SSC CHSL (Combined Higher Secondary Level) 2026 की परीक्षा 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए है — केंद्र सरकार में LDC/JSA, DEO और DEO ग्रेड A जैसे ग्रुप C पदों के लिए। इस बार लगभग 2,536 टेंटेटिव पद हैं। परीक्षा दो टियर में होगी — टियर-1 और टियर-2, दोनों कंप्यूटर आधारित (CBT)। इस पेज पर पैटर्न, सिलेबस, टाइपिंग नियम व वेटेज मिलेगा।
मुख्य तथ्य: टियर-1 में 100 प्रश्न, 200 अंक, 60 मिनट — English, General Awareness, Quantitative Aptitude और General Intelligence (Reasoning) से 25-25 प्रश्न, गलत उत्तर पर 0.50 अंक की निगेटिव मार्किंग और हर सेक्शन के लिए अलग 15 मिनट का सेक्शनल टाइमर। टियर-2 में हर प्रश्न 3 अंक का, गलत उत्तर पर 1 अंक की कटौती, साथ में कंप्यूटर व स्किल/टाइपिंग टेस्ट — दोनों सिर्फ क्वालिफाइंग। योग्यता 12वीं पास, आयु 18–27 साल, फीस ₹100।
ध्यान दें: फॉर्म की आखिरी तारीख 7 अक्टूबर 2026 थी — अब फॉर्म बंद है। 14–16 अक्टूबर 2026 तक करेक्शन विंडो खुली है (शुल्क ₹200/₹500)। टियर-1 30 नवंबर – 31 दिसंबर 2026 के बीच प्रस्तावित है (SSC के 1 अक्टूबर 2026 के शेड्यूल नोटिस अनुसार)।
इस पेज में:
- महत्वपूर्ण तिथियाँ
- चुनाव प्रक्रिया
- टियर-1 एग्जाम पैटर्न
- टियर-1 विषयवार सिलेबस
- टियर-2 एग्जाम पैटर्न
- कंप्यूटर ज्ञान सिलेबस (टियर-2)
- टाइपिंग / स्किल टेस्ट
- पात्रता, आयु और फीस
- विषयवार वेटेज विश्लेषण
- तैयारी की रणनीति
- छात्रों की आम गलतियाँ
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आधिकारिक सूचना
महत्वपूर्ण तिथियाँ
| काम | तिथि | स्थिति |
|---|---|---|
| ऑनलाइन फॉर्म | 7 अक्टूबर 2026, रात 11 बजे | समाप्त |
| फीस पेमेंट | 8 अक्टूबर 2026, रात 11 बजे | समाप्त |
| करेक्शन विंडो | 14–16 अक्टूबर 2026 | चालू (शुल्क ₹200 / ₹500) |
| टियर-1 (प्रस्तावित) | 30 नवंबर – 31 दिसंबर 2026 | SSC शेड्यूल नोटिस (1 अक्टूबर 2026) के अनुसार |
तालिका से तीन बातें साफ हैं। पहली — आवेदन समाप्त; फॉर्म 7 अक्टूबर 2026 रात 11 बजे बंद हुआ, फीस की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर 2026 थी। दूसरी — फॉर्म में गलती वालों के पास 14–16 अक्टूबर 2026 की करेक्शन विंडो ही आखिरी मौका है (पहली बार ₹200, दूसरी बार ₹500)। तीसरी — टियर-1 की प्रस्तावित अवधि 30 नवंबर – 31 दिसंबर 2026 है।
चुनाव प्रक्रिया
चयन प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होती है, लेकिन सबकी भूमिका एक जैसी नहीं है — यही अंतर समझना जरूरी है।
- टियर-1 (CBT) — सिर्फ टियर-2 के लिए शॉर्टलिस्टिंग; इसके अंक फाइनल मेरिट में नहीं जुड़ते (नॉर्मलाइज़्ड स्कोर)।
- टियर-2 (CBT) — सेशन-1 (सेक्शन 1, 2, 3) और सेशन-2 (सेक्शन 4), दोनों एक ही दिन।
- स्किल टेस्ट / टाइपिंग टेस्ट — सिर्फ क्वालिफाइंग।
- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल — अंतिम परिणाम के बाद संबंधित यूज़र डिपार्टमेंट करेगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात: फाइनल मेरिट सिर्फ टियर-2 के सेक्शन-1 + सेक्शन-2 (360 अंक) पर बनती है — सेक्शन-3 और सेक्शन-4 सिर्फ क्वालिफाई करने हैं। अर्थात टियर-1 प्रवेश-द्वार है, असली लड़ाई टियर-2 में है। टियर-1 के बाद पढ़ाई ढीली करने वाले पीछे रह जाते हैं, और किसी एक सेक्शन में क्वालिफाई न होने पर उम्मीदवार बाहर हो जाता है।
टियर-1 एग्जाम पैटर्न
| सेक्शन | प्रश्न | मार्क्स | समय |
|---|---|---|---|
| English Language | 25 | 50 | 15 मिनट |
| General Awareness | 25 | 50 | 15 मिनट |
| Quantitative Aptitude | 25 | 50 | 15 मिनट |
| General Intelligence (Reasoning) | 25 | 50 | 15 मिनट |
| कुल | 100 | 200 | 60 मिनट |
टियर-1 में चारों सेक्शनों का भार बराबर है — हर सेक्शन से 25 प्रश्न, 50 अंक, 15 मिनट। किसी एक को कमजोर छोड़ना सीधे 50 अंकों का जोखिम है।
- सेक्शनल टाइमर (2026 में नया): हर सेक्शन के लिए अलग 15 मिनट — बचा समय दूसरे में नहीं जाएगा। सेक्शन बंद होते ही सवाल छूट जाएंगे।
- निगेटिव मार्किंग: हर गलत जवाब पर 0.50 अंक कटेगा। हर प्रश्न 2 अंक का है।
- क्वालिफाइंग अंक (टियर-1): UR 30%, OBC/EWS 25%, अन्य कैटेगरी 20%।
- स्क्राइब-एलिजिबल उम्मीदवारों को 80 मिनट मिलते हैं (हर सेक्शन में 20 मिनट)।
- English वाला सेक्शन सिर्फ English में आता है; बाकी तीनों सेक्शन English, Hindi या फॉर्म में चुनी भाषा में मिलते हैं।
सेक्शनल टाइमर इस बार का सबसे बड़ा बदलाव है — अब हर 15 मिनट की सीमा एक छोटी परीक्षा है; धीमे सेक्शन में समय खत्म होते ही प्रश्न छूट जाएंगे। मॉक टेस्ट भी सेक्शनल टाइमर के साथ दें।
टियर-1 विषयवार सिलेबस
SSC इस सिलेबस को “indicative” कहता है — सूची सांकेतिक है, कभी-कभी इसके बाहर से भी 1-2 प्रश्न आ सकते हैं।
English Language
- Spot the Error
- Fill in the Blanks
- Synonyms/Homonyms
- Antonyms
- Spellings (गलत वर्तनी पहचानना)
- Idioms & Phrases
- One Word Substitution
- Improvement of Sentences
- Active/Passive Voice
- Direct/Indirect Narration
- Shuffling of Sentence Parts (गद्यांश के वाक्य सहित)
- Cloze Passage
- Comprehension Passage
English की सूची तीन हिस्सों में बँटी है — व्याकरण, शब्दावली और पठन (Cloze व Comprehension)। तैयारी: व्याकरण नियमों से, शब्दावली दोहराव से, पठन अभ्यास से।
General Awareness
- भारत और पड़ोसी देशों का इतिहास
- संस्कृति
- भूगोल
- अर्थव्यवस्था
- सामान्य नीति (संविधान)
- वैज्ञानिक अनुसंधान
- करंट अफेयर्स
- खेल
- पुरस्कार
- पुस्तकें-लेखक
रोज़मर्रा के विज्ञान की समझ भी जांची जाती है। सूची में इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, संविधान जैसे स्थायी विषयों के साथ करंट अफेयर्स, खेल, पुरस्कार जैसे बदलते विषय भी हैं — स्थायी विषय दोहराव से, करंट अफेयर्स नियमित पढ़ने से तैयार होंगे।
Quantitative Aptitude
- Number Systems
- BODMAS
- Percentage
- Ratio-Proportion
- Square Roots
- Average
- SI-CI
- Profit-Loss
- Discount
- Partnership Business
- Mixture & Alligation
- Time-Work
- Time-Speed-Distance
- Algebra (basic identities, elementary surds, linear equations के graphs)
- Geometry
- Mensuration
- Trigonometry (basic)
- Statistical Charts (histogram, bar/pi diagram)
Quant की सूची में अंकगणित सबसे लंबा हिस्सा है; फिर Algebra, Geometry, Mensuration, Trigonometry, Statistical Charts। 15 मिनट में 25 प्रश्नों की गति के लिए अंकगणित पहले मजबूत करें।
General Intelligence (Reasoning)
- Analogies (semantic/symbolic/figural)
- Series (number/alphabet/figural)
- Coding-Decoding
- Classification
- Blood Relations
- Direction Sense
- Statement-Conclusion
- Syllogism
- Venn Diagrams
- Paper Folding-Cutting
- Mirror/Water Images
- Embedded Figures
- Critical Thinking
- Problem Solving
- Emotional & Social Intelligence
- Numerical Operations
Reasoning में शाब्दिक और अशाब्दिक (Paper Folding-Cutting, Mirror/Water Images, Embedded Figures) दोनों प्रकार के प्रश्न हैं। Emotional & Social Intelligence और Critical Thinking भी शामिल हैं — अशाब्दिक प्रश्न अभ्यास के बिना समय खाते हैं।
टियर-2 एग्जाम पैटर्न
टियर-2 एक ही दिन दो सेशन्स में होता है। हर प्रश्न 3 अंक का है और सेक्शन-1, 2, 3 में हर गलत जवाब पर 1 अंक कटेगा।
| सेक्शन | विषय | प्रश्न | मार्क्स | समय |
|---|---|---|---|---|
| Sec-1 | A: Mathematical Abilities | 30 | 90 | 30 मिनट |
| Sec-1 | B: Reasoning & General Intelligence | 30 | 90 | 30 मिनट |
| Sec-2 | A: English Language & Comprehension | 40 | 120 | 40 मिनट |
| Sec-2 | B: General Awareness | 20 | 60 | 20 मिनट |
| Sec-3 | Computer Knowledge (सिर्फ क्वालिफाइंग) | 15 | 45 | 15 मिनट |
| Sec-4 | Skill/Typing Test (सिर्फ क्वालिफाइंग) | — | — | 15 / 10 मिनट |
- सेक्शनल टाइमर यहाँ भी: Maths के 30 मिनट Reasoning में नहीं जाएंगे; English के 40 मिनट GA में नहीं जाएंगे।
- सेशन-1 (सेक्शन 1+2+3) कुल 2 घंटे 15 मिनट का है; फिर ब्रेक के बाद सेशन-2 में स्किल/टाइपिंग टेस्ट।
- चारों सेक्शन क्वालिफाई करना जरूरी है — एक में फेल तो मेरिट से बाहर।
- English वाला मॉड्यूल सिर्फ English में आता है; बाकी English, Hindi या चुनी हुई भाषा में।
- स्क्राइब-एलिजिबल उम्मीदवारों को सेक्शन-1/2 में अतिरिक्त समय मिलता है।
मेरिट की नजर से: सेक्शन-1 के Maths व Reasoning से 90-90 अंक, सेक्शन-2 के English से 120 अंक और General Awareness से 60 अंक — यही 360 अंक मेरिट बनाते हैं; English अकेला सबसे बड़ा हिस्सा है। सेक्शन-3 के 45 अंक मेरिट में नहीं जुड़ते, पर क्वालिफाई अनिवार्य है। टियर-2 Maths में टियर-1 के टॉपिक्स के साथ सांख्यिकी व प्रायिकता (माध्य, माध्यिका, बहुलक, मानक विचलन, सरल प्रायिकता) भी आता है। English में 2 या अधिक comprehension passages होते हैं (एक किताब/कहानी पर, दूसरा संपादकीय/रिपोर्ट पर)।
कंप्यूटर ज्ञान सिलेबस (टियर-2)
सेक्शन-3 (Computer Knowledge Test) सिर्फ क्वालिफाइंग है, लेकिन इसे हल्के में न लें — क्वालिफाई करना जरूरी है। आधिकारिक सिलेबस चार भागों में है:
- कंप्यूटर बेसिक्स: कंप्यूटर का संगठन, CPU, इनपुट/आउटपुट डिवाइस, मेमोरी और उसका प्रबंधन, बैकअप डिवाइस, PORTs, Windows Explorer, कीबोर्ड शॉर्टकट।
- सॉफ्टवेयर: Windows Operating System, MS Word, MS Excel, PowerPoint की बुनियादी जानकारी।
- इंटरनेट और ईमेल: वेब ब्राउज़िंग/सर्चिंग, डाउनलोडिंग/अपलोडिंग, ईमेल अकाउंट संभालना, ई-बैंकिंग।
- नेटवर्किंग और साइबर सुरक्षा: नेटवर्क डिवाइस/प्रोटोकॉल; हैकिंग, वायरस, वर्म्स, Trojan जैसे खतरे और बचाव के उपाय।
सबसे बड़ी गलती: इसे “सिर्फ क्वालिफाइंग” कहकर अंत के लिए छोड़ देना। 15 प्रश्नों में बुनियादी जानकारी पूछी जाती है, विषय रोज़मर्रा के कंप्यूटर उपयोग से जुड़े हैं — थोड़ी नियमित तैयारी से स्तर पार हो जाता है, बिना तैयारी यही सेक्शन बाहर का कारण बन सकता है।
टाइपिंग / स्किल टेस्ट
- LDC/JSA टाइपिंग टेस्ट (10 मिनट): English माध्यम में 35 शब्द प्रति मिनट, Hindi माध्यम में 30 शब्द प्रति मिनट। Hindi टाइपिंग सिर्फ Mangal Font में होगी — आधिकारिक नोटिस के अनुसार कोई और font इस्तेमाल करने पर उम्मीदवार डिसक्वालिफाई हो जाएगा।
- DEO स्किल टेस्ट (15 मिनट): आम तौर पर 8,000 key depressions प्रति घंटा; Consumer Affairs, Food & Public Distribution, SSC और Culture मंत्रालय वाले DEO/DEO Grade A पदों के लिए 15,000 key depressions प्रति घंटा।
- दोनों टेस्ट सिर्फ क्वालिफाइंग हैं — इनके अंक मेरिट में नहीं जुड़ते, लेकिन पास करना अनिवार्य है। DEO के लिए स्किल टेस्ट से कोई छूट नहीं मिलती।
- स्क्राइब-एलिजिबल उम्मीदवारों को 5 मिनट अतिरिक्त मिलते हैं।
टाइपिंग में दो बातें ध्यान रखें। पहली — गति का लक्ष्य माध्यम अनुसार अलग है: English में 35, Hindi में 30 शब्द प्रति मिनट। दूसरी — Hindi टाइपिंग के लिए सिर्फ Mangal Font मान्य है; उसी में अभ्यास करें। DEO की गति-शर्त पद अनुसार बदलती है — कुछ मंत्रालयों में 15,000 key depressions प्रति घंटा, सामान्य 8,000 से लगभग दोगुनी।
पात्रता, आयु और फीस
- योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास। कुछ विशेष DEO पदों (Consumer Affairs, Food & Public Distribution, SSC, Culture मंत्रालय) के लिए 12वीं Science stream में Mathematics के साथ चाहिए।
- आयु (01-08-2026 के अनुसार): 18–27 साल — जन्म 02-08-1999 से 01-08-2008 के बीच होना चाहिए। SC/ST को 5 साल, OBC को 3 साल की छूट नियमानुसार।
- फीस: ₹100। छूट: महिला, SC, ST, PwBD और Ex-servicemen (reservation-eligible) को फीस नहीं देनी है।
- करेक्शन शुल्क: फॉर्म सुधारने पर पहली बार ₹200, दूसरी बार ₹500 (सभी के लिए समान)।
- हेल्पलाइन: 1800 309 3063 (टोल फ्री) — फॉर्म भरने में दिक्कत हो तो।
पात्रता में सबसे ज्यादा भ्रम आयु-गणना पर होता है। आयु 01-08-2026 के अनुसार गिनी जाएगी — इस तारीख को आयु 18 से 27 साल के बीच और जन्मतिथि 02-08-1999 से 01-08-2008 के दायरे में होनी चाहिए। SC/ST को 5 साल, OBC को 3 साल की छूट है।
विषयवार वेटेज विश्लेषण
टियर-1 में चारों सेक्शनों का वेटेज बराबर है — प्रत्येक 25 प्रश्न, 50 अंक, यानी हर सेक्शन कुल 200 अंकों का 25 प्रतिशत। कोई सेक्शन “छोटा” नहीं; एक की कमजोरी मतलब एक-चौथाई हिस्से पर जोखिम।
टियर-2 का वेटेज असमान है। मेरिट वाले 360 अंकों में English सबसे बड़ा है — 40 प्रश्न, 120 अंक, यानी एक-तिहाई। फिर Maths व Reasoning से 30-30 प्रश्न, 90-90 अंक; General Awareness 20 प्रश्न, 60 अंक के साथ सबसे छोटा हिस्सा। निष्कर्ष: टियर-2 में English को सबसे अधिक समय दें, फिर Maths-Reasoning को; GA दोहराव से बनाए रखें। कंप्यूटर (45 अंक) व स्किल/टाइपिंग मेरिट में नहीं गिने जाते, पर क्वालिफाइंग होने से इन्हें छोड़ना गलत होगा।
तैयारी की रणनीति
लक्ष्य दोहरा रखें — टियर-1 में क्वालिफाइंग अंकों (UR 30%, OBC/EWS 25%, अन्य 20%) से काफी ऊपर का सुरक्षित स्कोर, और साथ-साथ टियर-2 के विषयों, विशेषकर English व Maths, की गहरी तैयारी। मॉक टेस्ट 15-15 मिनट के सेक्शन-वार टाइमर से दें और देखें किस सेक्शन में प्रश्न छूटे।
निगेटिव मार्किंग का अनुशासन दूसरा स्तंभ है: टियर-1 में गलत उत्तर पर 0.50, टियर-2 में 1 अंक कटता है — चार गलत उत्तर एक सही उत्तर का लाभ खत्म कर देते हैं। दो विकल्पों में उलझे प्रश्न में सोचा-समझा अनुमान चलेगा, अनजान प्रश्न छोड़ना बेहतर है। क्वालिफाइंग चरणों की तैयारी भी समय पर करें — कंप्यूटर के चारों भाग एक बार पढ़ें, टाइपिंग अभ्यास न टालें।
छात्रों की आम गलतियाँ
पुराने पैटर्न पर भरोसा करना: पुराने पेज अब भी टियर-2 descriptive व टियर-3 दिखाते हैं — पैटर्न खत्म हो चुका है। अब टियर-1 (MCQ) + टियर-2 (MCQ + स्किल/टाइपिंग) ही है।
सेक्शनल टाइमर को नजरअंदाज करना: बिना टाइमर या पूरे पेपर के एक टाइमर से मॉक देने वालों के प्रश्न परीक्षा में छूटेंगे — हर सेक्शन 15 मिनट में बंद हो जाता है।
टियर-1 के अंकों को मेरिट समझना: टियर-1 सिर्फ शॉर्टलिस्टिंग है; इसके अंक मेरिट में नहीं जुड़ते। अच्छा स्कोर लाकर पढ़ाई छोड़ना महंगी गलती है — मेरिट के 360 अंक टियर-2 से बनते हैं।
क्वालिफाइंग सेक्शनों को शून्य महत्व देना: कंप्यूटर व टाइपिंग के अंक मेरिट में नहीं जुड़ते, इसलिए उम्मीदवार इन्हें छोड़ देते हैं — क्वालिफाई न होने पर पूरा परिणाम रुक जाता है।
गलत फॉन्ट में टाइपिंग अभ्यास: Hindi टाइपिंग सिर्फ Mangal Font में होगी। किसी और फॉन्ट में अभ्यास परीक्षा में गति-सटीकता बिगाड़ेगा और नोटिस अनुसार डिसक्वालिफिकेशन तक ले जा सकता है।
बिना सोचे अनुमान लगाना: 0.50 व 1 अंक की निगेटिव मार्किंग में अनजान प्रश्नों पर अनुमान स्कोर घटाता है, टियर-2 में यह मेरिट में भारी अंतर डाल सकता है।
करेक्शन विंडो में लापरवाही: फॉर्म में गलती वालों के लिए 14–16 अक्टूबर 2026 की विंडो आखिरी अवसर है — ₹200/₹500 देखकर सुधार टालना भारी पड़ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SSC CHSL 2026 के फॉर्म की आखिरी तारीख क्या थी?
7 अक्टूबर 2026, रात 11 बजे — फॉर्म बंद हो चुका है। करेक्शन विंडो 14–16 अक्टूबर 2026 तक खुली है।
SSC CHSL में निगेटिव मार्किंग कितनी है?
टियर-1 में 0.50; टियर-2 (सेक्शन 1, 2, 3) में 1 अंक प्रति गलत जवाब।
SSC CHSL के लिए क्वालिफिकेशन क्या है?
12वीं पास। कुछ DEO पदों (Consumer Affairs, SSC, Culture) में 12वीं में Science + Maths जरूरी है।
SSC CHSL 2026 में कितने पोस्ट्स हैं?
लगभग 2,536 टेंटेटिव पोस्ट्स (LDC/JSA, DEO, DEO Grade A); फाइनल संख्या बाद में अपडेट होगी।
क्या टियर-1 में सेक्शनल टाइमिंग है?
हाँ — हर सेक्शन के लिए अलग 15 मिनट; बचा समय दूसरे में नहीं जाता।
क्या टियर-2 में भी सेक्शनल टाइमर है?
हाँ — Maths 30, Reasoning 30, English 40, GA 20 मिनट। हर पार्ट का टाइमर अलग है।
Hindi टाइपिंग में कौनसा font इस्तेमाल होता है?
आधिकारिक नोटिस अनुसार सिर्फ Mangal Font — और font पर डिसक्वालिफिकेशन होगा।
टियर-1 के अंक फाइनल मेरिट में जुड़ते हैं?
नहीं। टियर-1 सिर्फ शॉर्टलिस्टिंग है (नॉर्मलाइज़्ड स्कोर)। फाइनल मेरिट टियर-2 के सेक्शन-1 + सेक्शन-2 (360 अंक) पर बनती है।
कंप्यूटर टेस्ट के अंक मेरिट में जुड़ते हैं?
नहीं। सेक्शन-3 (Computer) और सेक्शन-4 (स्किल/टाइपिंग) सिर्फ क्वालिफाइंग हैं — पास करना जरूरी, अंक मेरिट में नहीं जुड़ते।
आधिकारिक सूचना
- SSC आधिकारिक वेबसाइट: ssc.gov.in (प्लेन टेक्स्ट — लिंक नहीं)
- CHSL 2026 आधिकारिक नोटिस (7 सितंबर 2026): Notice_of_adv_chsl_2026.pdf — ssc.gov.in पर उपलब्ध
टियर-1 की तिथियाँ (30 नवंबर – 31 दिसंबर 2026) SSC के 1 अक्टूबर 2026 के शेड्यूल नोटिस अनुसार प्रस्तावित हैं — नवीनतम सूचना ssc.gov.in से मिला लें।
Last Updated: 21 October 2026