गुड्स ट्रेन मैनेजर सैलरी और जॉब प्रोफाइल 2026

गुड्स ट्रेन मैनेजर सैलरी और जॉब प्रोफाइल 2026

रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड ने एक बड़ा मौका दिया है। आरआरबी सीईएन 06/2026 के तहत गुड्स ट्रेन मैनेजर के पद पर भर्ती निकली है। यह पद पहले गुड्स गार्ड के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब इसका नाम बदलकर गुड्स ट्रेन मैनेजर कर दिया गया है। इस पद पर बेसिक वेतन ₹29,200 है और यह पे लेवल 5 का पद है। महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और परिवहन भत्ता जुड़ने के बाद कुल वेतन काफी अच्छा हो जाता है। अनुमान के अनुसार बड़े शहर में कुल मासिक वेतन लगभग ₹62,200 तक पहुँच सकता है, जबकि हाथ में मिलने वाली राशि लगभग ₹54,000 से ₹56,000 के बीच रह सकती है।

इस लेख में गुड्स ट्रेन मैनेजर की सैलरी का पूरा हिसाब, जॉब प्रोफाइल, रिक्तियों की संख्या, आवेदन की अंतिम तिथि, पात्रता, चयन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न, पाठ्यक्रम और करियर में तरक्की की पूरी जानकारी दी गई है। जहाँ कोई आँकड़ा अनुमान पर आधारित है, वहाँ उसे साफ तौर पर अनुमान लिखा गया है।

अपडेट — 7 नवंबर 2026: ऑन्लाइन आवेदन 6 नवंबर 2026, रात 11:59 बजे बंद हो चुके हैं। शुल्क का भुगतान 8 नवंबर 2026 तक किया जा सकता है और आवेदन में सुधार 9–18 नवंबर 2026 तक।

इस पेज में:

गुड्स ट्रेन मैनेजर सैलरी 2026 — पूरा हिसाब

गुड्स ट्रेन मैनेजर का पद सातवें वेतन आयोग के तहत पे लेवल 5 में आता है। इस पद का बेसिक वेतन ₹29,200 प्रति माह है। बेसिक वेतन के अलावा रेलवे कर्मचारियों को महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और परिवहन भत्ता मिलता है। इन भत्तों के जुड़ने के बाद कुल वेतन बेसिक वेतन से काफी ज्यादा हो जाता है।

महंगाई भत्ते की दर में हाल ही में बढ़ोतरी हुई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28 अक्टूबर 2026 को महंगाई भत्ते को 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 63 प्रतिशत करने की मंजूरी दी है। यह बढ़ी हुई दर 1 जुलाई 2026 से लागू है। बेसिक वेतन ₹29,200 पर 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता ₹18,396 प्रति माह बनता है। इसलिए इंटरनेट पर दिखने वाले पुराने आँकड़े अब सही नहीं हैं।

मकान किराया भत्ता शहर की श्रेणी के अनुसार मिलता है। एक्स श्रेणी के शहरों में यह बेसिक वेतन का 30 प्रतिशत, वाई श्रेणी के शहरों में 20 प्रतिशत और जेड श्रेणी के शहरों में 10 प्रतिशत है। एक्स श्रेणी में केवल आठ शहर आते हैं — दिल्ली एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे। इन शहरों में मकान किराया भत्ता ₹8,760 प्रति माह बनता है। वाई श्रेणी के शहरों में यह ₹5,840 और जेड श्रेणी के शहरों में ₹2,920 प्रति माह बनता है।

परिवहन भत्ता भी दो दरों पर मिलता है। अधिक परिवहन भत्ता वाले शहरों में यह ₹3,600 है, जिस पर महंगाई भत्ता जुड़ने के बाद कुल राशि ₹5,868 प्रति माह हो जाती है। अन्य स्थानों पर परिवहन भत्ता ₹1,800 है, जिस पर महंगाई भत्ता जुड़ने के बाद कुल राशि ₹2,934 प्रति माह हो जाती है।

नीचे दी गई तालिका में शहर की श्रेणी के अनुसार कुल वेतन का अनुमान दिखाया गया है। यह अनुमान बेसिक वेतन, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और परिवहन भत्ते को जोड़कर तैयार किया गया है।

वेतन का घटक एक्स शहर (अनुमान) वाई शहर (अनुमान) जेड शहर (अनुमान)
बेसिक वेतन (पे लेवल 5) ₹29,200 ₹29,200 ₹29,200
महंगाई भत्ता (63 प्रतिशत) ₹18,396 ₹18,396 ₹18,396
मकान किराया भत्ता ₹8,760 (30 प्रतिशत) ₹5,840 (20 प्रतिशत) ₹2,920 (10 प्रतिशत)
परिवहन भत्ता (महंगाई भत्ता सहित) ₹5,868 ₹5,868 ₹2,934
कुल सकल वेतन (अनुमान) लगभग ₹62,200 लगभग ₹59,300 लगभग ₹53,500
हाथ में मिलने वाली राशि (अनुमान) लगभग ₹54,000–56,000 — लगभग ₹47,000–49,000

ऊपर दी गई सकल वेतन और हाथ में मिलने वाली राशि अनुमान है, इसे आधिकारिक आँकड़ा नहीं समझा जाना चाहिए। वास्तविक राशि कटौतियों और पोस्टिंग के स्थान के अनुसार कुछ कम या ज्यादा हो सकती है।

कटौतियाँ और अन्य लाभ

वेतन से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत कटौती होती है। यह कटौती बेसिक वेतन और महंगाई भत्ते के योग का 10 प्रतिशत होती है, जो ₹4,760 प्रति माह बनती है। इसके अलावा आयकर और अन्य वैधानिक कटौतियाँ भी नियमानुसार लागू होती हैं।

वेतन के अलावा गुड्स ट्रेन मैनेजर को कई अन्य लाभ भी मिलते हैं। रनिंग भत्ता यानी किलोमीटर भत्ता मिलता है, क्योंकि यह रनिंग स्टाफ का पद है — हालाँकि इस भत्ते की राशि सत्यापित नहीं हुई है, इसलिए यहाँ कोई राशि नहीं दी जा रही है। इसके अलावा रात्रि ड्यूटी भत्ता, ओवरटाइम, चिकित्सा सुविधाएँ, रेलवे पास और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत पेंशन की सुविधा भी मिलती है।

इंटरनेट और यूट्यूब पर इस पद की सैलरी को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर दावे किए जा रहे हैं — उन पर भरोसा नहीं करना चाहिए। इस लेख के आँकड़े बेसिक वेतन और वर्तमान भत्ता दरों पर आधारित हैं।

गुड्स ट्रेन मैनेजर का काम क्या होता है?

गुड्स ट्रेन मैनेजर भारतीय रेलवे का एक महत्वपूर्ण परिचालन पद है। यह पद पहले गुड्स गार्ड के नाम से जाना जाता था। 13 जनवरी 2022 को गार्ड से ट्रेन मैनेजर नाम में बदलाव किया गया था। यह एक रनिंग स्टाफ का पद है, यानी इस पद पर काम करने वाला कर्मचारी ट्रेन के साथ चलता है और ब्रेक वैन ड्यूटी निभाता है।

सबसे पहले एक आम गलतफहमी को दूर करना जरूरी है। गुड्स ट्रेन मैनेजर लोको पायलट नहीं होता है। लोको पायलट ट्रेन चलाता है, जबकि गुड्स ट्रेन मैनेजर ट्रेन की पूरी यात्रा के दौरान ट्रेन के संचालन, सुरक्षा और समन्वय की जिम्मेदारी निभाता है। दोनों के काम अलग हैं और दोनों की भर्ती भी अलग होती है।

मुख्य जिम्मेदारियाँ

  • मालगाड़ियों की सुरक्षित और समय पर आवाजाही सुनिश्चित करना।
  • माल की लोडिंग और अनलोडिंग की देखरेख करना।
  • स्टेशन मास्टरों और ट्रेन कंट्रोल से समन्वय बनाए रखना।
  • प्रस्थान से पहले और बाद में ट्रेन की स्थिति की जाँच करना।
  • ट्रेन की आवाजाही से जुड़े रिकॉर्ड और रिपोर्ट तैयार करना।
  • सुरक्षा नियमों का पालन करना और उनका पालन करवाना।
  • आपात स्थिति में तुरंत निर्णय लेना और आवश्यक कार्रवाई करना।

यात्रा के दौरान गुड्स ट्रेन मैनेजर ट्रेन कंट्रोल और रास्ते में पड़ने वाले स्टेशनों से लगातार संपर्क में रहता है। ट्रेन के गंतव्य पर पहुँचने के बाद भी उसकी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती — उसे ट्रेन की स्थिति की जाँच और जरूरी रिकॉर्ड का काम पूरा करना होता है।

रिक्तियाँ और आवेदन की तिथियाँ

आरआरबी सीईएन 06/2026 के तहत स्नातक स्तर के कुल 3,548 पदों पर भर्ती निकली है। इनमें गुड्स ट्रेन मैनेजर के 2,750 पद हैं। यह इस भर्ती चक्र में सबसे ज्यादा रिक्तियों वाला पद है।

पद का नाम रिक्तियाँ
गुड्स ट्रेन मैनेजर 2,750
सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट 371
जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट कम टाइपिस्ट 300
चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर 127
कुल स्नातक पद 3,548

चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर का पद पे लेवल 6 में आता है और उसका बेसिक वेतन ₹35,400 है। इस भर्ती चक्र में स्टेशन मास्टर का पद नहीं है। यह बात ध्यान में रखनी चाहिए, क्योंकि कई अभ्यर्थी इस चक्र में स्टेशन मास्टर की भर्ती की उम्मीद कर रहे थे।

सही कुल संख्या 3,548 है — हिसाब ऊपर दी गई तालिका में है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • ऑनलाइन आवेदन शुरू: 8 अक्टूबर 2026
  • ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 6 नवंबर 2026, रात 11:59 बजे तक
  • शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 8 नवंबर 2026
  • आवेदन में सुधार की अवधि: 9 से 18 नवंबर 2026

आवेदन की अंतिम तिथि 6 नवंबर 2026 है। जो अभ्यर्थी अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, उन्हें अंतिम दिन का इंतजार नहीं करना चाहिए। अंतिम दिनों में वेबसाइट पर भार बढ़ जाता है और तकनीकी समस्या आ सकती है। आवेदन भरने के बाद शुल्क का भुगतान 8 नवंबर 2026 तक किया जा सकता है। यदि आवेदन में कोई गलती हो गई हो, तो 9 से 18 नवंबर 2026 के बीच सुधार विंडो में उसे ठीक किया जा सकेगा।

पात्रता — आयु, शिक्षा और मेडिकल मानक

आयु सीमा

गुड्स ट्रेन मैनेजर के पद के लिए आयु सीमा 18 से 33 वर्ष है। आयु की गणना 1 जनवरी 2027 के अनुसार की जाएगी। इसका अर्थ है कि अभ्यर्थी का जन्म 2 जनवरी 1994 से 1 जनवरी 2009 के बीच होना चाहिए।

आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को आयु में छूट मिलती है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को 5 वर्ष की छूट मिलती है। अन्य पिछड़ा वर्ग के गैर-क्रीमी लेयर अभ्यर्थियों को 3 वर्ष की छूट मिलती है। दिव्यांग अभ्यर्थियों को श्रेणी के अनुसार छूट मिलती है — अनारक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 वर्ष, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 13 वर्ष और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए 15 वर्ष।

शैक्षणिक योग्यता

इस पद के लिए किसी भी स्ट्रीम से स्नातक की डिग्री चाहिए। डिग्री किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से होनी चाहिए। डिग्री 6 नवंबर 2026 तक पूरी हो जानी चाहिए। जो अभ्यर्थी अंतिम वर्ष में हैं या जिनका परिणाम अभी आना बाकी है, वे इस पद के लिए पात्र नहीं हैं।

यह शर्त बहुत महत्वपूर्ण है — कई अभ्यर्थी यह सोचकर आवेदन कर देते हैं कि परिणाम बाद में आ जाएगा, लेकिन इस भर्ती में ऐसा नहीं चलेगा।

मेडिकल मानक — ए2

गुड्स ट्रेन मैनेजर के पद के लिए मेडिकल मानक ए2 लागू होता है। इसमें दूर की दृष्टि 6/9, 6/9 बिना चश्मे के होनी चाहिए। इसके साथ ही निकट दृष्टि, रंग दृष्टि, द्विनेत्री दृष्टि और रात्रि दृष्टि की जाँच भी की जाती है। जो अभ्यर्थी चश्मा लगाते हैं, उन्हें इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि दूर की दृष्टि बिना चश्मे के जाँची जाती है।

चयन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न

गुड्स ट्रेन मैनेजर की चयन प्रक्रिया में कुल चार चरण हैं — सीबीटी 1, सीबीटी 2, दस्तावेज़ सत्यापन और चिकित्सा परीक्षा। इस भर्ती चक्र में सीबीएटी नहीं है और टाइपिंग टेस्ट भी नहीं है। यह बात साफ तौर पर समझ लेनी चाहिए, क्योंकि बहुत से अभ्यर्थी पुराने पैटर्न से भ्रमित हैं। पहले कुछ पदों के लिए सीबीएटी या टाइपिंग टेस्ट होता था, लेकिन इस चक्र में गुड्स ट्रेन मैनेजर के लिए केवल ये चार चरण हैं।

सीबीटी 1

  • कुल प्रश्न: 100
  • कुल अंक: 100
  • समय: 90 मिनट
  • सामान्य जागरूकता: 40 प्रश्न
  • गणित: 30 प्रश्न
  • तर्कशक्ति: 30 प्रश्न
  • नकारात्मक अंकन: प्रत्येक गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक काटे जाएँगे
  • दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए समय: 120 मिनट

सीबीटी 2 के लिए अभ्यर्थियों को 1:20 के अनुपात में शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसका अर्थ है कि सीबीटी 2 की प्रत्येक रिक्ति के लिए 20 अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा।

सीबीटी 2

  • कुल प्रश्न: 120
  • कुल अंक: 120
  • समय: 90 मिनट
  • सामान्य जागरूकता: 50 प्रश्न
  • गणित: 35 प्रश्न
  • तर्कशक्ति: 35 प्रश्न
  • नकारात्मक अंकन: प्रत्येक गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक काटे जाएँगे

सीबीटी 1 की परीक्षा तिथि अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है — इस बारे में इंटरनेट पर चल रही किसी भी तारीख पर भरोसा नहीं करना चाहिए। परीक्षा तिथि की घोषणा होने पर रेलवे भर्ती बोर्ड की आधिकारिक सूचना ही सही मानी जाएगी।

तैयारी की रणनीति के लिहाज़ से यह समझना जरूरी है कि सीबीटी 1 में सामान्य जागरूकता का भार सबसे ज्यादा है — 100 में से 40 प्रश्न इसी विषय से आते हैं। सीबीटी 2 में भी सामान्य जागरूकता का भार सबसे ज्यादा रहता है — 120 में से 50 प्रश्न। इसलिए सामान्य जागरूकता, खासकर करेंट अफेयर्स, की तैयारी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गणित और तर्कशक्ति में भी नियमित अभ्यास जरूरी है, क्योंकि नकारात्मक अंकन के कारण अनुमान लगाकर उत्तर देना नुकसानदायक हो सकता है।

पाठ्यक्रम — सीबीटी 1 और सीबीटी 2

दोनों कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में वही तीन विषय पूछे जाते हैं — गणित, तर्कशक्ति और सामान्य जागरूकता। फर्क सिर्फ इतना है कि सीबीटी 2 में प्रश्नों की संख्या ज्यादा होती है। नीचे तीनों विषयों के पाठ्यक्रम का पूरा विवरण दिया गया है।

गणित

  • संख्या पद्धति
  • दशमलव और भिन्न
  • लघुत्तम समापवर्त्य और महत्तम समापवर्तक
  • अनुपात और समानुपात
  • प्रतिशत
  • क्षेत्रमिति
  • समय और कार्य
  • समय और दूरी
  • साधारण ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज
  • लाभ और हानि
  • प्रारंभिक बीजगणित
  • ज्यामिति और त्रिकोणमिति
  • प्रारंभिक सांख्यिकी

तर्कशक्ति

  • सादृश्य
  • संख्या और वर्णमाला श्रृंखला
  • कोडिंग-डिकोडिंग
  • गणितीय संक्रियाएँ
  • समानताएँ और भिन्नताएँ
  • संबंध
  • न्यायवाक्य
  • वेन आरेख
  • पहेलियाँ
  • आँकड़ों की पर्याप्तता
  • कथन-निष्कर्ष
  • निर्णय लेना
  • मानचित्र और ग्राफ की व्याख्या

सामान्य जागरूकता

  • समसामयिक घटनाएँ
  • खेल और खेलकूद
  • भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम
  • भूगोल
  • राजव्यवस्था और शासन
  • सामान्य विज्ञान और जीवन विज्ञान
  • कंप्यूटर अनुप्रयोग
  • भारतीय अर्थव्यवस्था
  • भारत में परिवहन व्यवस्था
  • सरकारी कार्यक्रम
  • महत्वपूर्ण संगठन
  • कला और संस्कृति

पाठ्यक्रम में भारत में परिवहन व्यवस्था एक ऐसा विषय है जो इस पद से सीधे जुड़ा है। रेलवे से जुड़े सामान्य ज्ञान के प्रश्न भी इसमें आ सकते हैं। इसलिए अभ्यर्थियों को भारतीय रेलवे की बुनियादी जानकारी भी तैयार रखनी चाहिए।

करियर में तरक्की और प्रमोशन

गुड्स ट्रेन मैनेजर के पद पर करियर में तरक्की की अच्छी संभावनाएँ हैं। लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के आधिकारिक उत्तर के अनुसार प्रमोशन की श्रृंखला इस प्रकार है — ट्रेन मैनेजर (माल) से सीनियर ट्रेन मैनेजर (माल), फिर सीनियर ट्रेन मैनेजर (यात्री) और उसके बाद ट्रेन मैनेजर (मेल/एक्सप्रेस)।

इसके अलावा गुड्स ट्रेन मैनेजर चयन के माध्यम से स्टेशन मास्टर और सेक्शन कंट्रोलर के पदों के लिए भी पात्र हो सकते हैं। यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि स्टेशन मास्टर रेलवे के सबसे प्रतिष्ठित पदों में से एक माना जाता है।

चयनित अभ्यर्थियों को क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें ट्रेन संचालन, सुरक्षा नियमों, सिग्नल व्यवस्था और आपात स्थितियों से निपटने की जानकारी दी जाती है।

पोस्टिंग, शिफ्ट ड्यूटी और कार्य-जीवन

गुड्स ट्रेन मैनेजर की पोस्टिंग पूरे भारत में किसी भी रेलवे ज़ोन या डिवीज़न में हो सकती है। यह एक अखिल भारतीय सेवा जैसा पद है, इसलिए अभ्यर्थियों को देश के किसी भी हिस्से में काम करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

यह एक परिचालन पद है, इसलिए इसमें शिफ्ट ड्यूटी और रात्रि ड्यूटी होती है। मालगाड़ियाँ दिन-रात चलती हैं और गुड्स ट्रेन मैनेजर को ट्रेन के समय के अनुसार ड्यूटी करनी होती है। ड्यूटी का समय निश्चित कार्यालयीन समय जैसा नहीं होता — यह ट्रेनों के संचालन पर निर्भर करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुड्स ट्रेन मैनेजर की सैलरी कितनी है?

गुड्स ट्रेन मैनेजर का बेसिक वेतन ₹29,200 प्रति माह है और यह पे लेवल 5 का पद है। महंगाई भत्ता 63 प्रतिशत के हिसाब से ₹18,396 बनता है। मकान किराया भत्ता और परिवहन भत्ता जुड़ने के बाद कुल सकल वेतन अनुमान के अनुसार एक्स शहर में लगभग ₹62,200, वाई शहर में लगभग ₹59,300 और जेड शहर में लगभग ₹53,500 हो सकता है। हाथ में मिलने वाली राशि अनुमान के अनुसार एक्स शहर में लगभग ₹54,000 से ₹56,000 और जेड शहर में लगभग ₹47,000 से ₹49,000 के बीच रह सकती है।

गुड्स ट्रेन मैनेजर के कितने पद हैं?

आरआरबी सीईएन 06/2026 के तहत गुड्स ट्रेन मैनेजर के 2,750 पद हैं। स्नातक स्तर के कुल 3,548 पदों में यह सबसे ज्यादा रिक्तियों वाला पद है।

आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 6 नवंबर 2026, रात 11:59 बजे तक है। शुल्क का भुगतान 8 नवंबर 2026 तक किया जा सकता है और आवेदन में सुधार 9 से 18 नवंबर 2026 के बीच किया जा सकेगा।

क्या इस भर्ती में सीबीएटी या टाइपिंग टेस्ट है?

नहीं, इस भर्ती चक्र में गुड्स ट्रेन मैनेजर के लिए न सीबीएटी है और न टाइपिंग टेस्ट। चयन प्रक्रिया में केवल चार चरण हैं — सीबीटी 1, सीबीटी 2, दस्तावेज़ सत्यापन और चिकित्सा परीक्षा।

गुड्स ट्रेन मैनेजर के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

किसी भी स्ट्रीम से स्नातक की डिग्री रखने वाला अभ्यर्थी आवेदन कर सकता है, बशर्ते डिग्री 6 नवंबर 2026 तक पूरी हो गई हो। आयु 1 जनवरी 2027 के अनुसार 18 से 33 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अंतिम वर्ष के छात्र या परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थी पात्र नहीं हैं।

क्या गुड्स ट्रेन मैनेजर लोको पायलट होता है?

नहीं, गुड्स ट्रेन मैनेजर लोको पायलट नहीं होता है। लोको पायलट ट्रेन चलाता है, जबकि गुड्स ट्रेन मैनेजर मालगाड़ी की सुरक्षित और समय पर आवाजाही, लोडिंग-अनलोडिंग की देखरेख और स्टेशन मास्टरों व ट्रेन कंट्रोल से समन्वय की जिम्मेदारी निभाता है। यह रनिंग स्टाफ का पद है और इसमें ट्रेन के साथ चलकर ब्रेक वैन ड्यूटी निभानी होती है।

सीबीटी 1 की परीक्षा कब होगी?

सीबीटी 1 की परीक्षा तिथि अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है, इसलिए किसी भी अनाधिकारिक तारीख पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

Last Updated: 7 November 2026

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