई है।

इस पेज में:

TET और CTET क्या है

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) की धारा 23(1) के तहत NCTE ने कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षक पद के लिए TET उत्तीर्ण करना अनिवार्य योग्यता बनाया है। यह व्यवस्था NCTE की 23 अगस्त 2010 और 29 जुलाई 2011 की अधिसूचनाओं से लागू हुई। शिक्षा मंत्रालय ने Central Teacher Eligibility Test (CTET) आयोजित करने की जिम्मेदारी CBSE को सौंपी है।

दो बातें साफ समझ लें। पहली: CTET पात्रता परीक्षा है, नौकरी की गारंटी नहीं — CBSE केवल परीक्षा आयोजित करता है, नियुक्ति नहीं देता। दूसरी: CTET का आधिकारिक पाठ्यक्रम Information Bulletin के परिशिष्ट-I में दिया होता है, और विस्तृत विषय-वस्तु के लिए NCTE द्वारा सुझाई गई प्रामाणिक पाठ्यपुस्तकों (NCERT) को ही आधार माना जाता है। कोचिंग के PDF में जोड़े गए अतिरिक्त अध्याय आधिकारिक नहीं होते।

पात्रता बनाम भर्ती का यह अंतर समझना इसलिए जरूरी है, क्योंकि कई अभ्यर्थी CTET पास करते ही नौकरी की उम्मीद बांध लेते हैं। असलियत यह है कि CTET पास करने के बाद आपको KVS, NVS जैसे केंद्रीय संस्थानों या राज्य सरकार की शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में अलग से आवेदन करना होता है। वहां आपके CTET अंक अक्सर मेरिट या शॉर्टलिस्टिंग में काम आते हैं, लेकिन अंतिम चयन भर्ती संस्था की अपनी नियमावली से होता है। इसलिए CTET को दरवाजा समझें — मंजिल तक पहुंचने के लिए भर्ती परीक्षा की तैयारी भी साथ-साथ रखनी चाहिए।

CTET परीक्षा पैटर्न एक नजर में

दोनों पेपर वस्तुनिष्ठ (MCQ) होते हैं। हर सही उत्तर पर 1 अंक मिलता है। प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में होता है।

बिंदु Paper 1 (कक्षा 1-5) Paper 2 (कक्षा 6-8)
कुल प्रश्न 150 MCQ 150 MCQ
कुल अंक 150 150
समय 2.5 घंटे 2.5 घंटे
नेगेटिव मार्किंग नहीं नहीं
खंड 5 (प्रत्येक 30 प्रश्न) 4 (30+30+30+60)

दोनों पेपर अलग-अलग सत्रों में आयोजित होते हैं। जो अभ्यर्थी कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाना चाहते हैं, उन्हें दोनों पेपर देने होते हैं।

CTET Paper 1 सिलेबस (कक्षा 1-5)

Paper 1 प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए है। पांचों खंडों में 30-30 प्रश्न आते हैं।

खंड प्रश्न अंदरूनी विभाजन
बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (CDP) 30 बाल विकास 15 + समावेशी शिक्षा 5 + अधिगम और शिक्षाशास्त्र 10
भाषा-I 30 भाषा बोध 15 + भाषा-विकास का शिक्षाशास्त्र 15
भाषा-II 30 भाषा बोध 15 + भाषा-विकास का शिक्षाशास्त्र 15
गणित 30 विषय-वस्तु 15 + शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे 15
पर्यावरण अध्ययन (EVS) 30 विषय-वस्तु 15 + शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे 15

CDP: पियाजे, कोहलबर्ग और वायगोत्स्की के सिद्धांत, वंशानुक्रम और वातावरण का प्रभाव, समावेशी शिक्षा, सतत और समग्र मूल्यांकन (CCE), अभिप्रेरणा और अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक। ध्यान रहे — CDP में परिभाषा रटने वाले प्रश्न कम आते हैं; ज्यादातर प्रश्न कक्षा की किसी परिस्थिति का वर्णन करके पूछते हैं कि अच्छा शिक्षक क्या करेगा।

गणित: ज्यामिति, आकृतियां, संख्याएं, जोड़-घटाव, गुणा-भाग, मापन, भार, समय, आयतन, आंकड़ों का प्रबंधन, पैटर्न और धन। आधा पेपर शिक्षाशास्त्र का है — जैसे बच्चे की गलत हल-प्रक्रिया दिखाकर पूछा जाता है कि गलती से शिक्षक को क्या समझना चाहिए।

EVS: छह थीम — परिवार और मित्र, भोजन, आवास, पानी, यात्रा, और हम जो बनाते व करते हैं। ये अध्यायों के नाम नहीं, धागे हैं जो कक्षा 3 से 5 की NCERT किताबों में फैले हैं; एक थीम कई अध्यायों से तथ्य खींच सकती है।

भाषा-I और भाषा-II: भाषा-I में दो अपठित गद्यांश होते हैं — एक गद्य या नाटक और एक कविता। भाषा-II में दो अपठित गद्य गद्यांश होते हैं, कविता नहीं होती। दोनों भाषाएं अलग-अलग होनी चाहिए, और बुलेटिन की सूची (हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू सहित कई भाषाएं) में से चुनी जाती हैं।

एक जरूरी बात: Paper 1 के विषय कक्षा 1 से 5 की NCERT से लिए जाते हैं, लेकिन प्रश्नों की कठिनाई माध्यमिक स्तर तक जा सकती है। कक्षा 3 की विषय-वस्तु का मतलब कक्षा 3 जैसी आसान कठिनाई नहीं होता।

CTET Paper 2 सिलेबस (कक्षा 6-8)

Paper 2 उच्च प्राथमिक स्तर के लिए है। CDP और दोनों भाषाएं Paper 1 जैसी ही हैं, लेकिन विषय-खंड बड़ा होता है।

खंड प्रश्न अंदरूनी विभाजन
बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (CDP) 30 बाल विकास 15 + समावेशी शिक्षा 5 + अधिगम और शिक्षाशास्त्र 10
भाषा-I 30 भाषा बोध 15 + भाषा-विकास का शिक्षाशास्त्र 15
भाषा-II 30 भाषा बोध 15 + भाषा-विकास का शिक्षाशास्त्र 15
गणित और विज्ञान (वैकल्पिक) 60 गणित: विषय-वस्तु 20 + शिक्षाशास्त्र 10; विज्ञान: विषय-वस्तु 20 + शिक्षाशास्त्र 10
सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान (वैकल्पिक) 60 विषय-वस्तु 40 + शिक्षाशास्त्रीय मुद्दे 20

गणित-विज्ञान के शिक्षक पहला विकल्प चुनते हैं, सामाजिक विज्ञान के शिक्षक दूसरा। अन्य विषयों के शिक्षक दोनों में से कोई एक चुन सकते हैं। गणित में संख्या पद्धति, बीजगणित, ज्यामिति, क्षेत्रमिति और आंकड़ों का प्रबंधन आता है; विज्ञान में भोजन, पदार्थ, प्राकृतिक परिघटनाएं और प्राकृतिक संसाधन; सामाजिक विज्ञान में इतिहास, भूगोल और सामाजिक-राजनीतिक जीवन।

Paper 1 के उलट Paper 2 के गणित में विषय-वस्तु का भार ज्यादा है (20 प्रश्न) और शिक्षाशास्त्र का कम (10 प्रश्न) — यहां गणना की गति ज्यादा मायने रखती है। विषय कक्षा 6 से 8 की NCERT से आते हैं, पर प्रश्न सीनियर सेकेंडरी स्तर तक जा सकते हैं।

क्वालीफाइंग अंक, वैधता और पात्रता

क्वालीफाइंग अंक: CTET उत्तीर्ण माने जाने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को 60 प्रतिशत अंक (150 में से 90) लाने होते हैं। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलती है।

वैधता: CTET पात्रता प्रमाणपत्र आजीवन वैध है। परीक्षा देने के लिए कोई आयु सीमा नहीं है और प्रयासों की संख्या पर भी कोई प्रतिबंध नहीं है — एक बार उत्तीर्ण होने के बाद अंक सुधारने के लिए दोबारा भी बैठा जा सकता है।

पात्रता: NCTE के न्यूनतम मानदंडों के अनुसार Paper 1 के लिए सीनियर सेकेंडरी के साथ D.El.Ed या B.Ed, और Paper 2 के लिए स्नातक के साथ B.Ed या D.El.Ed आवश्यक है। विस्तृत शर्तें हर बार के Information Bulletin में दी जाती हैं — आवेदन से पहले वही देखें।

चक्र की स्थिति: परीक्षा तिथि, आवेदन कार्यक्रम और विस्तृत सूचना CBSE हर चक्र के Information Bulletin में ctet.nic.in पर जारी करता है। तारीखें हर चक्र में बदलती हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक बुलेटिन ही देखें।

CTET बनाम State TET: सीधी तुलना

राज्य सरकार के स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए संबंधित राज्य का TET देना होता है — जैसे उत्तर प्रदेश का UPTET, राजस्थान का REET और बिहार का STET। बुनियादी ढांचा एक जैसा है, पर कुछ अहम फर्क हैं।

बिंदु CTET State TET
आयोजन CBSE (केंद्र सरकार) संबंधित राज्य सरकार या बोर्ड
प्रमाणपत्र कहां मान्य केंद्रीय विद्यालयों (KVS, NVS आदि) और CTET स्वीकार करने वाले राज्यों में संबंधित राज्य के सरकारी विद्यालयों में
पाठ्यक्रम का आधार NCERT + NCTE दिशा-निर्देश NCERT + राज्य की SCERT पाठ्यपुस्तकें
भाषा भाषा-I/II बुलेटिन की सूची से क्षेत्रीय भाषा का खंड जुड़ सकता है
परीक्षा ढांचा 150 MCQ, 150 अंक, 2.5 घंटे, नेगेटिव मार्किंग नहीं अधिकतर समान ढांचा; राज्यवार भिन्नता संभव
वैधता आजीवन राज्य के नियमानुसार

तीन व्यावहारिक फर्क याद रखें। पहला: State TET में राज्य के पाठ्यक्रम और क्षेत्रीय भाषा के प्रश्न आते हैं, इसलिए उसी राज्य की किताबों से तैयारी करनी होती है। दूसरा: कई राज्यों में TET सिर्फ पात्रता है — उसके बाद शिक्षक भर्ती के लिए अलग परीक्षा या मेरिट प्रक्रिया भी होती है। तीसरा: एक राज्य का TET प्रमाणपत्र आमतौर पर उसी राज्य में मान्य होता है, जबकि CTET का दायरा केंद्रीय संस्थानों तक फैला है।

तैयारी की चेकलिस्ट

  • आधार NCERT की कक्षा 1 से 8 की किताबें रखें; शिक्षाशास्त्र के लिए NCTE की सामग्री देखें।
  • CDP में सिद्धांतों के साथ-साथ कक्षा-परिस्थिति वाले प्रश्नों का अभ्यास करें — यही 30 अंक तय करते हैं।
  • शिक्षाशास्त्र का हिस्सा हल्के में न लें: Paper 1 में 60 से ज्यादा प्रश्न किसी न किसी रूप में pedagogy से जुड़े होते हैं।
  • भाषा खंडों के लिए रोज एक अपठित गद्यांश हल करें; व्याकरण गद्यांश के संदर्भ में पूछा जाता है।
  • Paper 2 के गणित-विज्ञान वालों के लिए गणना की गति पर काम करें — वहां विषय-वस्तु के 40 प्रश्न हैं।
  • पुराने प्रश्नपत्र आधिकारिक पैटर्न पर हल करें, ताकि प्रश्नों के स्तर का अंदाजा हो।
  • नेगेटिव मार्किंग नहीं है — कोई प्रश्न खाली न छोड़ें।

तैयारी की रणनीति

CTET की तैयारी का सबसे मजबूत आधार NCERT की किताबें हैं, क्योंकि प्रश्नों की भाषा और परिस्थितियां उन्हीं से उठती हैं। कक्षा 1 से 8 तक की गणित, EVS, हिंदी और सामाजिक विज्ञान की किताबें ध्यान से पढ़ें — विशेषकर अध्यायों के बीच दिए गए क्रियाकलाप और अभ्यास प्रश्न, क्योंकि शिक्षाशास्त्र के प्रश्न अक्सर इन्हीं गतिविधियों से बनते हैं। किताबें पढ़ते समय केवल तथ्य न रटें; हर अध्याय के बाद खुद से पूछें कि यह विषय बच्चे को कैसे सिखाया जाएगा और कहां गलती हो सकती है।

रोजाना के अध्ययन में खंडों को संतुलित रखें। CDP को हल्का समझकर अंत में छोड़ना सबसे बड़ी भूल है — यह खंड दोनों पेपरों में आता है और इसमें अंक सबसे स्थिर मिलते हैं। भाषा खंडों के लिए अपठित गद्यांश का अभ्यास समय-सीमा के साथ करें, क्योंकि धीमी पढ़ने की गति परीक्षा में अंक घटाती है। हर सप्ताह एक पूरा मॉक टेस्ट पुराने प्रश्नपत्र से दें और गलतियों को विषयवार सूची में नोट करें; अगले सप्ताह की पढ़ाई उसी सूची से तय होनी चाहिए। अंतिम पंद्रह दिनों में नया अध्याय शुरू करने के बजाय संशोधन और मॉक टेस्ट पर ही ध्यान दें।

अभ्यर्थियों की आम गलतियाँ

पहली आम गलती है केवल विषय-वस्तु पढ़ लेना और शिक्षाशास्त्र को छोड़ देना। CTET में आधे से अधिक प्रश्न किसी न किसी रूप में शिक्षण-विधि से जुड़े होते हैं, इसलिए केवल तथ्य याद करके पास होना कठिन है। दूसरी गलती है कोचिंग के तैयार नोट्स पर पूरी तरह निर्भर रहना — नोट्स में NCERT की पंक्तियों का भाव छूट जाता है, जबकि प्रश्न उन्हीं पंक्तियों की परिस्थितियों पर बनते हैं।

तीसरी गलती परीक्षा हॉल में होती है: नेगेटिव मार्किंग न होने के बावजूद कई अभ्यर्थी कठिन प्रश्नों को खाली छोड़ देते हैं, जबकि अनुमान लगाकर भरने में कोई नुकसान नहीं है। चौथी गलती भाषा-II को आसान मानकर तैयारी न करना है — भाषा-II के 30 अंक ही अक्सर क्वालीफाइंग सीमा के इर्द-गिर्द घूमते स्कोर को ऊपर या नीचे धकेलते हैं। इन चारों से बचना ही आधी तैयारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: CTET और State TET में क्या अंतर है?

CTET CBSE आयोजित करता है और इसका प्रमाणपत्र केंद्रीय विद्यालयों तथा CTET स्वीकार करने वाले राज्यों में मान्य होता है। State TET संबंधित राज्य सरकार आयोजित करती है और उसका प्रमाणपत्र उसी राज्य के स्कूलों में मान्य होता है। State TET में राज्य की पाठ्यपुस्तकों और क्षेत्रीय भाषा के प्रश्न भी आते हैं।

प्रश्न 2: क्या CTET में नेगेटिव मार्किंग होती है?

नहीं। हर सही उत्तर पर 1 अंक मिलता है और गलत या छूटे हुए प्रश्न पर कोई अंक नहीं कटता। इसलिए सभी 150 प्रश्न हल करने चाहिए।

प्रश्न 3: CTET पास करने के लिए कितने अंक चाहिए?

सामान्य वर्ग के लिए 150 में से 90 अंक (60 प्रतिशत)। आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को नियमानुसार छूट मिलती है।

प्रश्न 4: CTET प्रमाणपत्र कितने समय तक वैध रहता है?

CTET पात्रता प्रमाणपत्र आजीवन वैध है। परीक्षा में बैठने की कोई आयु सीमा या प्रयास-सीमा भी नहीं है।

प्रश्न 5: Paper 1 और Paper 2 में से कौन सा देना चाहिए?

कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए Paper 1 और कक्षा 6 से 8 तक के लिए Paper 2। जो अभ्यर्थी कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाना चाहते हैं, उन्हें दोनों पेपर देने होते हैं।

Last Updated: 21 October 2026

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