SSC MTS यानी मल्टी-टास्किंग स्टाफ़ परीक्षा केंद्र सरकार के समूह-ग (Group-C) पदों के लिए दसवीं पास अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक है। इसी एक परीक्षा से MTS के साथ-साथ हवलदार (CBIC और CBN) के पद भी भरे जाते हैं — हवलदार के लिए लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक परीक्षा (PET/PST) भी होती है, इसलिए फ़ॉर्म भरने से पहले ही तय कर लें कि आप केवल MTS चाहते हैं या हवलदार भी।
सिलेबस तैयारी का नक्शा है — यहाँ चार विषय हैं, लेकिन वज़न बराबर नहीं: एक सेशन सिर्फ़ क्वालीफ़ाई करने के लिए है, दूसरा ही मेरिट तय करता है। यह अंतर न समझने वाला अभ्यर्थी वहाँ मेहनत गँवाता है जहाँ से रैंक बनती ही नहीं। इस पेज पर पैटर्न, निगेटिव मार्किंग, मेरिट, विषयवार सिलेबस, वेटेज, चयन प्रक्रिया, पात्रता, वेतनमान और रणनीति एक जगह दी गई है। दसवीं पास के लिए SSC GD Constable, 12वीं पास के लिए SSC CHSL और स्नातकों के लिए SSC CGL भी विकल्प हैं।
ज़रूरी नोट: 10 अक्टूबर 2026 तक SSC MTS 2026 का आधिकारिक नोटिफ़िकेशन जारी नहीं हुआ है। नीचे दिया गया पैटर्न और सिलेबस SSC के आधिकारिक “Scheme of Examination” और MTS एवं हवलदार परीक्षा 2025 के नोटिस (26 जून 2025) पर आधारित है — नया नोटिफ़िकेशन आते ही यह पेज अपडेट किया जाएगा, ताज़ा जानकारी ssc.gov.in से मिलाएँ।
इस पेज में:
- SSC MTS 2026: एक नज़र में
- परीक्षा पैटर्न: सेशन 1 और सेशन 2
- निगेटिव मार्किंग: सबसे बड़ा भ्रम दूर करें
- मेरिट कैसे बनती है
- विषयवार सिलेबस (आधिकारिक टॉपिक्स)
- सेशन-वार वेटेज और तुलना
- चयन प्रक्रिया: MTS बनाम हवलदार
- हवलदार के लिए PET/PST
- पात्रता: योग्यता, आयु, राष्ट्रीयता
- वेतनमान
- तैयारी की रणनीति
- छात्रों की आम गलतियाँ
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आधिकारिक स्रोत
SSC MTS 2026: एक नज़र में
पूरी परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBE) होती है। सेशन 1 में गणित और रीज़निंग से 40 प्रश्न (120 अंक, 45 मिनट) और सेशन 2 में सामान्य जागरूकता और अंग्रेज़ी से 50 प्रश्न (150 अंक, 45 मिनट) आते हैं। कुल 90 प्रश्न, 270 अंक, हर सही उत्तर के 3 अंक। दो बातें सबसे ख़ास हैं: सेशन 1 में निगेटिव मार्किंग नहीं है, सेशन 2 में हर ग़लत उत्तर पर 1 अंक कटता है; और सेशन 1 सिर्फ़ क्वालीफ़ाइंग है — मेरिट सिर्फ़ सेशन 2 से बनती है।
परीक्षा पैटर्न: सेशन 1 और सेशन 2
| Session | विषय | प्रश्न | अंक | समय |
|---|---|---|---|---|
| Session 1 | Numerical & Mathematical Ability | 20 | 60 | 45 मिनट |
| Session 1 | Reasoning Ability & Problem Solving | 20 | 60 | 45 मिनट |
| Session 2 | General Awareness | 25 | 75 | 45 मिनट |
| Session 2 | English Language & Comprehension | 25 | 75 | 45 मिनट |
| कुल | 90 | 270 |
दोनों सेशन की प्रकृति अलग है: सेशन 1 में प्रति प्रश्न लगभग 67 सेकंड मिलते हैं, जबकि सेशन 2 में सिर्फ़ 54 सेकंड — गति का दबाव सेशन 2 में ज़्यादा है और मेरिट भी वहीं से बनती है। इसलिए अभ्यास में सेशन 2 की गति पर ख़ास ध्यान दें।
- दोनों सेशन देना अनिवार्य है — कोई एक सेशन न देने पर अभ्यर्थी disqualify हो जाता है।
- हर सही उत्तर = 3 अंक।
- स्क्राइब (Scribe) की सुविधा लेने वाले अभ्यर्थियों को प्रति सेशन 60 मिनट मिलते हैं।
- पेपर हिंदी, अंग्रेज़ी और कई क्षेत्रीय भाषाओं में होता है (अंग्रेज़ी वाला हिस्सा सिर्फ़ अंग्रेज़ी में रहता है)।
- परीक्षा कई शिफ़्टों में होती है, इसलिए अंक normalized किए जाते हैं — मेरिट normalized अंकों पर बनती है।
निगेटिव मार्किंग: सबसे बड़ा भ्रम दूर करें
इंटरनेट पर इस बारे में ग़लत जानकारी फैली है — कुछ पुरानी वेबसाइटों पर नियम उल्टा लिखा है। आधिकारिक नियम साफ़ है:
- सेशन 1: शून्य निगेटिव मार्किंग। ग़लत उत्तर पर कुछ नहीं कटेगा — इसलिए सारे 40 प्रश्न attempt करें, कोई प्रश्न छोड़ना सीधा नुक़सान है।
- सेशन 2: हर ग़लत उत्तर पर 1 अंक की कटौती। यहाँ अंदाज़े से टिक करना महंगा पड़ सकता है — सिर्फ़ वही attempt करें जिनमें विश्वास हो।
सेशन 2 का अंकगणित समझिए: तीन ग़लत अंदाज़े एक सही उत्तर (+3) के अंक लगभग ख़त्म कर देते हैं, इसलिए अंधा अंदाज़ा घाटे का सौदा है; जिस प्रश्न में दो विकल्प भी निश्चित रूप से न काट पाएँ, उसे छोड़ दें। सेशन 1 में रणनीति उलटी है — वहाँ गति और पूरा attempt ही मंत्र है, क्योंकि छोड़ने पर निश्चित हानि है और ग़लत होने पर कोई हानि नहीं।
मेरिट कैसे बनती है
यह बात ज़्यादातर गाइड साफ़ नहीं बतातीं, और इसे न समझने से कई अभ्यर्थी ग़लत विषयों में महीनों गँवा देते हैं:
- सेशन 1 सिर्फ़ क्वालीफ़ाइंग है — इसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते।
- अंतिम मेरिट सिर्फ़ सेशन 2 के normalized अंकों से बनती है (MTS के लिए)।
- सेशन 2 की जाँच तभी होती है जब आप सेशन 1 में क्वालीफ़ाई करते हैं — इसलिए सेशन 1 को हल्का न लें, वही पहला दरवाज़ा है।
- न्यूनतम क्वालीफ़ाइंग अंक (सेशन 1 और सेशन 2 दोनों में): UR 30%, OBC/EWS 25%, अन्य श्रेणियाँ 20%।
न्यूनतम क्वालीफ़ाइंग अंक दोनों सेशन में अलग-अलग पूरे करने होते हैं — सेशन 1 की सीमा पार न हुई तो सेशन 2 की जाँच ही नहीं होगी। संतुलन ऐसा रखें कि सेशन 1 सुरक्षित अंतर से पार हो और अधिकतम ऊर्जा सेशन 2 में लगे।
टाई-ब्रेक (बराबर अंक होने पर):
- सेशन 2 के सामान्य जागरूकता (General Awareness) के normalized अंक (ज़्यादा वाले को प्राथमिकता)
- सेशन 1 के कुल normalized अंक
- जन्म-तिथि (अधिक आयु वाले को प्राथमिकता)
- नाम का वर्णमाला क्रम
टाई-ब्रेक का पहला नियम ही बता देता है कि सामान्य जागरूकता का महत्व अतिरिक्त है: सेशन 2 में दोनों विषय 75-75 अंकों के बराबर होते हुए भी, बराबरी की स्थिति में सामान्य जागरूकता के अंक ही निर्णायक बनते हैं।
विषयवार सिलेबस (आधिकारिक टॉपिक्स)
यह सूची SSC के आधिकारिक नोटिस के सिलेबस भाग पर आधारित है; हर विषय के साथ उसकी प्रकृति भी समझाई गई है।
Numerical and Mathematical Ability (गणितीय क्षमता)
इसका स्तर दसवीं तक का है; रटने के बजाय अभ्यास काम आता है: Integers and Whole Numbers, LCM-HCF, Decimals-Fractions, मौलिक अंकगणितीय संक्रियाएँ और BODMAS, Percentage, Ratio-Proportions, Work-Time, Direct-Inverse Proportions, Averages, Simple Interest, Profit-Loss, Discount, बुनियादी ज्यामितीय आकृतियों का Area-Perimeter, Distance-Time, Lines-Angles, Simple Graphs-Data Interpretation, Square-Square Roots। प्रतिशत, अनुपात और औसत बुनियादी हैं — लाभ-हानि, ब्याज और कार्य-समय इन्हीं पर टिके हैं, इसलिए इन्हें पहले मज़बूत करें।
Reasoning Ability and Problem Solving (तार्किक क्षमता)
रीज़निंग में ज्ञान से ज़्यादा पैटर्न पहचानने की क्षमता परखी जाती है; प्रकारवार अभ्यास ही गति बनाता है: Alpha-Numeric Series, Coding-Decoding, Analogy, Directions, Similarities-Differences, Jumbling, Problem Solving & Analysis, Diagrams पर आधारित Non-verbal Reasoning, Age Calculations, Calendar-Clock। दिशा-ज्ञान और कैलेंडर-घड़ी जैसे छोटे टॉपिक नियमित पूछे जाते हैं — इन्हें न छोड़ें।
General Awareness (सामान्य जागरूकता)
यह सेशन 2 का आधा हिस्सा है और मेरिट व टाई-ब्रेक दोनों में निर्णायक है। दायरा Social Studies (History, Geography, Art-Culture, Civics, Economics), General Science और Environmental Studies तक है — दसवीं कक्षा के स्तर तक। इसे विषयवार बाँटकर पढ़ें — पहले स्थिर सामान्य ज्ञान, फिर पर्यावरण और समसामयिक विषय। स्तर सीमित होने से गहराई से ज़्यादा चौड़ाई महत्वपूर्ण है।
English Language and Comprehension (अंग्रेज़ी भाषा)
हिंदी-माध्यम अभ्यर्थियों के लिए यह सबसे चुनौतीपूर्ण, पर स्तर में बुनियादी हिस्सा है: English basics, vocabulary, grammar, sentence structure, synonyms-antonyms, correct usage और simple comprehension paragraph। यह हिस्सा सिर्फ़ अंग्रेज़ी में रहता है — रोज़ शब्दावली और एक छोटा comprehension paragraph अभ्यास में रखें।
सेशन-वार वेटेज और तुलना
कुल 270 अंकों में से सेशन 1 के 120 अंक (लगभग 44%) मेरिट में गिने ही नहीं जाते — वे सिर्फ़ दरवाज़ा खोलते हैं; सेशन 2 के 150 अंक ही पूरी मेरिट तय करते हैं। इसलिए पढ़ाई का सबसे बड़ा हिस्सा सामान्य जागरूकता और अंग्रेज़ी को जाना चाहिए। सेशन 2 में दोनों विषय 75-75 अंकों के हैं, पर तैयारी की लागत अलग है: सामान्य जागरूकता का दायरा बड़ा है पर स्तर दसवीं तक का, अंग्रेज़ी का दायरा छोटा है पर पकड़ समय लेकर बनती है। टाई-ब्रेक में प्राथमिकता मिलने से सामान्य जागरूकता थोड़ा अतिरिक्त प्रतिफल भी देती है। सेशन 1 को क्वालीफ़ाइंग सीमा सुरक्षित अंतर से पार करने जितना तैयार रखें — बस इतना समय न दें कि सेशन 2 पिछड़ जाए।
चयन प्रक्रिया: MTS बनाम हवलदार
| पद | चरण |
|---|---|
| MTS | CBE (दोनों sessions) → Document Verification |
| Havaldar (CBIC/CBN) | CBE (दोनों sessions) → PET/PST → Document Verification |
- किसी भी पद के लिए इंटरव्यू नहीं होता।
- हवलदार के लिए PET/PST सिर्फ़ क्वालीफ़ाइंग है — अंक नहीं जुड़ते, बस पास होना ज़रूरी है।
- हवलदार के लिए PET/PST में शॉर्टलिस्टिंग सेशन 2 के normalized अंकों के आधार पर होती है।
- दोनों पदों के लिए विचार चाहिए तो आवेदन फ़ॉर्म में हवलदार का विकल्प चुनना पड़ता है, और आयु भी हवलदार की सीमा में होनी चाहिए।
दोनों प्रक्रियाओं में एकमात्र बड़ा अंतर शारीरिक परीक्षा का है: हवलदार चाहने वाले को लिखित तैयारी के साथ शारीरिक तैयारी भी समानांतर चलानी होगी — मानक पहले जाँचकर ही विकल्प चुनें।
हवलदार के लिए PET/PST
ध्यान दें: PET/PST सिर्फ़ हवलदार पद के लिए है — MTS के अन्य पदों के लिए नहीं। यह चलने (walking) की परीक्षा है, दौड़ने की नहीं — लेकिन समय-सीमा कड़ी है, बिना अभ्यास जाना ग़लती होगी।
PET (Walking)
| श्रेणी | दूरी | समय |
|---|---|---|
| पुरुष | 1600 मीटर (चलकर) | 15 मिनट |
| महिला | 1 किमी (चलकर) | 20 मिनट |
PST
| मानक | पुरुष | महिला |
|---|---|---|
| लंबाई | 157.5 cm (Garhwalis/Assamese/Gorkhas/ST को 5 cm छूट) | 152 cm (2.5 cm छूट) |
| छाती | 81 cm (पूरी तरह फुलाकर), कम से कम 5 cm expansion | — |
| वजन | — | 48 kg (2 kg छूट) |
यह गति सामान्य चलने से तेज़ है, इसलिए कई सप्ताह पहले से समय लेकर चलने का अभ्यास शुरू करें। लंबाई, छाती और वज़न के मानकों में कुछ श्रेणियों को निर्धारित छूट भी मिलती है। मानक फ़ॉर्म भरने से पहले स्वयं मापकर देखना सबसे सुरक्षित है — लिखित परीक्षा पास करके मानक पर असफल होना सबसे दुखद स्थिति होती है।
पात्रता: योग्यता, आयु, राष्ट्रीयता
- शैक्षणिक योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिकुलेशन (दसवीं) पास या समकक्ष।
- आयु सीमा (2025 के नोटिस के अनुसार; 2026 के नोटिस से पुष्टि करें): MTS के अधिकांश पदों के लिए 18–25 वर्ष; हवलदार (CBIC/CBN) और कुछ MTS पदों के लिए 18–27 वर्ष।
- आयु में छूट (पिछले नोटिस के अनुसार): OBC को 3 वर्ष, SC/ST को 5 वर्ष; अन्य श्रेणियों के नियम नोटिस में देखें।
- राष्ट्रीयता: आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
आयु सीमा पद के अनुसार अलग है। आयु 25 वर्ष से अधिक हो तो अधिकांश MTS पदों के लिए आप पात्र नहीं होंगे, लेकिन हवलदार और कुछ MTS पदों की 18–27 वर्ष वाली सीमा में आ सकते हैं, बशर्ते फ़ॉर्म में हवलदार का विकल्प चुना हो। 2026 का नोटिफ़िकेशन आते ही आयु-सीमाएँ उसी से अंतिम रूप से मिलाएँ, क्योंकि यहाँ की जानकारी 2025 के नोटिस पर आधारित है।
वेतनमान
MTS के पद 7वें वेतन आयोग के अनुसार Pay Level-1 के हैं और Group ‘C’, Non-Gazetted, Non-Ministerial श्रेणी में आते हैं। वेतन की सटीक संरचना हमेशा आधिकारिक नोटिफ़िकेशन से ही मिलाएँ, क्योंकि तीसरे स्रोत के आँकड़े पुराने या अनुमानित हो सकते हैं।
तैयारी की रणनीति
समय का बँटवारा: मेरिट केवल सेशन 2 से बनती है, इसलिए रोज़ के अध्ययन में सेशन 2 को लगभग दो-तिहाई और सेशन 1 को एक-तिहाई समय दें। सेशन 1 छोड़ना भी ग़लत है — उसके बिना सेशन 2 के अंक गिने ही नहीं जाएँगे।
Attempt की नीति: सेशन 1 में सारे 40 प्रश्न attempt करें — अंतिम दो मिनट में छूटे प्रश्न भी खाली न छोड़ें, कोई एक विकल्प अवश्य चुनें। सेशन 2 में अंधे अंदाज़े से बचें; जिस प्रश्न के बारे में कुछ न पता हो, उसे छोड़ दें। यही नीति मॉक टेस्ट में आज़माते रहें।
विषयवार अभ्यास: गणित में प्रतिशत, अनुपात, औसत और कार्य-समय पहले पक्के करें — आगे के टॉपिक इन्हीं पर टिके हैं। रीज़निंग में प्रकारवार अभ्यास से गति बनाएँ। सामान्य जागरूकता रोज़ थोड़ा-थोड़ा पढ़ें — यह रोज़ के संचय से बनता है। अंग्रेज़ी के लिए रोज़ शब्दावली और एक छोटा comprehension रखें। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र अवश्य हल करें — सामान्य जागरूकता के कई प्रश्न उन्हीं विषयों से दोहराए जाते हैं।
शारीरिक तैयारी: यह सिर्फ़ हवलदार चुनने वालों के लिए है। लिखित तैयारी के साथ ही समय-सीमा में चलने का अभ्यास शुरू कर दें — नतीजे के बाद शुरू हुई तैयारी अक्सर समय पर पूरी नहीं होती।
छात्रों की आम गलतियाँ
सेशन 1 को पूरी तरह हल्का लेना: सेशन 1 के अंक मेरिट में नहीं जुड़ते — लेकिन क्वालीफ़ाइंग सीमा पार न हुई तो सेशन 2 की जाँच ही नहीं होगी।
सेशन 2 में अंधे अंदाज़े लगाना: सेशन 1 की “सब attempt करो” वाली आदत सेशन 2 में भारी पड़ती है — वहाँ तीन ग़लत अंदाज़े एक सही उत्तर के अंक ख़त्म कर देते हैं।
पसंदीदा विषयों में सारा समय लगाना: कई अभ्यर्थी पसंदीदा विषयों में सबसे ज़्यादा समय देते हैं, जबकि रैंक सामान्य जागरूकता और अंग्रेज़ी से बनती है। पसंद के बजाय वेटेज से समय बाँटें।
इंटरनेट की उल्टी जानकारी पर भरोसा: निगेटिव मार्किंग जैसे नियमों पर भी कई वेबसाइटें उल्टी जानकारी देती हैं — हर नियम आधिकारिक नोटिस या ssc.gov.in से मिला लें।
हवलदार चुनकर मानक न जाँचना: मानक जाँचे बिना हवलदार चुनना जोखिम है — लिखित पास करके PET/PST में बाहर होना सबसे कड़वा अनुभव होता है।
पुराने प्रश्नपत्र छोड़ देना: सामान्य जागरूकता के प्रश्न पिछले विषयों से दोहराए जाते हैं; पुराने प्रश्नपत्र न हल करना सबसे आसान अंक गँवाना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: SSC MTS में निगेटिव मार्किंग है क्या?
उत्तर: सेशन 1 में बिल्कुल नहीं है — सब attempt करें। सेशन 2 में हर ग़लत उत्तर पर 1 अंक कटेगा।
प्रश्न: मेरिट किन अंकों से बनती है?
उत्तर: सिर्फ़ सेशन 2 के normalized अंकों से। सेशन 1 सिर्फ़ क्वालीफ़ाइंग है — उसके अंक मेरिट में नहीं जुड़ते।
प्रश्न: SSC MTS में कुल कितने प्रश्न और कितने अंक हैं?
उत्तर: 90 प्रश्न, 270 अंक। हर सही उत्तर 3 अंक का है।
प्रश्न: SSC MTS के लिए योग्यता क्या है?
उत्तर: सिर्फ़ दसवीं (मैट्रिकुलेशन) पास — मान्यता प्राप्त बोर्ड से।
प्रश्न: क्या SSC MTS में शारीरिक परीक्षा होती है?
उत्तर: सिर्फ़ हवलदार पद के लिए PET/PST होता है (चलना + लंबाई/छाती/वज़न)। अन्य MTS पदों के लिए नहीं।
प्रश्न: परीक्षा किस भाषा में होती है?
उत्तर: हिंदी, अंग्रेज़ी और कई क्षेत्रीय भाषाओं में (अंग्रेज़ी वाला हिस्सा सिर्फ़ अंग्रेज़ी में रहता है)।
प्रश्न: सेशन 1 के अंक मेरिट में जुड़ते हैं क्या?
उत्तर: नहीं। सेशन 1 सिर्फ़ क्वालीफ़ाइंग है; मेरिट सेशन 2 से बनती है — लेकिन उसकी जाँच तभी होती है जब आप सेशन 1 क्वालीफ़ाई करें।
आधिकारिक स्रोत
- SSC की आधिकारिक वेबसाइट: ssc.gov.in
- आधिकारिक Scheme of Examination (MTS): MTS(NT).pdf — ssc.gov.in पर उपलब्ध
- आधिकारिक Result Write-up (MTS एवं हवलदार 2025): writeup_mts_03082026.pdf — ssc.gov.in पर उपलब्ध
2026 का नोटिफ़िकेशन आते ही तिथियाँ, रिक्तियाँ और आयु-सीमा यहाँ अपडेट होंगी — नवीनतम सूचना ssc.gov.in से मिला लें।
Last Updated: 21 October 2026